जेहादी आतंकवाद से ज्यादा खतरनाक बनता जा रहा मुस्लिम वोट बैंक का आतंक

Sunday, June 24th, 2012

भारत पिछले १३०० वर्षों से जेहादी आतंकवाद का सामना करता आया है। इसके कारण भारत में अब तक करोडो हिन्दुओं का नरसंहार हुआ है और करोडों का ही जबरन धर्मान्तरण हुआ है ।इसी आतंकवाद के कारण भारत का विभाजन भी हुआ है ।स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भी लगातार खतरनाक होते जा रहे इस आतंकवाद के कारण ७०००० से अधिक भारतीयों को मौत के मूंह मे समाना पडा है और लगभग ५०००० महिलाएं विधवा बनी हैं ।कश्मीर से केरल तक और असम से गुजरात तक हर प्रांत में इन्होने अपनी पकड कई बार सिद्ध की है ।आज भारत ही नहीं विश्व के ४२ देशों इस्लामिक जेहादी आतंकवाद से त्रस्त हैं।परन्तु जिस भी राष्ट्र ने संकल्प के साथ इनका मुकाबला किया है, इनको धराशायी करने में सफलता भी पायी है ।भारत इस आतंकवाद से सबसे अधिक त्रस्त है इसके बावजूद इसको परास्त करने की संकल्प शक्ति को लगातार कमजोर किया जा रहा है, जिसके कारण न केवल इसका स्वरूप विकराल होता जा रहा है अपितु इसको समाप्त करने का दायित्व जिनके पास है वे ही इसके पोषक बने हुए हैं। यदि कोई व्यक्ति या समूह इस अपवित्र व राष्ट्रघाती गठबंधन के विरुद्ध आवाज उठाता है तो ये सब मिलकर उनको कुचलने की भरपूर कोशिश करते हैं। मुस्लिम वोट बैंक को समस्त सैक्युलर बिरादरी ने अपने निहित स्वार्थों की पूर्ती के लिये इतना अपरिहार्य मान लिया है कि ये सभी उससे भयभीत रहते है और उसको खुश करने के लिये कुछ भी करने के लिये तत्पर रहते हैं। उसको खुश करनेके लिये ये न केवल इनसेपीडित हिन्दू समाज को ही दोषी ठहराते है अपितु देश के सीमित संसाधनो को उन पर बेदर्दी से लुटाने का कोई मौका नही छोडते। यदि कोई भी इनके इस काम मे बाधा डालता है तो ये सभी मिलकर उनको इस कदर धमकाते और बदनाम करते है कि वह सहम कर चुप रहने के लिये मजबूर हो जाताहै|देश की न्यायपालिका से लेकर चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाएंभीइनके निशाने पर आती रहती है और सब प्रकार की मर्यादाओं की धज्जी इनकी खुशी के लिये उडाई जाती है।

 

पिछले दिनों कुछ राज्यो के चुनावो मे मुस्लिम वोटों को हथियाने के लिये जिस तरह का नंगा नाच किया गया, वह सम्पूर्ण देश को शर्मिंदा करने के लिये पर्याप्त था। इन चुनावो की पूर्व संध्या मे साम्प्रदायिक एवं लक्षित हिंसा अधिनियम जिस ढंग से लाया गया उससे यह संदेश स्पष्ट रूप से दिया गया कि “अगर तुम वोट देते हो तो तुम्हारे को दंगों की छूट रहेगी और दंगों के शिकार हिन्दू समाज को ही हम अपराधी घोषित करने कर देंगे।” इसके बाद जिस जल्दबाजी मे मुस्लिम आरक्षण का आदेश दिया गया वह तो देश की जडे हिलाने और भारत के एक और विभाजन की आधारशिला रखने की तैय्यारी का स्पष्ट संदेश था । इसके बाद तो उत्तर प्रदेश मानो तुष्टिकरण का खुला अखाडा बन गया था। मुस्लिम आरक्षण की सीमा बढाने की होड मे ऐसा लग रहा था मानो अब भारत मे हिन्दू के लिये न कोई नौकरी बचेगी और न कोई शिक्षा का अवसर। इसके बाद कोई बटला एन्काउन्टर पर प्रश्न चिंह लगाने लगा तो कोई इस घटना के बाद सोनिया जी की आंखों मे आंसू दिखाने लगा। मुस्लिम आतंकियों की मृत्यु पर आने वाले ये आंसू हिन्दुओं की हत्याओं पर क्यों सूख जाते हैं, यह किसी को समझ मे नही आता । जब चुनाव आयोग ने विहिप के निवेदन पर मुस्लिम आरक्षण पर अस्थायी रोक लगायी तो चुनाव आयोग को जिस तरह की चुनौतिया दी गई वह बहुत ही शर्मनाक था । इन दंगाइयो को देश के कानून मन्त्री नेतृत्व प्रदान कर रहे थे। १९४७ के भारत विभाजन की नींव उत्तर प्रदेश मे ही रखी गई थी। ऐसा लग रहा था कि मुस्लिम वोटो के लिये एक और विभाजन की नींव इसी प्रदेश मे फिर से रखने की पूरी तैय्यारी हो रही थी।

