आर्यसमाज की हीरक जयंती से पूर्व आत्म मंथन

Thursday, February 28th, 2019

वर्ष प्रतिपदा के पावन दिवस 10 अप्रैल, सन् 1875 को महर्षि दयानंद सरस्वती द्वारा स्थापित आर्य-समाज ने अब तक देश के धार्मिक, सामाजिक, आध्यात्मिक व राष्ट्रीय विषयों पर अपनी गहरी पैठ बनाई है. इसके द्वारा अविद्या के नाश व विद्या वृद्धि, अँध-विश्वासों, आडंबरों, मिथ्याचरण, बाल विवाह, बेमेल विवाह, सामाजिक कुरीतियों, सामाजिक असमानता इत्यादि पर प्रहार […]

हिन्दुत्व – न दैन्यं न पलायनम

Saturday, November 11th, 2017

भगवान कृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश देते हुए कहा था, ‘‘न दैन्यं न पलायनम।’’ अर्जुन को प्रेरणा देने के लिए कहा गया यह वाक्य वास्तव में एक सच्चे हिन्दू के चरित्र को भी परिभाषित करता है। हिन्दू ने न कभी पराजय स्वीकार की है और न कभी रणक्षेत्र छोड़कर भागना स्वीकार किया है। […]

गौरक्षा के सम्बन्ध में केंद्र सरकार का अंतर्द्वंद

Sunday, July 23rd, 2017

वर्त्तमान भाजपानीत केंद्र सरकार ने भारत के विकास के कई नए आयाम स्थापित किये हैं। सम्पूर्ण विश्व में भारत एक मजबूत देश रूप में उभरा है , इसका श्रेय वर्त्तमान सरकार को ही जाता है। राष्ट्र विरोधी अप्रासंगिक होते जा रहे हैं और राष्ट्रभक्ति हिलोरें ले रही है। यह दृश्य सबको ख़ुशी से भर देता […]

क्या न्यायपालिका के चाबुक से ही ममता पर लगाम लग सकती है ?

Thursday, January 19th, 2017

ममता ने, जेहादी तत्वों को हर प्रकार की छूट और हिन्दू समाज ,हिन्दू संगठनों व् राष्ट्रवादी संगठनों का दमन , को अपनी गद्दी बचाये रखने का अचूक फार्मूला समझ रखा है | इसीलिए वे दुर्गापूजा जैसे उत्सवों की परम्पराओं पर प्रतिबन्ध लगाने का दुस्साहस भी कर लेती हैं |हिन्दू समाज की कोई पुकार उनके बहरे […]

समरसता के पुरोधा – डा. भीमराव अम्बेडकर

Tuesday, December 6th, 2016

६ दिसम्बर भारत के आज के युग की स्मृति के निर्माता और समरसता के महामंत्र के सृजक डा.भीमराव अबेडकर की पुन्य तिथी है | आज उनको स्मरण कर उनको भावांजलि देना हर कृतज्ञ हिन्दू का पावन कर्तव्य है | छुआछुत भारत का मूल स्वभाव नहीं है | भारत वेदों की धरती है | ऋग्वेद की […]