श्रीराम जय राम जय जय राम, শ্ৰীৰাংজয়ৰাংজয়জয়ৰাং, শ্রীরাম জয় রাম জয় জয় রাম , શ્રીરામ જય રામ જયજય રામ, ಶ್ರೀರಾಮಜಯರಾಮಜಯಜಯರಾಮ, ശ്രിറാം ജയ് റാം ജയ്‌ ജയ് റാം, శ్రీరాంజయరాంజయజయరాం

कारसेवकपुरम् में हनुमत शक्ति जागरण अनुष्ठान समिति का दो दिवसीय राष्ट्रीय चिन्तन वर्ग.

अयोध्या 26 फरवरी :

 श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण की संकल्प सिध्दि के लिए अब करोडों रामभक्तों को अयोध्या की श्रीरामरज (मिट्टी) का तिलक लगाकर व घर-घर में पूजन कर उन्हें मंदिर निर्माण के लिए पुन: तत्पर रहने का आवाहन होगा। इसके लिए रामनवमी पर्व पर देश के छ: लाख गांवों में व्यापक अभियान चलाया जायेगा। कारसेवकपुरम् में चल रही दो दिवसीय हनुमत शक्ति जागरण अनुष्ठान समिति के चिन्तन वर्ग में देशभर से आये जिला स्तरीय पदाधिकारियों के बीच में विश्व हिन्दू परिषद के अन्तर्राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अशोक सिंहल ने व्यक्त की।

 कारसेवकपुरम् के भारत कल्याण प्रतिष्ठान में प्रात: 10 बजे से प्रारम्भ हुए चिन्तन वर्ग का उद्धाटन व अध्यक्षता मणिराम दास छावनी के उत्तराधिकारी महन्त पूज्य कमल नयन दास शास्त्री जी महाराज ने किया। उद्धाटन सत्र का संचालन हनुमत शक्ति जागरण अनुष्ठान समिति के अखिल भारतीय संयोजक जीवेश्वर मिश्र तथा विश्व हिन्दू परिषद के अखिल भारतीय धर्माचार्य सम्पर्क प्रमुख अशोक तिवारी ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर उपस्थित विश्व हिन्दू परिषद के अन्तर्राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अशोक सिंहल ने कहा राम ही भारत हैं और भारत ही राम हैं। इससे अलग इस राष्ट्र की परिकल्पना ही अधूरी है। भगवान श्रीराम जन्मभूमि को प्राप्त करने के लिए लगातार हनुमान जी की कृपा रामभक्तों पर बनी हुई है। हनुमत शक्ति जागरण अनुष्ठान के माध्यम से इसका व्यापक प्रभाव दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा श्रीराम जन्मभूमि को प्राप्त करने के लिए 1528 से लगातार संघर्ष चलता रहा। अन्ततोगत्वा हिन्दू समाज की विजय हुई। 1528 के बाद पहली बार विश्व में यह मान्यता प्राप्त हो गयी कि भगवान श्रीराम की जन्मभूमि यही है जिसके लिए हिन्दू समाज ने लगातार संघर्ष करते हुए प्राणों की आहुति दी। उन्होंने कहा श्रीराम इस आन्दोलन के घट-घट में विराजमान हैं। ब्राह्माण्ड नायक भगवान श्रीराम के जन्म श्रीराम नवमी के पावन पर्व पर राष्ट्र व्यापी राम महोत्सव का कार्यक्रम छ: लाख गांवों में मनाया जायेगा और करोड़ों-करोड राम भक्तों के मस्तक पर अयोध्या जी से दी जा रही श्रीराम रज का तिलक लगाकर तथा राम मंदिर का प्रस्तावित चित्र (माडल) देकर उन्हें सकल्प बध्द किया जायेगा। उन्होंने यह भी कहा इस दौरान गांव – गांव में जन-जागरण यात्रायें भी निकाली जायेंगी।

 श्री सिंहल ने कहा कि श्रीराम नवमी के पश्चात् अयोध्या में 15 दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान भी होंगे। इस अनुष्ठान में देश के विभिन्न सम्प्रदायों के धर्माचार्यो के द्वारा धार्मिक अनुष्ठान आयोजित करने का निवेदन किया गया है।

 अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में पूज्य कमल नयन दास जी महाराज ने कहा हनुमान जी की कृपा से सभी कार्य सम्पन्न होंगे। मंदिर भी बनेगा और भारत अखण्ड भी होगा, आसुरी शक्तियों का विनाश भी होगा। उन्होंने कहा कि आज देश में विघटनवादी ताकतें चहुंओर फैली हुई हैं जो जाति-पंथ-भाषा-क्षेत्र के आधार पर समाज को विघटित कर देश को खंडित करने में जी-जान से लगी हुई हैं। हमें ऐसी शक्ति को कुचलने के लिए एक होने की आवश्यकता है जिस प्रकार भगवान श्रीराम ने कोल-भील, वानर-भालू, गीध को गले लगाकर उत्तर और दक्षिण को एक कर रावण रूपी आसुरी शक्ति पर विजय प्राप्त की। उन्होंने कहा हनुमत शक्ति जागरण से न्यायालय के फैसले पर भी प्रभाव दिखा और मंदिर निर्माण के इस संकल्प सिध्दि को भी वह पूर्ण करने में हम सबको शक्ति प्रदान करेंगे। चिन्तन वर्ग के चार सत्र हुए जिसमें विभिन्न विषयों पर पदाधिकारियों ने देशभर से पहुंचे पदाधिकारियों का मार्गदर्शन किया। वर्ग आज सांयकाल 27 फरवरी को सम्पन्न होगा। इस अवसर पर विश्व हिन्दू परिषद के अन्तर्राष्ट्रीय महामंत्री डा.प्रवीण भाई तोगड़िया, उपाध्यक्ष ओम प्रकाश सिंहल, संगठन महामंत्री दिनेश चन्द्र, संयुक्त महामंत्री चम्पत राय, विनायक राव, राघवल्लू, केन्द्रीय मंत्री पुरूषोत्तम सिंह, राजेन्द्र सिंह पकज, कोटेश्वर शर्मा, प्रकाश शर्मा, ओम प्रकाश गर्ग, सुनील शर्मा, क्षेत्रीय संगठन मंत्री महावीर एवं प्रशान्त आदि उपस्थित रहे।

अयोध्या 27 फरवरी।

 कारसेवकपुरम् में चल रहे हनुमत शक्ति जागरण अनुष्ठान समिति के दो दिवसीय राष्ट्रीय चिन्तन वर्ग का आज समापन हो गया। इस अवसर पर देशभर से आये हुए जिला पदाधिकारियों को अयोध्या का पवित्र श्रीरामरज दिया गया जो गांव-गांव में पहुंचायेंगे।

कारसेवकपुरम् के भारत कल्याण प्रतिष्ठान प्रांगण में 26 से फरवरी से चल रहे हनुमत शक्ति जागरण अनुष्ठान समिति के जिला पदाधिकारियों का राष्ट्रीय चिन्तन वर्ग का विधिवत वेद मंत्रोचारण के साथ समापन हो गया इस अवसर पर उपस्थिति पदाधिकारियों को सम्बोधित करते हुए विश्व हिन्दू पषिद के अन्तर्राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अशोक सिंहल ने कहा अनुष्ठान का परिणाम शीघ्र प्राप्त होता है। जुलाई 1992 में सर्वदेव अनुष्ठान तथा इसके पूर्व शिला पूजन, राम ज्योति यात्रा, चरण पादुका पूजन जैसे धार्मिक कार्यक्रमों के द्वारा ही 6 दिसम्बर,1992 को 450 वर्ष प्राचीन विवादित ढांचा 5 घंटे में भगवत् कृपा से समाप्त हो गया। उन्होंने कहा श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण के लिए ही हनुमत शक्ति जागरण अनुष्ठान का अयोजन देशभर में पूज्य संतों के मार्गदर्शन में प्रारम्भ हुआ, जिसका तात्कालिक परिणाम उच्चन्यायालय के फैसले में दिखायी दिया और अब आगे के कार्यक्रम मंदिर निर्माण्ा के मार्ग को शीघ्र प्रशस्त करेगें।

उन्होंने लोगों को बताया कि श्रीराम नवमी के पश्चात् अयोध्या में सर्वदेव अनुष्ठान के लिए विभिन्न पंथ-सम्प्रदायों के धर्माचार्य अयोध्या पहुंच कर श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर लिए अनुष्ठान करेंगे। उन्होंने कहा कि भगवत् शक्ति जब किसी के पीछे खड़ी होती है तो उसका परिणाम चमत्कारी होता है। लंका विजय से पूर्व मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने स्वयं रामेश्वरम् में शिवलिंग स्थापित कर पूजन किया, जिसका परिणाम लंका विजय रही। इसलिए बड़े कार्य सम्पन्न करने के लिए शक्ति की आराधना आवश्यक है। श्री हनुमत् शक्ति जागरण अनुष्ठान का परिणाम भी हमें अवश्य प्राप्त होगा। हम मंदिर निर्माण तक इस अनुष्ठान को करते रहेंगे। उन्होंने 27 फरवरी, 2002 को अयोध्या से गुजरात जा रहे रामसेवकों को गोधरा में जलाये जाने पर कहा कि इस काण्ड की पूर्व योजना मुस्लिमों ने बनायी थी जब कि गुजरात की प्रतिक्रिया स्वत: हुई। उन्होनें कहा कि सेक्यूलरवादी शक्तियाँ आज भारी संख्या में हमें छति पहुंचाने में लगी हुई हैं हम ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए खडे हों।