 

मुस्लिम आरक्षण के असंवैधानिक एवं अनैतिक आदेश को जिस प्रकार न्यायपालिका द्वारा ठुकराया गया, वह एक अवसर था इस देश के सैक्युलर नेताओ के आत्मनिरीक्षण का। परन्तु इस अवसर पर जिस प्रकार की टिप्पणियां इन नेताओ की तरफ से आयी वह काफी चिंता का विषय था। इसी प्रकार की चुनौतियां मा. सर्वोच्च न्यायालय को तब भी दी गई थी जब सरकारी अनुदान पर चलने वाले अलिगढ मुस्लिम वि.वि. को अल्पसंख्यक दर्जा देने के सरकारी आदेश को न्यायपालिका ने अवैध घोषित किया था । अब राष्ट्रपति चुनावो की पूर्व संध्या पर जिस प्रकार हिंदूवादी प्रधानमन्त्री को ठुकराने की आनावश्यक चर्चा चलाई गई, उससे यह ध्यान मे आता है कि मुस्लिम तुष्टिकरण के लिये ये लोग किसी भी अवसर को भुनाने मे कोई कसर नहीं रखना चाहते

 

मुस्लिम समाज को खुश करने के लिये खिलाफत आन्दोलन से शुरू हुआ मुस्लिमतुष्टीकरण का यह जलजला भारत के विभाजन के बाद भी शांत नहीं हुआ। अब इसकी भीषणता और भी भयावह रूप धारण करती जा रही है। अब ये देश के कई और टुकडे कराने के बाद भी शान्त होगा ऐसा नही लगता। इसको रोकने का दायित्व हिन्दू समाज को ही स्वीकार करना पडेगा ।

 

 

4 Responses to जेहादी आतंकवाद से ज्यादा खतरनाक बनता जा रहा मुस्लिम वोट बैंक का आतंक

  1. Vikram singh

    So in response what we are doing , just crying hard.Writing blogs and putting our anger out of us. We can also do 26/11 in Karachi. why we don’t think of this things , they have ISI we have RAM , and I don’t case any thing else.

    But first goal is to clear India from this threat called muslims. I am ready to die not sure about other and even don’t case of cowards hindus who country is been looted and they don’t want to see/ know about this.

    Jai shree RAM

  2. Kumar

    पर हिन्दू वोट बैंक एक जुट हो कर कियो नहीं बनता? यदि ये बन जाये तो सब उचित हो सकता हैI

