श्रीराम जय राम जय जय राम, শ্ৰীৰাংজয়ৰাংজয়জয়ৰাং, শ্রীরাম জয় রাম জয় জয় রাম , શ્રીરામ જય રામ જયજય રામ, ಶ್ರೀರಾಮಜಯರಾಮಜಯಜಯರಾಮ, ശ്രിറാം ജയ് റാം ജയ്‌ ജയ് റാം, శ్రీరాంజయరాంజయజయరాం

विश्व हिन्दू परिंषद केन्द्रीय मार्गदर्शक मण्डल की बैठक

केन्द्रीय मार्गदर्शक मण्डल बैठक

महाशय चुन्नीलाल सरस्वती बाल मंदिर,

हरिनगर, दिल्ली

विश्व हिन्दू परिंषद केन्द्रीय मार्गदर्शक मण्डल की बैठक

प्रेस वक्तव्य

 दीप प्रज्वलन- म.मं. हरिओम शरण जी, डॉ. रामेश्वर दास जी वैष्णव, विश्व हिन्दू परिषद के अन्तरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष डॉ. प्रवीणभाई जी तोगडि़या एवं श्री ओमप्रकाश जी सिंहल द्वारा किया गया। प्रथम सत्र की अध्यक्षता स्वामी विवेकानन्द जी महाराज, मेरठ, द्वितीय सत्र की अध्यक्षता स्वामी कमलनयन दास जी अयोध्या, आज के सम्पूर्ण सत्रों की अध्यक्षता म.मं. विशोकानन्द जी महाराज, बीकानेर द्वारा किया गया।

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विश्व हिन्दू परिषद सन्त केन्द्रीय मार्गदर्शक मण्डल के पूज्य स्वामी चिन्मयानन्द जी महाराज, जूना अखाड़ा के सचिव स्वामी देवानन्द जी महाराज, म.मं. यतीन्द्रानन्द गिरि, डाॅ. रामेश्वर दास श्री वैष्णव, एवं प्रान्तीय मार्गदर्शक मण्डलों की दो दिवसीय बैठक में देश भर से आये लगभग 1000 सन्तों ने सामूहिक रूप से हिन्दू समाज पर हो रहे दमन की कठोर शब्दों की निन्दा की है। सन्तों की यह सभा 19 व 20 अक्टूबर को महाशय चुन्नीलाल सरस्वती बाल मंदिर में सम्पन्न हुई। बैठक में संकल्प लिया गया कि हिन्दू समाज के इस दमन को अब और अधिक सहन नहीं किया जायेगा।

बैठक में चार प्रस्ताव सर्वामति से पारित किए गये। प्रथम प्रस्ताव में उत्तर प्रदेश की राम विरोधी सरकार के द्वारा पूज्य सन्तों की घोषित श्री अयोध्या जी 84 कोसी परिक्रमा यात्रा तथा राम मंदिर निर्माण संकल्प सभा पर लगाये गए प्रतिबन्ध एवं कार्यक्रमों को सरकारी ताकत के बल पर कुचलने की कड़े शब्दों में भत्र्सना की गई। सन्तों ने कहा कि 90 के दशक में रामभक्तों को गोली चलवाकर मौत के घाट उतारने वाली समाजवादी सरकार फिर से उसी रास्तें पर चल पड़ी है।

बैठक में पारित दूसरे प्रस्ताव में कहा गया कि वर्तमान भारतीय राजनीति को जो सेक्युलरवाद का बुखार चढ़ा हुआ है उसके कारण राष्ट्र का बहुत नुकसान हुआ है, अधिकांश राजनीति दल एवं राजनेता धर्मनिरपेक्षता का राग अलापने में लगे है जो देश और धर्म के लिए हानिकारक है।

तृतीय प्रस्ताव में चिन्ता व्यक्त की गई कि राष्ट्रीय सलाहकार परिषद नामक सोनिया गाँधी की जे0बी0 संस्था जिसने हिन्दू विरोधी वामपंथी मुस्लिम एवं इसाईयों के साथ विचार करके साम्प्रदायिक एवं लक्षित हिंसा विधेयक 2011 नामक कानून तैयार किया जिसकी धाराएं धीरे-धीरे निरापराध हिन्दू समाज को कानून की बेडि़यों में जड़क देंगे।

चतुर्थ एवं अंतिम प्रस्ताव में हिन्दू जीवनमूल्यों एवं मानबिन्दुओं को नष्ट करने वाली सरकारी नीतियों के प्रति अपनी चिन्ता व्यक्त की है। सरकार हिन्दु मानबिन्दुआंे पर लगातार कुठाराघात करने में लगी है। इसे सन्त समाज सहन नहीं करेंगा।

उपरोक्त सभी विषयों पर पूज्य सन्तों ने निश्चय किया कि भारत के गाँव-गाँव में सघन जन-जागरण अभियान चलाया जायेगा। इन सभी विषयों पर समाज को जाग्रृत किया जायेगा। जिसके कि हिन्दू समाज अपने जीवनमूल्यों की रक्षा कर सके और श्रीराम जन्मभूमि का भव्य मंदिर निर्माण हो तथा भारत आध्यात्मिक राष्ट्र बनकर विश्व के उच्चतम शिखर पर विराजमान हो।

आगामी कार्यक्रम

आगामी देवोत्थानी एकादशी से लेकर गीताजयन्ती तद्नुसार 13 नवम्बर, 2013 से 11 दिसम्बर, 2013 तक सम्पूर्ण देश में जन-जागरण अभियान सम्पन्न किया जायेगा। जिसमें पूज्य सन्त एक-एक जिले को गोद लेकर सघन जन-जागरण अभियान चलायेंगे। तत्पश्चात् आगामी निर्णय हेतु 1-2 फरवरी, 2014 को प्रयाग में संगम तट पर मार्गदर्शक मण्डल की बैठक में आगामी कार्ययोजना निश्चित की जायेगी।

बैठक में पारित प्रस्ताव – [PDF]