उन्होनें कहा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ 86 वर्षो से भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत की रक्षा के लिए प्रयासरत है। संघ का कार्य व्यापक रूप से देश में ही नहीं विदेशों तक फैल चुका है। उन्होनें अन्त में कहा लक्ष्य के प्रति कार्यकर्ता बढ़ते रहें सफलता अवश्य मिलेगी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए केन्द्रीय मार्गदर्शक मंडल के वरिष्ट सदस्य सद्गुरू सदन गोलाघाट के महन्त पू.सिया किशोरी शरण महाराज जी ने कहा ”राम काज कीन्हें बिन मोहिं कहाँ विश्राम” मानस की इस पंक्ति को उपस्थित कार्यकर्ता अपने हृदय में उतारें और पवित्र लक्ष्य के लिए संकल्पबध्द हो जाये, उन्होने कहा गांव-गांव पहुंचाया जा रहे इस पवित्र रज को रामभक्त अपने मस्तक पर लगाकर श्रीराम जन्मभूमि पर शीघ्र मंदिर निर्माण हेतु बलिदान के लिए तैयार रहें।

इसके पूर्व अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि की पवित्र श्रीरामरज का विधिवत पूजन विहिप के अन्तर्राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अशोक सिंहल तथा सिया किशोर शरण जी महाराज ने श्रीराम वेद विद्यालय के योग्यतम आचार्यो पं.इन्द्रदेव, पं.प्रदीप, पं.दुर्गा प्रसाद, पं.अभय ने वेद मंत्रों से कराया। तत्पश्चात् देश के विभिन्न प्रान्तों से आये पदाधिकारियों को इस रज को सौंपा गया।

इस अवसर पर विहिप के अन्तर्राष्ट्रीय महामंत्री डा.प्रवीण भाई तोगड़िया, संगठन महामंत्री दिनेश चन्द्र, हनुमत शक्ति जागरण समिति के संयोजक जीवेश्वर मिश्र, सह संयोजक आबेदव सर, प्रकाश शर्मा, संयुक्त महामंत्री चम्पत राय, विनायक राव, राघवल्लू, केन्द्रीय मंत्री पी.एन.सिंह, कोटेश्वर शर्मा, धर्माचार्य सम्पर्क प्रमुख अशोक तिवारी, वीरेश्वर द्विवेदी आदि उपस्थित रहे।

पत्रकार वार्ता- डा.प्रवीण भाई तोगडिया

अयोध्या 27 फरवरी। विश्व हिन्दू परिषद के अन्तर्राष्ट्रीय महामंत्री डा.प्रवीण भाई तोगडिया ने पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि देश की सरकार में पाकिस्तानी एजेन्ट प्रवेश कर गए हैं जो शासन और प्रशासन के उच्च कुर्सियों पर बैठकर हिन्दूओं का लगातार दमन कर रहे हैं।

उन्होनें कहा कि असीमानन्द और साध्वी प्रज्ञा जैसे हिन्दूओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है जबकि अफजल गुरू और कसाब जैसे आतंकियों को सरकारी खर्च से बिरयानी परोसी जा रही है। उन्हाेंने कहा कि न्यायालय द्वारा फांसी की सजा मिलने के बाद भी तुष्टिकरण और पाक पस्त एजेन्टों के दबाव के कारण फांसी की फाइल गृह मंत्रालय में सालों से अटकी हुई है। उन्होंने कहा प्रज्ञा, असीमानन्द सभी निर्दोष हैं।

