विश्व हिन्दू परिषद – आंदोलन एवं परिणाम

Wednesday, August 6th, 2014

विश्व हिन्दू परिषद एक जनसंगठन है । राष्ट्रीय ,सामाजिक और धार्मिक मुद्दों पर जनमत निर्माण करने के लिए विहिप ने कई प्रकार के आंदोलन किये हैं । आंदोलनों के माध्यम से विहिप ने अपना संदेश जन -जन तक पहुंचाया है और समाज को जोड़कर सरकार एवं हिंदूविरोधियों पर बनाकर वांछित परिणाम प्राप्त किये हैं । […]

वर्तमान चुनावी परिदृश्य -मुस्लिम समाज के लिए आत्मविश्लेषण का अवसर

Thursday, May 1st, 2014

लोकतंत्र में हर  चुनाव महत्वपूर्ण है । परन्तु २०१४ का लोकसभा का चुनाव कुछ कारणों से विशिष्ट बन गया   है । पहले के चुनाव भी व्यक्ति केंद्रित  होते थे । सामान्यत: नेहरू तथा तथाकथित गांधी  परिवार के व्यक्ति ही केंद्र  बिंदु रहे हैं । परन्तु २०१४ का चुनाव जिस व्यक्ति के इर्द  गिर्द लड़ा जा  रहा है ,वह इन […]

जैन समाज और अल्पसंख्यकवाद की राजनीति

Saturday, February 1st, 2014

केंद्र सरकार द्वारा जैन समाज को अल्पसंख्यक घोषित करना न केवल हिंदू समाज को बांटने का अक्षम्य अपराध है अपितु भारत के सर्वोच्च न्यायालय की अवमानना भी है । अंग्रेज  १९४७ में भारत का विभाजन करते समय भारत की जमीन का विभाजन ही कर सके थे । वे हिन्दू समाज के दिलों को कभी नहीं […]

मुजफ्फरनगर में जेहादियों से त्रस्त हिंदू अब सैक्युलरिस्टों के निशाने पर

Thursday, September 26th, 2013

प्रधानमन्त्री जी ने राष्ट्रीय एकता परिषद को “राष्ट्र विखन्डन परिषद ” बना दिया है। २३ सित.,२०१३ को इस परिषद की बैठक को सम्बोधित करते हुए उन्होंने मुजफ्फरनगर के दंगों के मूल कारणों पर पर्दा डालने के लिये सोशल मीडिया पर निशाना साधा। इस भीषण दंगे के दोषियों को छिपाने का मतलब होगा उनकी हिम्मत बढाना […]

धार्मिक असहिष्णुता और धार्मिक कट्टरता-एक सिक्के के दो पहलू

Friday, May 17th, 2013

  कोई भी सभ्य समाज दूसरों की धार्मिक आस्थाओं पर आघात नही किया करता। असहमति होने के बावजूद वह उनकी आस्थाओं का अपमान नही करता। यदि कभी टकराव की स्थिती आती है तो वह परस्पर वार्तालाप के माध्यम से इन विवादो को सुलझाना चाहता है। “एकः सत विप्रः बहुधा वदन्ति” या “स्यादवाद” के आधार पर […]