  3. raj kumar ravi

    Nov
    22
    कसाब को फाँसी – और फेंकन्दाज लोग ।

    २१ नवम्बर की सुबह मुम्बई पर अटैक करनें वालों में से एक आमिर अजमल कसाव को गोपनीय ढंग से फाँसी दे दी गई । कई चैनलों पर दिन भर न्यूज चलती रही । कुछ लोगों नें बड़े सिर पैर की बातें भी की । एक तेज फेंकन्दाज नें जोर से फेंकते हुए कहा – जानते हैं , कसाव की मौत डेंगू से हुई होगी । दुनिया में अपनी किरकरी होनें के डर से , कि एक कैदी का इलाज भी ठीक से नहीं करा सके , सरकार नें सारा नाटक रच डाला और अफवाह फैला दी कि कसाव को फाँसी दे दी गई । दूसरे स्पिनर क्वालिटी के फेंकन्दाज नें फेंका – हाँ मियाँ , इनकी बात में दम लगता है , काहे कि एक तो चोरों जैसा लटका देनें से ही शक पैदा हुआ । जब भी कोई काम चोरी-चोरी किया जाता है तो शक होना लाजिमी है । क्या सरकार को ऐसा अन्देशा या खौफ था कि देश के मुसलमान दंगा कर देंगे । बेचारे कसाव को लटकाया या नहीं हमें नहीं पता लेकिन उसे लटकानें और दफन कर देंनें में इतनी जल्दबाजी , कुछ हजम नहीं हुआ ऊपर से बेचारे मूर्ख जेहादी कसाव के लिये फातिहा तक नहीं पढ़वाया , पता नहीं उसके शरीर का पोस्टमार्टम कराये कि नहीं । यदि सरकार ने उसके शरीर का पोस्ट-मार्टम नहीं करवाया तो ठीक किया , नहीं तो कयामत के बाद जब बेचारे के कटे फटे जिस्म को जन्नत की हूरें देखती तो अपना मुँह बिचकाती ।
    देश के किसी बड़े मुस्लिम मजहबी शख्स नें कसाव को फाँसी दिये जानें या उसकी करतूतों के बावत कुछ भी नहीं कहा है । वे कहेंगे भी कैसे , क्योंकि बेचारा कसाब तो अपनी समझ से इस्लाम धर्म की सेवा और जेहाद में शहीद हुआ है , और जेहाद करना प्रत्येक मोमिन का फर्ज है , और कोई भी सच्चा मुसलमान एक जेहादी के खिलाफ बोलकर काफिरों की श्रेणी में आकर जहन्नुम की आग में क्यों जलना चाहेगा । वैसे सच बात तो यह है कि भारत में जेहाद करना बेवकूफी से ज्यादा कुछ नहीं है , क्योंकि थोड़ी आबादी और बढ़ाइये तो चुनावी दंगल में आपको कोई हरा भी नहीं सकता , वैसे भी माननीय प्रधान मंत्री जी का कहना भी है कि देश के संसाधनों पर पहला हक मुस्लिम भाइयों का है । जो कुछ जूठा या बचा-खुचा हो वो देश के सारे काफिरों के लिये होगा और ऐसा जायज भी है ।
    कसाव और उसके जैसे तमाम लोगों के साथ हमारी पूरी सहानूभूति है , लेकिन यह सहानूभुति उनके मरनें या फाँसी दिये जानें के बाद है । क्योंकि जीते जी वे लोग पूरी तरह से सम्मोहन के जाल में पड़े होते हैं जिनके जेहन में जेहाद -जेहाद -जेहाद और केवल जेहाद भरा रहता है । बेचारे नासमझ ऐसे शिकारियों के जाल में फँस जाते हैं जिनके मजबूत जाल से उन्हें निकलनें का केवल एक रास्ता है , जिसे मौत कहते हैं , भले ही उन्हें जिहादी और शहीद के रुप में प्रचारित किया जाये । जिहादियों के उत्पादन की फैक्ट्री के डाईरेक्टर उन्हें जेहादियों का वीडियो दिखाते हैं , मुसलमानों पर हो रहे अत्याचारों की झूठी फिल्म दिखाते हैं , जिससे उनके भीतर उन्मादी जज्बात पैदा होता है । उनके भीतर ऐसी आग भड़का देते हैं जिससे वे तुरन्त मरनें मारनें पर तैयार हो जाते हैं । इनमें ज्यादातर ऐसे युवक होते हैं