क्या न्यायपालिका के चाबुक से ही ममता पर लगाम लग सकती है ?

Thursday, January 19th, 2017

ममता ने, जेहादी तत्वों को हर प्रकार की छूट और हिन्दू समाज ,हिन्दू संगठनों व् राष्ट्रवादी संगठनों का दमन , को अपनी गद्दी बचाये रखने का अचूक फार्मूला समझ रखा है | इसीलिए वे दुर्गापूजा जैसे उत्सवों की परम्पराओं पर प्रतिबन्ध लगाने का दुस्साहस भी कर लेती हैं |हिन्दू समाज की कोई पुकार उनके बहरे कानों में नहीं पड़ती |न्यायपालिका को ही आगे आकर ममता के नापाक इरादों पर रोक लगानी पड़ती है | एक बार फिर ममता ने अपने जेहादी चरित्र के अनुकूल रा.स्व.सं. की एक शांतिपूर्ण सभा की अनुमति वापस ले लेती है | एक बार फिर न्यायपालिका ने ही इस बेलगाम जेहादी घोड़े पर चाबुक लगाई और रोक लगाने के हिटलरी फरमान को रद्द करना पड़ा |

आज ममता मुस्लिम तुष्टिकरण की इस अंधी दौड़ में भारत की सेक्युलर बिरादरी में सबसे आगे निकल चुकी हैं |वे सब सीमाएं पार कर चुकी हैं|मौलवियों पर सरकारी खजाने को बहुत बेदर्दी से लुटा रही हैं | देश के प्रति गद्दारी सिखाने वाले मदरसों को खुले हाथों से अनुदान दिए जा रहे हैं|वर्धमान सहित सभी बम विस्फोटों में तृणमूल से ही जुड़े मुस्लिम अपराधी सामने आ रहे हैं परन्तु किसी पर कोई कार्यवाही नहीं हो रही है |देशविरोधी कामों में संलिप्त बंगलादेशी घुसपैठियों को वे हर प्रकार का संरक्षण दे रही हैं | पुलिस भी अपराधियों को पकड़ते समय उनका धर्म देखती है | किसी मुस्लिम अपराधी को पकड़ने पर उस अफसर के खिलाफ कार्यवाही निश्चित है | इसलिए मालदा में पुलिस स्टेशन को एजी लगाकर हथियार लूटने वाली उन्मादी जेहादी भीड़ की हिंसा को वे लाचारी से देखते रह जाते हैं |पूरे देश की सेक्युलर बिरादरी चिल्लाती है कि मुस्लिम समाज को उनकी जनसंख्या के अनुपात में मेडिकल व् इंजीनियरिंग संस्थाओं में प्रवेश नहीं मिलाता परन्तु ममता ने २०१६ की मेडिकल प्रवेश परीक्षा में जनसंख्या, साक्षरता के सभी अनुपातों को ध्वस्त करके मुस्लिम युवकों की जबर्दस्त भर्ती की है |इसी रिकार्डतोड़ तुष्टिकरण का प्रभाव है कि आज बंगाल के जेहादी तत्व १९४६ की प्रत्यक्ष कार्यवाही [Direct Action] को ७० साल के बाद दोहरा रही है |

इसी का परिणाम है कि अब बंगाल के जेहादी दरिंदों को हिन्दू समाज पर हमला करने के लिए कोई कारण खोजने की जरुरत नहीं होती |मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में तो वे जब चाहे हिन्दुओं पर हमला करते हैं , उनके मंदिरों को ध्वस्त करते हैं ,घरों व् दुकानों को लूटते हैं तथा महिलाओं को अपमानित करते हैं |हर उत्सव इन हिन्दुओं के लिए शोक संदेश लेकर आता है | उत्सव चाहे हिन्दुओं का हो या मुसलमानों का ,मुस्लिम समाज हिन्दुओं पर हमला करके ही उत्सव मनाता है | माँ दुर्गा के प्रतिमा विसर्जन उत्सव पर हुई जेहादी हिंसा के तांडव की स्मृतियाँ अभी धूमिल भी नहीं हुई थी कि मिलाद-उल-नबी एक नयी आफत लेकर आई | धुलागड़,कटवा ,रामपुर हाट,बगानैन, सांकरैल,मल्लारपुर ,शिवाताला ,देवोंघट ,भगवानपुर आदि बीसियों   जगह पर सैकड़ों घरों व् दुकानों को लूटा गया , दसियों मंदिरों को तोड़ा गया व् सैकड़ों हिदुओं को घायल किया गया |पुलिस मूकदर्शक बनी रही | अगर किसी हिन्दू ने शिकायत की तो उसी पर केस दर्ज किया गया | मुख्यमंत्री के रूप में प्रजा के संरक्षण का संकल्प लेने वाली ममता को हिन्दुओं का रुदन सुनने की फुर्सत नहीं थी | वह तो विमुद्रीकरण की चोट से बौखलाई एक शहर से दूसरे शहर की ओर दौड़ रही थी और समर्थन नहीं मिलने के कारण वह विक्षिप्त सी हो गयी थी | उसके पागलपन का परिणाम हिन्दू समाज को भोगना पड़ रहा था |

