बाघाजतिन- भारत माँ का एक महान सपूत

Tuesday, September 8th, 2015

  वर्ष २०१५ भारत के इतिहास में एक अनोखा वर्ष है | इस वर्ष ८७ क्रांतिकारियों के बलिदान को १०० वर्ष पूरे हो रहे हैं| इन सबका अपना महत्त्व है , लेकिन जतिंद्र नाथ मुखर्जी (बाघाजतिन ) इस सूचीमें विशिष्ट स्थान रखते हैं| ९ सितम्बर को उनके बलिदान को १०० वर्ष पूरे हो रहे हैं […]

जातीय आरक्षण की बढ़ती हुई मांगो का समाधान

Friday, September 4th, 2015

गुजरात में पटेल समाज के एक वर्ग द्वारा आरक्षण की मांग को लेकर किया गया भीषण आन्दोलन देश के चिन्तक वर्ग को इस विषय पर विचार करने के लिए बाध्य कर रहा है | आरक्षण की मांग को लेकर हरियाणा का जाट समाज , राजस्थान का मीणा समाज व् महाराष्ट्र का मराठा समाज पहले से […]

जनसंख्या का असुंतलन – भारत के लिए खतरे की घंटी

Friday, September 4th, 2015

जनगणना केवल आंकडे़ नहीं, उस समूह की पहचान होती है। भारत की जनसंख्या का तेजी से बढ़ता असंतुलन न केवल उसकी पहचान समाप्त कर रहा है अपितु भारत के अस्तित्व के लिए भी खतरा बनता जा रहा है।भारत की पहचान सर्वपंथ, समभाव व वसुधैव कुटुम्बम्् आदि सद््गुणों से है जो यहां के बहुसंख्यक हिन्दू समाज […]

याकूब की फांसी से उपजे सवाल

Tuesday, August 4th, 2015

आखिरकार दुर्दांत आतंकवादी याकूब की फांसी शांतिपूर्वक हो गयी। भारत की केंद्र सरकार और महाराष्ट्र की सरकार की सजगता के कारण कोई अप्रिय परिस्थिति सामने नहीं आयी। इसके लिएभारत का मुस्लिम समाज भी बधाई का पात्र है जिसने सब प्रकार की भड़काऊ परिस्थिति के बावजूद संयम रखा। पिछले कुछ दिनों से औवेसी ,अबू और आजमी […]

भारत ने एक युगपुरुष और कर्मयोगी को खो दिया

Thursday, July 30th, 2015

डा. ए पी. जे. अब्दुल कलाम नहीं रहे। विहिप के लिए लिखा जाना चाहिये। परन्तु कहाँ से शुरू करुँ ? व्यक्तित्व के इतने आयाम कि सब पर लिखा नहीं जा सकता। डर लगता है कि जो छूट जायेगा कहीं महत्वपूर्ण न हो। लेकिन इस विश्वास के साथ कि जो लिखा जायेगा वह भी कम महत्वपूर्ण […]