जो बेहद जज्बाती किस्म के होते हैं । ऐसे ही लोगों को ये नीच और जालिम लोग अपनें हाथ की कठपुतली बना लेते हैं । उन्हें बताया जाता है कि – क्या रखा है इन रण्डियों , वैश्याओं आदि लड़कियों में , यहाँ दिल मत लगाओ , जेहाद करो ऊपर की तैयारी करो , जहाँ एक से बढ़कर एक हूरें , तुम्हें मिलेंगी जिनकी संख्या ७० होगी , तुम वहाँ तीस साल के युवा बनकर सदैव रहोगे और तुम्हें १०० मर्दों की कूवत अता की जायेगी , मजा मारो , ऐश करो जन्नत में , यहाँ क्या करोगे । इन सब बातों से गरीब कच्ची उम्र का लड़का , ऐसे मूर्ख जेहादी निर्माताओं के झाँसे में आ जाता है । लेकिन वे जेहादी नौजवान , ऐसे हालात में नहीं होते कि वे उससे पूछें कि – ऐ कमीनें , तू खुद क्यों नहीं , जेहादी बनकर शहीद होता और हूरों के साथ जन्नत में सम्भोग और ऐश करनें की तैयारी करता , जिनके जिस्म पर ऐसे कपड़े होंगे , जिनसे उन हूरों का सारा अंग-अंग नजर आयेगा , और उसकी नसों में बहनें वाला रक्त भी साफ नजर आयेगा ।
    ऐसे ही किसी कमीनें का शिकार बेचारा यह कसाव हुआ है , जिसे इस बात की जानकारी भी नहीं होगी कि कयामत होनें से पहले उसे जन्नत नसीब ही नहीं हो सकती और ७०-७० हूरों से उसकी भेंट भी नहीं हो सकती । धरती पर ऐसे जेहदियों की पत्नीं या पत्नियाँ हैं , उनके बारे में ये मूर्ख , कमीनें , जेहादी-निर्माता , कुछ भी नहीं कहते । इससे साफ जाहिर है कि इस्लामी जेहादियों को अपनीं पत्नियों से ना तो लगाव है ना ही प्रेम । तभी तो वे मात्र जन्नत के ऐशो आराम और हूरों को पत्नीं के रुप में पानें के लिये , जेहादी बनकर मरना ज्यादा पसन्द करते हैं ।
    अब बात करते हैं , जेहादी औरतों की । जन्नत में ,एक-एक जेहादी पुरुष को कयामत के बाद और अल्ला के पहले से घोषित फैसले के मुताबिक जेहाद में शहादत के बाद हूरें मिलेंगी । वह भी ७०-७० । जिनके हुस्न का कोई जोड़ नहीं होगा और वे माहवारी , शौच , और ऐसी तमाम बातों से मुक्त होंगी , यानि रैगूलर सेक्स के लिये रेडी । पर बेहद अफसोस , बेचारी जेहादी औरतों के लिये अल्ला नें पुरुष हूराओं की व्यवस्था नहीं की , ना तो वहाँ धरती वाला पति होगा ना हीं कोई हूरा तो , तो बेचारी मुस्लिम औरत या जेहादी औरत जायेगी कहाँ । मुस्लिम औरतों को जन्नत में कोई जगह मिलेगी या नहीं , नहीं पता । क्योंकि जेहाद में शहीद होनें पर कयामत के बाद वे जन्नत में जायेंगी या नहीं , इस पर भी , मुल्लाओं में मतभेद है , क्योंकि वे नापाक हैं जैसा कि , हाजीपीर ( मुम्बई ) में औरतों को नापाक कहकर , उनको दरगाह में घुसनें से उन्हें रोक दिया गया ।
    कुछ और महत्वपूर्ण बातें , जो कसाव की फाँसी के बाद अचानक जेहन में पैदा हुई हैं , उनपर गौर करना जरुरी है । पहला ये कि – जेहादी पुरुष जब जेहाद में मर कर दफन होगा उसे कयामत के दिन कब्र से जिन्दा किया जायेगा , बाकी सभी धर्म वाले भी जिन्दा किये जायेंगे जिन्हें जहन्नुम की आग में जलनें का पहले से फैसला अल्ला नें कर दिया है । फिर भी सभी का फैसला जो कि दिखावटी और पहले से तय किया हुआ है , सुनाया जायेगा । फैसले के तहत , केवल नमाज और जकात कायम करनें वाले को जन्नत नसीब होगी । बाकी सबकी खालें जहन्नुम की आग में जलायी जाय़ेंगी , और खाल जल जानें पर दूसरी खाल पहना कर जलाया जायेगा ।