१२  दिस., २०१६ को ममता ने बंगाल के समाचारपत्रों में विज्ञापन छपवाकर मोहम्मद साहब के जन्म दिन पर प्यार और मुहब्बत का पैगाम दिया था , परन्तु उनके अनुयायी हिन्दुओं पर हमला करके उनका जन्म दिन मना  रहे थे | यह शांति का संदेश हिन्दुओं के लिए था ,” मार खाओ,घर -दुकानों को जलवाओ , इज्जत लुटवाओ पर शांत रहो|बोले तो जेल भेज दिए जाओगे |”

कुछ लोगों का कहना है कि बंगाल अब बांग्लादेश बनने की रह पर चल पड़ा है | परन्तु वास्तव में बंगाल की स्थिति अधिक भयावह है | बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचारों का विरोध भी होता है , सरकार जेहादियों को सजा भी देती है और उन अत्याचारों के समाचार छपने पर कोई रोक भी नहीं होती है | बंगाल में ममता इन अत्याचारों को स्वीकार ही नहीं करती है अपितु समाचार पत्रों को भयभीत करके छपने भी नहीं देती |पुलिस भी पीड़ित हिन्दुओं को ही सजा देती है , जेहादियों पर हाथ उठाने का तो सवाल ही पैदा नहीं होता | वास्तव में बंगाल की स्थिति तो पाकिस्तान जैसी बन गयी है |पाकिस्तान में हिन्दुओं के साथ वाही कुछ होता है जो आज बंगाल में हो रहा है |

मुस्लिम वोट बैंक को बनाये रखने की सनक ने आज ममता को हिन्दू विरोध से भी आगे जाकर देशविरोधी बना दिया है |टोलबुथ पर सेना की सामान्य कार्यवाही को सेना द्वारा ममता का तख्ता पलट की कार्यवाही घोषित करके उसने सेना को भी कटघरे में खड़ा करने का अक्षम्य अपराध किया है |कोई भी मौलवी भारत विरोधी फतवा जरी कर देता है ,जेहादियों का हर हजूम पाकिस्तान का झंडा हाथ में लेता है | ममता का मुख्य सलाहकार इमाम बरकती प्रधानमंत्री के खिलाफ एक भद्दा फतवा जरी करता है | उसने एक टी.वी. वार्ता में एक व्यक्ति का गला काटने की धमकी भी दे डाली |परन्तु अभी तक उसके विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं हुई | ममता संभवतः भूल गयी कि ऐसे ही एक मौलवी ने धमकी दी थी की अगर ममता वायदे पूरे नहीं करेगी तो उसे चोटी पकड़कर घसीटा जायेगा| ममता दी ! आग से मत खेलो| इनकी मांगें अंतहीन हैं | जब इनकी मांगें पूरी नहीं होंगी ,तब ये तुम्हें भी गद्दी से उतार फेकेंगे | ये जेहादी हमेशा किसी के सगे नहीं हुए हैं |

हिन्दुओं ! जागो !! कांग्रेस , वामपंथी और अब ममता ने तुष्टिकरण के लिए एक दूसरे से बढ़कर दौड़ लगायी है |इसी कारण सोनार बांग्ला अब बर्बाद बांग्ला बन गया है |इसे वापस सोनार हिन्दू ही बना सकता है | एक सशक्त एवं संगठित हिन्दू ही अपनी रक्षा कर सकेगा व् बंगाल का खोया वैभव लौटा सकेगा | अब ” न दैन्यं न पलायनं” का मंत्र ही हिन्दू समाज व् बंगाल का सुरक्षा कवच बन सकता है |

Leave a Reply

*