श्री तोगडिया ने आगे कहा कि श्रीराम जन्मभूमि का संघर्ष सांस्कृतिक और धार्मिक स्वतंत्रता को प्राप्त करने का महाआन्दोलन है। श्रीराम जन्मभूमि की सम्पूर्ण 70 एकड भूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण तभी संभव होगा जब हिन्दू समाज संघर्ष को तैयार होगा। उन्होंने कहा गांव-गांव में हनुमत शक्ति जागरण अनुष्ठान के अन्तर्गत श्रीराम महोत्सव के दौरान पद्यात्राओं का आयोजन होगा। जिसमें संसद में कानून बनाओ, मंदिर वहीं, नयी मस्जिद अयोध्या में नहीं, बाबर के नाम पर कहीं नहीं तथा हिन्दुओं के पसीने के सवा रूपये श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए दी गयी राशि से गढ़े पत्थरो द्वारा तथा 1989 में संत धर्माचार्यो द्वारा प्रस्तावित श्रीराम जन्मभूमि प्रारूप के अनुसार व श्रीराम जन्मभूमि न्यास के द्वारा ही मंदिर निर्माण की मांग उठायी जायेगी।

उन्होंने कहा कि हम अयोध्या में अब मस्जिद नहीं बनने देंगे चाहे इसके लिए जितना ही संघर्ष क्यों ने करना पड़े संतों के दिशा-निर्देशन में हिन्दू समाज तैयार है। एक प्रश्न के उत्तर में उन्हाेंने कहा कि अभी हम अनुष्ठान और पूजन-पाठ से मंदिर निर्माण की बाधाओं को दूर करने में लगे हुए है संत अगर उग्र आन्दोलन का भी आदेश देंगे तो हम तैयार है।

सुनो सुनो रे भारतवासी कथा अयोध्या धाम की। जिसका कण-कण कहता अब भी गौरव गाथा राम की॥

अयोध्या 27 फरवरी। कारसेवकपुरम् के विशाल मैदान में मुम्बई से अयोध्या पहुंचे बाबा सत्य नारायण मौर्य (बाबा मौर्य) ने फैजाबाद जिले से तथा देश के अनेक प्रान्तों आये रामभक्तों के बीच देर रात्रि तक अपने निराले अन्दाज में राष्ट्रभक्ति पूर्ण कविताओं और गीतों के माध्यम से लोगों को भाव विभोर कर दिया।

एकल विद्यालय एवं श्रीहरि सत्संग समिति द्वारा आयोजित भारत माता की आरती एवं यह देश है वीर जवानों का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्धाटन सद्गुरू सदन गोला घाट के महन्त सिया किशोरीर शरण जी महाराज तथा हनुमान गढी निर्वाणी अनी अखाडा के श्रीमहन्त धर्मदास जी महाराज ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ज्ञान प्रकाश मोटवानी तथा विशिष्ठ अतिथि यश पेपर्स लि. जे.बी. अकाडमी की महाप्रबन्धक श्रीमती मंजुला झंझुनवाला रहीं। कार्यक्रम का संचालन एकल विद्यालय के प्रान्तीय लेखा प्रमुख एवं जिला प्रभारी अवधेश कुमार ने किया।

देर रात्रि तक चले इस संगीतमय कार्यक्रम का प्रारम्भ गणेश वन्दना से हुआ अपनी ओजस्वी एवं भाव विभोर कर देने वाली वाणी से बाबा मौर्य ने उपस्थित लोगों को 4 घंटे तक लगातार बांधे रखा। गीतों के माध्यम से श्रीराम जन्मभूमि की संघर्ष गाथा का जहाँ ऐतिहासिक वर्णन किया उन्होंने देश की सीमाओं पर लडने वाले तथा स्वतंत्रता आन्दोलन में अपने प्राणो का उत्सर्ग करने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का भी नमन किया वहीं देश की वर्तमान परिस्थितियों पर व्यंगात्मक शैली में —

अपने उद्गार प्रकट किए। इस दौरान उन्होंने गीतों के बीच में लगातार स्वर के साथ ही हाथों से स्वामी विवेकानन्द, भगवान श्रीराम, हनुमान तथा भारत माता के चित्र भी स्रोताओं बनाकर आनन्दित कर दिया। कार्यक्रम के दौरान 1051 दीपकों से भारत माता की आरती उतारी गयी। कार्यक्रम में विहिप के अन्तर्राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अशोक सिंहल, महामंत्री डा.प्रवीण भाई महामंत्री संगठन दिनेश चन्द्र, संयुक्त महामंत्री चम्पत राय, विनायक राव, राघवल्लू, कोटेश्वर, जीवेश्वर मिश्र, राजेन्द्र सिंह पंकज, प्रकाश शर्मा, अशोक तिवारी आदि उपस्थित रहें। कार्यक्रम के अन्त में बाबा सत्य नारायण मौर्य तथा ज्ञान प्रकाश मोटवानी व मंजुला झंझुनवाला को विहिप अध्यक्ष ने राम नामी व श्रीरामलला का चित्र व माडल से सम्मानित किया।