    भगवान का लाख-लाख शुक्र है कि भारत और दुनिया के तमाम देश के लोगों नें कुरान नहीं पढ़ा और पढ़नें में रुचि भी नहीं लेते हैं ।
    हमारा देश और यहाँ के देशवासी यह मानकर चलते हैं कि , यदि देश के केवल २०% मुस्लिम भाई सही सोच वाले और जाहिल किस्म के तर्क देंनें वाले नहीं होंगे तो , २०-२५ साल तक शान्ति ,अमन और भाई चारा किसी तरह से निभ सकता है । क्योंकि सच्चाई यह है कि ईस्लाम वास्तव में प्रेम की बात भाईचारे की बात उसी के साथ करता है जो ईमान वाला हो और जो नमाज कायम करे व जकात दे ।
    और-और-और-और , जितनें भी हमारे सेकूलर नेता या समाज सेवक हैं , या तो जानते नहीं या जान बूझकर लोगों को मूर्ख बनानें के लिये ,बिना कुरान व हदीस का अध्ययन किये ही , इस्लाम धर्म को अहिंसक , भाईचारा और प्रेम व शान्ति वाला मजहब कहते हैं ।
    हाँ कुछ जाबाँज मुस्लिम हैं जो अच्छी तरह से जानते हैं और महसूस करते हैं कि जब वे बातें धर्म में शामिल की गई होंगी , तब हो सकता था , उसकी जरुरत रही हो । लेकिन मेरे भाई , अगर वैसी ही दकियानूसी सोच के साथ आज के सभ्य संसार में , जीना चाहते हो तो , कसाव के बाद तुम्हारा नम्बर है ।
    वैसे दुनिया में , कई ऐसे फेंकन्दाज हैं , जो लम्बी- लम्बीं फेंकते हैं ,और इतना बढ़िया फेंकते हैं , जैसे कि , अभी सीधे , खुदा से मिलकर , जन्नत में रहकर , हूरों की व्यवस्था करवाकर आ रहें हैं । अल्ला जानें कब कयामत आयेगी और हम जाकिर नायक जैसे महान् फेंकू और उस जैसे तमाम मौलानाओं की फेंकन्दाजी से बचे रहेंगे ।
    अन्त में कसाव से – मेरे भाई कसाव , हमें तो जहन्नुम की आग में झोंकनें का फैसला तुम्हारे खुदा नें पहले से कर लिया है । तुम्हारी भेंट तो अल्ला या रसूल से या नबी से कयामत के दिन ही होगी । यदि कोई और जुगाड़ हो तो , कयामत से पहले ही खुदा से प्रार्थना करना कि – एक बहुदेववादी चाहता है कि सारे काफिरों का मन फिरा दो । खुदा कसम , यदि अल्ला नें हम सभी मुनाफिकों , मूर्तिपूजकों , बहुदेववादियों , काफिरों का मन फिरा दिया और अपनें रास्ते पर ला दिया तो , फिर जेहाद करनें की जरुरत ही नहीं पड़ेगी , और फिर हम लोग , मच्छर , मक्खी , खटमल , जुएँ , कुत्ते की किलनी , दाद ,खाज , खुजली , सिफलिस , कोढ़ , टीबी , दमा , कैंसर , ऐड्स और गरीबी तथा भूखमरी आदि के खिलाफ जंग का एलान करते हुए जेहाद करेंगे ।
    लेकिन मेरे , मरे हुए भाई कसाव (तुम्हे स्वर्गीय या जन्नतवासी नहीं कह सकते क्योंकि कयामत से पहले तो तुम्हें कुछ मिलना नही है ) , तुमनें भी वह जेहादी वीडियो देखा होगा जिसमें , जेहादियों को सुनाया जा रहा है – गोरी और गजनी के बेटों नें तलवार उठा ली है । लेकिन सोचो , आज क्या आज के दौर में तलवार के बल पर तुम सारे जहाँ पर हुकूमत करनें लायक हो । विज्ञान नें तरक्की कर ली है और अल्ला या भगवान को हम प्रकृति के रुप में भी देखते हैं जिसपर सभी का समान हक है । वह कैसा भगवान या अल्लाह है जो किसी शपथ या निशानी दिखलानें का मोहताज हो , उस करुणामय नें सारी