समरसता के पुरोधा – डा. भीमराव अम्बेडकर

Tuesday, December 6th, 2016

६ दिसम्बर भारत के आज के युग की स्मृति के निर्माता और समरसता के महामंत्र के सृजक डा.भीमराव अबेडकर की पुन्य तिथी है | आज उनको स्मरण कर उनको भावांजलि देना हर कृतज्ञ हिन्दू का पावन कर्तव्य है | छुआछुत भारत का मूल स्वभाव नहीं है | भारत वेदों की धरती है | ऋग्वेद की […]

जेहादी टीपू की जयंती नहीं होने देगे– बजरंग दल, कर्नाटक

Tuesday, October 25th, 2016

इस वर्ष पूरे देश में बजरंग दल के प्रांतीय अधिवेशन संपन्न हो रहे हैं| कुछ अधिवेशनों में मेरा भी जाना हुआ | दक्षिण कर्नाटक प्रान्त के अधिवेशन का समापन कार्यक्रम , त्रिशूल धारण कार्यक्रम और अधिवेशन की समाप्ति पर एक हिन्दू सम्मलेन को संबोधित करने का सौभाग्य मिला | मंगलुरु की पावन धरती पर आयोजित […]

जातीय आरक्षण की बढ़ती हुई मांगो का समाधान

Friday, September 4th, 2015

गुजरात में पटेल समाज के एक वर्ग द्वारा आरक्षण की मांग को लेकर किया गया भीषण आन्दोलन देश के चिन्तक वर्ग को इस विषय पर विचार करने के लिए बाध्य कर रहा है | आरक्षण की मांग को लेकर हरियाणा का जाट समाज , राजस्थान का मीणा समाज व् महाराष्ट्र का मराठा समाज पहले से […]

जातिआधारित जनगणना के बाद अब “महादलित”- समाज को अपने स्वार्थ के लिये और कितना बांटोगे?

Friday, May 20th, 2011

हिन्दू समाज को अन्ग्रेज इतना नहीं बांट सके जितना ये स्वार्थी राजनीतिज्ञ बांट रहे हैं। स्वतंत्रता के बाद  दलितों के लिये आरक्षण की अस्थायी व्यवस्था की आवश्यक्ता थी। आज के मनु डा० भीमराव अम्बेडकर ने यह व्यवस्था बनाते समय इसको अस्थायी रूप दिया था। परन्तु किसी भी सरकार ने इसके लाभों का विश्लेषण करना तो दूर  अब इसको […]

आरक्षण की आग से मत खेलो-यह देश को जला देगीPlaying with the fire of reservations: It can burn the nation to cinders

Friday, March 11th, 2011

आज उत्तर भारत में जाटों को आरक्षण की मांग को लेकर चल रहा आन्दोलन उग्र होता जा रहा है। धरने प्रदर्शन से शुरु हुआ यह आन्दोलन अब सडक रोकने से लेकर रेल मार्ग को रोकने पर आ चुका है। अब दिल्ली के लिये पानी, दूध, सब्जी रोकने की धमकी दी जा चुकी है। सभी दलों […]