जामिया मिलिया इस्लामियाःभारत के एक और विभाजन का शस्त्रागारJamia Millia Islamia: An Arsenal for another Partition of India

Tuesday, March 1st, 2011

अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय को पाकिस्तान का शस्त्रागार कहा जाता है। १९४७ से पूर्व और उसके पश्चात वहां चल रही गतिवधियों का गहराई से अध्ययन करने पर उपरोक्त कथन की सत्यता ध्यान में आ जाती है। १९४७ से पहले वहां पर न केवल पाकिस्तान के विचार को बौद्धिक आधार दिया जाता था अपितु उसके पक्ष में […]

गोवा-भोग भूमि नहीं,पुण्य भूमि है\Goa-not a Land of hedonists but a land of holiness

Tuesday, January 11th, 2011

गोवा पर्यटन विभाग के प्रचार तथा हिन्दी चल चित्रों के प्रभाव के कारण आम समाज में गोवा की कल्पना केवल मौज मस्ती करने वालों की क्रीडा स्थली के रूप में होती है। ७,८ व ९ जनवरी,२०११ को विश्व हिन्दू परिषद की गोवा में आयोजित प्रबंध समिति व प्रन्यासी मंडल की बैठक में आये अधिकांश कार्यकर्ता […]

“शहीदी जोड” मेला- बलिदानों की परम्परा का अदभुत उत्सव/”Shahidi Jod Melaa”-A unique tradition of celebrating sacrifices

Friday, December 31st, 2010

हनुमत शक्ति जागरण के कार्यक्रम के निमित्त जैसे ही मैनें पंजाब की सीमा में प्रवेश किया, एक अदभुत दृश्य देखने को मिला। सडक पर ट्रैफिक रूका हुआ था। मुझे लगा कि सीमा होने के कारण चैकिंग हो रही होगी। परंतु जब वाहनों ने गति नहीं पकडी तो साथ चल रहे कार्यकर्त्ताओं से जानकारी लेने के […]

सैक्युलरवादियों के दोगलेपन का ताजा शिकार- भारत की न्यायपालिका/Indian Judiciary- the latest target of Indian “Secularists”

Wednesday, December 29th, 2010

माओवादियों के मददगार विनायकसेन व दो अन्य को राजद्रोह के अपराध में आजीवन कारावास की सजा घोषित होते ही ऐसा लगा मानो भारत के सैक्युलर जगत में भूकम्प आ गया। इनकी सारी बिरादरी एक स्वर में न्यायपालिका के पीछे हाथ धोकर पड गई। इनके लिये  भारतीय संविधान से लेकर भारत के न्यायाधीशों तक , सभी “गरीब […]

कांग्रेस के १२५ वर्ष- बोझ तले सिसकता भारत\ 125 Years of Congress-India reeling under burden

Tuesday, December 28th, 2010

 भारत के सबसे बडे राजनीतिक दल, कांग्रेस,  की स्थापना को १२५ वर्ष हो चुके हैं। भारत पर इस समय कान्ग्रेस के नेतृत्व में ही सरकार चल रही है परंतु देश में भारत के सबसे पुराने राजनैतिक दल के इस महत्वपूर्ण अवसर पर कोई उत्साह नहीं दिखाई दे रहा। चारों तरफ एक हताशा सी दिखाई दे रही […]