चीजें हमें दी हैं , जिनका हमें बराबरी से बाँटकर हिस्सा भर लेना है । उस तत्वदर्शी , सब कुछ जाननें वाले , दयावान् को तुम कैसे केवल अपनें लिये बाँधकर रख सकते हो । जहाँ जिस चीज की जरुरत है , उस भगवान या अल्लाह नें रख छोड़ी हैं , किसी भी चीज पर उसनें हमारा या तुम्हारा नाम नहीं लिखा । वे मूर्ख अज्ञानी जो सारी दुनिया पर अपनें फिरके की हुकुमत कायम करनें का ख्वाब , तुम जैसों के कन्धे पर बन्दूक रखकर देख रहें हैं , वास्तव में वे ही जालिम किस्म के लोग हैं जो दुनिया में भेद पैदा कर रहे हैं और उस परम् तत्व भगवान , अल्लाह या खुदा को जुदा करनें के फिराक में हैं ।
    हे कसाब – और कसाब के साथ मारे गये हिमायतियों , इतना जरुर जान लो , तुम लोग भटके हुए लोग थे । तुम्हारे अलावा अन्य बहुत से भटके लोग हैं जो अभी भी तुम मूर्खों की तरह ही उस काल्पनिक जन्नत का टिकट लेनें की कोशिश में हैं , जिसमें तथा कथित इन्ट्री भी मिलेगी तो कयामत के बाद , और यह कयामत कब आयेगी , यह ना तो इस्लाम ब्रान्डेड अल्ला नें रसूल को बताया ना ही किसी मुल्ला या मौलवी नें ।
    मूर्ख जाहिल , जेहादियों को धर्म के नाम पर आत्म-हत्या के लिये प्रेरित करनें वाले निश्चित-रुप से , कुशल जादूगर हैं , जो आज के विज्ञान के युग में भी , ऐसे लोगों को तैयार कर लेते हैं जो अपनी जान धर्म के नाम पर देंनें के लिये तैयार हो जाता है । जाहिर बात है जब , तुमअपनी जान दे सकते हो और दूसरे की जान लेनें की कोशिश कर सकते हो तो , सामनें वाला भी अब तुम्हारा गला काटनें और तुम्हारे आकाओं , मुल्लाओं , मौलवियों की आतें बाहर निकालनें में कोई संकोच नहीं करेगा । और वह समय अब आ गया है ।
    हे दुनिया भर के जेहादी जाहिलों और असभ्यों – ” सच बात तो यह है कि दुनिया के सारे सभ्य लोग , तुम लोगों को अक्लहीन और निकृष्ट मानकर , तुम लोगों की पगलैटी यानि पागलपन को , नजरअन्दाज करते रहे ताकि तुम लोगों को अल्ला कभी तो सही रास्ता दिखलायेगा , लेकिन तुम लोग यही सोचते हो कि तुम्हारे अलावा सारी दुनिया के लोग भटके हुए हैं , जिनपपर खुदा का कहर टूटेगा । हे इस दुनिया को दो खेमों – इस्लाम माननें वाले और ना माननें वालों , में बाँट देनें वाले , दुनिया के सबसे कमीनें इंसानों , अपनें बारे में सोचो कि तुम लोग कितनें भटके हुए लोग हो ।
    हे निकृष्ट जेहादियों , इस देश भारत के बारे में सोच , यहाँ के लोगों नें , किस कदर इस्लामी अत्याचार को , बर्दास्त किया और आज भी वे सब कुछ सहन करते हुए क्षमा की मुद्रा में रहते हैं , जिसके कारण तुम लोग इन्हें कायर और कत्ल के योग्य मानते हो । ये हिन्दू , तुम लोगों के कारण नहीं ,अपनें ही बीच के सेकूलर नेताओं के कारण ही मारे जायेंगे , क्योंकि सेकूलर नेता भी जाहिल ही है , उन लोगों नें तो कुरान , हदीस पढ़ी ही नहीं है और , लोगों को , इस्लाम धर्म के बारे में गलत बातें बताते हैं कि इस्लाम धर्म , शान्तिप्रिय , अहिंसक और भाई-चारे का धर्म है । हम हिन्दू , काफिर लोग जानते हैं कि तुम लोग खूब खुश होते होगे , जब कोई सेकूलर जाहिल नेता , वैसी बातें करता है ।
