Bagha Jatin-A great son of India

Tuesday, September 15th, 2015

    The year 2015 is a uniquely great year in the history of India. The year 2015 has the unique distinction of being the 100th anniversary of the martyrdom of some 87 revolutionaries of the country. Out of this, Jatindranath Mukherjee (Bagah Jatin)’s place is unique. September 10 will be witness to 100 years […]

मैहर (माई हार) शक्तिपीठ की दुर्दशा और सामाजिक दायित्व

Tuesday, September 15th, 2015

मध्य प्रदेश के कटनी शहर से ६५ किमी दूरं त्रिकूटगिरी पर्वत श्रृंखला के घने जंगल में स्थित माँ शारदा का यह ऐतिहासिक मंदिर सम्पूर्ण विश्व के हिन्दू समाज की आस्था का केंद्र है | यह पावन मंदिर ५२ शक्तिपीठों में महत्वपूर्ण स्थान रखता है | इस स्थान पर माँ शारदा का हार गिरा था , […]

बाघाजतिन- भारत माँ का एक महान सपूत

Tuesday, September 8th, 2015

  वर्ष २०१५ भारत के इतिहास में एक अनोखा वर्ष है | इस वर्ष ८७ क्रांतिकारियों के बलिदान को १०० वर्ष पूरे हो रहे हैं| इन सबका अपना महत्त्व है , लेकिन जतिंद्र नाथ मुखर्जी (बाघाजतिन ) इस सूचीमें विशिष्ट स्थान रखते हैं| ९ सितम्बर को उनके बलिदान को १०० वर्ष पूरे हो रहे हैं […]

जैन समाज और अल्पसंख्यकवाद की राजनीति

Saturday, February 1st, 2014

केंद्र सरकार द्वारा जैन समाज को अल्पसंख्यक घोषित करना न केवल हिंदू समाज को बांटने का अक्षम्य अपराध है अपितु भारत के सर्वोच्च न्यायालय की अवमानना भी है । अंग्रेज  १९४७ में भारत का विभाजन करते समय भारत की जमीन का विभाजन ही कर सके थे । वे हिन्दू समाज के दिलों को कभी नहीं […]

धार्मिक असहिष्णुता और धार्मिक कट्टरता-एक सिक्के के दो पहलू

Friday, May 17th, 2013

  कोई भी सभ्य समाज दूसरों की धार्मिक आस्थाओं पर आघात नही किया करता। असहमति होने के बावजूद वह उनकी आस्थाओं का अपमान नही करता। यदि कभी टकराव की स्थिती आती है तो वह परस्पर वार्तालाप के माध्यम से इन विवादो को सुलझाना चाहता है। “एकः सत विप्रः बहुधा वदन्ति” या “स्यादवाद” के आधार पर […]