श्रीराम जय राम जय जय राम, শ্ৰীৰাংজয়ৰাংজয়জয়ৰাং, শ্রীরাম জয় রাম জয় জয় রাম , શ્રીરામ જય રામ જયજય રામ, ಶ್ರೀರಾಮಜಯರಾಮಜಯಜಯರಾಮ, ശ്രിറാം ജയ് റാം ജയ്‌ ജയ് റാം, శ్రీరాంజయరాంజయజయరాం

586 जिलाशः हिन्दू सम्मेलनों में 65 हजार गांवों से लगभग 23 लाख लोग सहभागी

विश्व हिन्दू परिषद – केन्द्रीय प्रबन्ध समिति बैठक 27-28 जून, 2015, भीलवाड़ा – (राजस्थान)

महामन्त्री का प्रतिवेदन – (जनवरी से जून, 2015)

पुणे महानगर में सम्मेलन का प्रचार-प्रसार करने के लिए एक छह दिवसीय शिवदुर्गा गंगा यात्रा निकाली गई। शिवाजी महाराज के 7 किलों से जलकुम्भ भरकर लाए गए। शिवाजी महाराज की प्रतिमा एक सिंहासन पर आरूढ थी। यह गंगा यात्रा 22 महाविद्यालय और 35 क्षेत्रों में गई। मंगलूर (कर्नाटक) के हिन्दू सम्मेलन में लगभग एक लाख हिन्दू समाज एकत्र आया। जबलपुर के सम्मेलन में समाज की सहभागिता बढाने के लिए मां नर्मदा की महाआरती का आयोजन किया गया। 108 जातियों की भागीदारी, 108 ब्राह्मणों की व्यवस्था, आरती हेतू पूर्व प्रशिक्षण, नर्मदा के घाट का माली समाज द्वारा निःशुल्क सजावट, सभी जातियों के प्रतिनिधियों को एक एक नर्मदा जलकलश दिया गया। ऐसा वातावरण बना कि घर-घर नर्मदा आई है हिन्दू जागरण लाई है। हिन्दू सम्मेलन में 108 जातियों के प्रमुख मंच पर विराजमान थे, सिख, जैन, बौद्ध, सिन्धी सभी उपस्थित थे, अभूतपूर्व दृश्य था।

जिलाशः हिन्दू सम्मेलन-586 जिलाशः हिन्दू सम्मेलनों में 65,049 गांवों से लोग आए, 4,72,041 महिला, 18,15,627 पुरुष तथा 7,884 संत सहित कुल 22,95,552 लोग उपस्थित रहे।

धर्मप्रसार आयाम

स्वर्ण जयंती वर्ष में 48,651 हिन्दुओं को धर्मान्तरित होने से बचाया गया तथा 33,975 व्यक्ति अपने पूर्वजों की परंपरा में वापस लाए गए। गुजरात में 284 अल्पसंख्यक समाज की कन्याओं का विवाह सम्पन्न कराया। कुल 7776 व्यक्तिों को संस्कृति की दीक्षा प्रदान की गई है। उत्तराखण्ड में 49 बहिनों को स्वधर्म से अपने मूलधर्म में वापिसी की। उत्तर गुजरात में नेत्र चिकित्सा शिविर में 1300 रोगियों के मोतियाबिंद के आपरेशन किए गए। अन्य मेडिकल कैम्पों में 4050 रोगियों का निःशुल्क उपचार किया गया। त्रिपुरा के 345 विद्यालयों में 12425 विद्यार्थी शिक्षा-संस्कार प्राप्त कर रहे हैं। विशेष उपलब्धि यह है कि 450 नवयुवक आतंकवादियों की चपेट (साथ में) में थे। उन्हें राष्ट्र की मुख्यधारा में लाने में सफल हुए हैं। बांसवाड़ा में बालगोकुलम् योजना (बालकों को गोद लेने की योजना) में 127 बालक-आवासीय छात्रावासों में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। उड़ीसा, कर्नाटक एवं आन्ध्र प्रदेश में गरीबों को वस्त्र एवं गरीब छात्रों को छात्रवृत्ति तथा विधवाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की गई। ब्यावर (राजस्थान) में 150 स्थानों पर राम महोत्सव के कार्यक्रम आयोजित किये गये। जिसमें लगभग 14600 व्यक्तियों ने भाग लिया। भगवान राधाकृष्ण की मूर्ति की स्थापना एवं प्राण प्रतिष्ठा की गयी, इस कार्यक्रम में 92 गावों से 6,000 व्यक्तियों ने भाग लिया। पृथ्वीराज चैहान की जयंति मनायी गयी, कार्यक्रम में 197 गांवों के 14625 व्यक्तियों ने भाग लिया।

रामपुर शहर में वाल्मीकि समाज पर किए जा रहे अन्याय के विरुद्ध जन-जागरण किया। सफलता मिली। निर्दोष वाल्मीकियों के विरुद्ध पुलिस केस वापिस हुए।

