श्रीराम जय राम जय जय राम, শ্ৰীৰাংজয়ৰাংজয়জয়ৰাং, শ্রীরাম জয় রাম জয় জয় রাম , શ્રીરામ જય રામ જયજય રામ, ಶ್ರೀರಾಮಜಯರಾಮಜಯಜಯರಾಮ, ശ്രിറാം ജയ് റാം ജയ്‌ ജയ് റാം, శ్రీరాంజయరాంజయజయరాం

Shri Stambheshvar Mahadev

श्री स्तंभेश्वर महादेव

स्कंद पुराण में स्तंभेश्वरतीर्थ की बड़ी गाथा है । महिसागर संगम तीर्थ जैसी पवित्र पावन भूमि पर भगवान शंकर के परम पराक्रमी पुत्र कार्तिकेय स्वामी द्वारा स्थापित यह शिवलिंग-श्री स्तंभेश्वर महादेव के दर्षन मात्र से व्यक्ति सभी कष्टों से मुक्त हो जाता है । उनकी सभी मनोकामना पूर्ण होती है ।

यह स्तंभेश्वरतीर्थ गुजरात के भरुच जिला के जंबुसर तहसील में कावी-कंबोई समुद्र तट पर स्थित है । समुद्र दिन में दो बार श्री स्तंभेश्वर महादेव (शिवलिंग) पर स्वयं अभिषेक करता है ।

महिसागर संगम तीर्थ स्तंभेश्वर महादेव-कावी कंबोई पहुंचने के लिये वड़ोदरा से 53 किमी. बस, कार के द्वारा जंबुसर होकर पहुंच सकते हैं । जंबुसर से 30 किमी. दूरी पर यह स्थान है ।

स्तंभेश्वरतीर्थ के अधिष्ठाता प.पू. स्वामी विद्यानंद जी महाराज ने कहा है कि, स्कंद पुराण में महाशिवरात्री एवं अमावस्या के दिन श्री स्तंभेश्वरतीर्थ के दर्शन एवं पूजा का अत्यधिक महत्व बताया है ।

श्री स्तंभेश्वर महादेव कार्यालय – दूरभाष 02644-230501

द्वारा- अरविंदभाई ब्रह्मभट्ट, केन्द्रीय सहमंत्री, विश्व हिन्दू परिषद – दिल्ली