    पिछले हजार साल से हम इस देश के हिन्दू , तुम लोगों के साथ सख्ती नहीं किये हैं । जैसा की कुरान में अल्ला नें हम हिन्दूओं के साथ बरतनें को लिखा है । देश के हिन्दू इस बारे में सोच भी नहीं सकते थे कि किसी के धर्म का भगवान , अन्य इंसानों पर अत्याचार और उनके कत्ल करनें आ आदेश भी दे सकता है । यदि कत्ल ही करवाना था तो अल्ला नें पैदा ही क्यों किया । कुरान में लिखा है कि – अल्ला नें किस प्रकार इंसान को औरत की योनि में डाला , धीरे-धीरे उसे विकसित किया और फिर इस दुनिया में पैदा किया । इंसान पैदा करनें की इस प्रक्रिया का पालन केवल अल्ला ही करता है तो उसका कन्ट्रोल , वैसे पैदा होनें वाले के मन मष्तिष्क पर भी होना चाहिये , जो उसके आदेश का पालन करता । लेकिन लगता है , दुनिया के सारे मुनाफिकों , मुश्रिकों , काफिरों , बहुदेववादियों , मूर्तिपूजकों , पर से अल्ला का नियंत्रण या कन्ट्रोल नहीं हो पाया , बेचारा मुस्लिम ब्रान्डेड अल्लाह ।
    अरे जाहिलों , सारे इंसानों के पैदा होनें की प्रक्रिया एक जैसी होती है । यदि केवल अल्ला ही पैदा करनें वाला है तो , वह दूसरा कौन है जिसनें हमें या बाकी दुनिया के लोगों को पैदा किया । तुम कहोगे – बाकी दुनिया के लोग जो ईमान नहीं लाते वे भटके हुए लोग हैं । माना कि सारी दुनिया के लोग भटके हुए और पागल हैं , लेकिन यदि तुम बड़े काबिल और दिमागदार हो तो बताओ , जो काम तुम्हारा अल्ला या खुदा नहीं कर सका , तुम उसको कर पाओगे ? तुम कहोगे बेशक , जिस प्रकार तलवार के बल पर , लालच के बल पर भारत के तमाम लोगों को सही रास्ते पर ला दिया । यदि तुम्हारे पुरखों नें अल्ला से भी बड़ा काम कर दिया था तो उन्हें अल्ला से भी बड़ा खिताब मिलना चाहिये था जबकि वे केवल गाजी आदि की उपाधि तक ही सीमित रह गये । अब तुम चले हो , फिर उसी राह पर नये अन्दाज और हाईटेक स्टाईल में , अल्ला द्वारा ना हो सके काम को पूरा करनें । तुम मरोगे , तबाह होगे , लेकिन तुम्हारा आका केवल तुम्हें अपनें बन्दूक की गोली की तरह , जेहाद रूपी बन्दूक में भर-भरकर दागता रहेगा । तुम गोली की तरह दगते रहोगे , वह तुम्हारे जैसे लोगों को फिर गोली बनाकर जेहादी बन्दूक में भरनें का प्रयास करेगा ।

    ऐ जुनूनी ,जेहादी लोग , काश अपना दिल व दिमाग गिरवी रखनें से पहले एक बार भी अपनें आकाओं से पूछ लेते कि – क्या तुम्हारा सगा बेटा , तुम्हारा सगा भाई , सगी बेटी , या तुम खुद जेहाद करके जन्नत के ख्वाहिसमन्द नहीं हो जो हमें जन्नत का टिकट बिना माँगे मुफ्त में दे रहे हो । वह भी एक ऐसी जन्नत जिसका दरवाजा कयामत के बाद खुलेगा – धन्य है तुम लोगों का धैर्य और तुम्हारी ख्वाहिसें और तुम्हें समझानें वाले फेकन्दाज । खुदा करे कि कयामत हो तुम लोग जन्नत में ऐशो आराम से रहो और तुम लोगों को ७०-७० हूरें भी मिले ।
    ———————————————————————————————————————————–

    Posted 2 days ago by raj kumar
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  4. manjeet yadav

    apko pata hoga hamara yaha gurgaon mein gotashkro dawara vikrant nam ke yova ke hatya kar di gai hai

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