सेवा आयाम

भारत में 15 स्थानों में सेवाकुम्भ हुए जिसमें 138 ट्रस्टों के 2331 ट्रस्टी/कार्यकर्ता सहभागी हुए। सार्वजनिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों में 166 सेवा संस्थाओं के 4478 बालक/बालिकाओं द्वारा परम्परागत लोकनृत्य, कथक, भरतनाट्यम, नाटिका, संस्कृत नाटक, अभिनय गीत, सामूहिक योगासन, गरबा-रास, देशभक्ति गीत तथा वेशभूषा जैसे प्रभावी कार्यक्रम प्रस्तुत किये गए। इन सभी कार्यक्रमों को देखने के लिए डेढ़ हजार लोग सम्मिलित हुए। सेवा कार्य विस्तार, कार्यकर्ता प्रशिक्षण एवं भारत के प्रत्येक जिले में कोई एक सेवा कार्य स्थापित करने का संकल्प लिया गया। पाकिस्तान केे सिन्ध प्रांत से पीडि़त होकर भारत आए हिन्दू परिवारों के बच्चों को परिषद के प्रयत्नों से दिल्ली के विविध विद्यालयों में प्रवेश के साथ ही उन्हें पिछडी जाति वर्ग को मिलने वाली सुविधाएं भी मिलने लगेंगी। महाशिवरात्रि पर मथुरा में पैदल पदयात्री कावंरियों की सेवा का चिकित्सा शिविर लगा, 1000 कावंरियों की सेवा की गई।

गोरक्षा आयाम

जयपुर शहर के मुहाना थाने के अन्तर्गत लावारिस हालत में पकडे गये ट्रक में बेरहमी से ठूंस-ठंूस कर भरी 39 गाय व 2 बछड़े मिले। सभी गाय व बछडे़ भूख-प्यास तथा घुटन से मर चुके थे। प्रशासन एवं कार्यकर्ताओं की सजगता एवं तत्परता से ट्रक नम्बर के आधार पर गौ-तस्कर मुस्लिमों को गिरफ्तार किया गया।

गौमांस निर्यात और गौहत्या के विरूद्ध दिल्ली के जंतर-मंतर में देशभर के गौभक्त संतांे के सान्निध्य व समस्त गौरक्षक संगठनों के संयुक्त प्रयत्नों प्रदर्शन किया गया। जैन मुनि मैत्री प्रभसागरजी महाराज इस उद््देश्य की प्राप्ति के लिए अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे थे।

देश में अपनी गोशाला-375, सम्पर्कित गोशाला-1424, गोग्रास के रथ-200, पंचगव्य औषधि निर्माण केन्द्र-341, पंचगव्य विक्री केन्द्र-450, पंचगव्य चिकित्सा केन्द्र-150, गोवंश मुक्त कराया-16550, गोविज्ञान परीक्षा  में 18 प्रान्तों के 630 स्कूलों में 1,33,730 परीक्षार्थी बैठे। जयपुर (राजस्थान) में तीन गोशाला सम्मेलन किये गये, जिसमें 57 गौशालाओं को 2,85,000 रुपये का अनुदान दिया गया। गोविज्ञान अनुसंधान केन्द्र देवलापार, नागपुर में छः माह में 400 किसानों एवं कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण कराया गया

सामाजिक समरसता

304 स्थानों पर समरसता गोष्ठियाँ, 310 स्थानों पर अम्बेडकर जयंती, 355 स्थानों पर रविदास जयंती तथा 5500 परिवारों को गोद लिया गया।  गंजबासौदा, मध्य प्रदेश के महावीर विहार में संत रविदास की कथा का आयोजन किया गया। गायत्री परिवार के द्वारा गायत्री पूजन करवाया गया। संत रविदासजी के जीवन पर विद्वानों ने विचार व्यक्त किए। प्रतिवर्ष जम्मू में माता वैष्णों देवी के दर्शन के लिए समरसता यात्रा फरवरी मास में आयोजित की जाती है, इस वर्ष भी हुई। प्रतिवर्ष 151 यात्री ले जाए जाते हैं। सभी से एक व्यसन त्यागने का संकल्प कराया जाता है। इस धार्मिक समरसता यात्रा के माध्यम से विगत 3 वर्षों में 450 परिवारों को संस्कारित किया जा चुका है। यात्रा की वापसी पर हिन्दू नववर्ष के दिन सामूहिक कन्याभोज व कन्या पूजन का कार्यक्रम भी होता है। दर्शन यात्रा के दौरान अर्जित संस्कारों को स्थिर रखने व यात्रियों में आपसी स्नेह सद््भाव बनाए रखने के निमित्त विभिन्न झुग्गीबस्तियों व निकट ग्रामीण अंचलों में लगभग 25 रामायण मण्डलियाँ प्रति मंगलवार व शनिवार को कथा पाठ एवं भजन कीर्तन का कार्यक्रम करती हैं।  माता वैष्णों देवी दर्शन यात्रा में गए गरीब परिवार में जो बच्चों की स्कूल फीस भरने में असमर्थ पाया जाता है उस बच्चे के लिए समाज के समर्थ वर्ग से शिक्षा हेतु अभिभावक नियुक्त किया जाता है जो उस बालक की कक्षा 12वीं तक की शिक्षा व्यय व संस्कार का चिंतन करता है। वर्तमान में इस प्रकल्प में 170 बच्चे विभिन्न स्कूलों में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। श्रीराम मंदिर, महानगर पालिका कर्मचारी आवास परिसर, कुर्ला (प.), मुम्बई में घवाल समाज पंचायत, नव युवान प्रगति मित्र मण्डल, कुर्ला के सहयोग से आयोजित समरसता यज्ञ में अनु. जाति के सहस्राधिक बंधुओं ने सपरिवार हिन्दू समाज की अन्य जातियों, गणमान्य महानुभावों के साथ यज्ञ, भजन व भोज करते हुए ‘‘हिन्दू हम सब एक’’ की प्रत्यक्ष अनुभूति की। दहिसर (पू.) मुम्बई में सामाजिक समरसता यज्ञ में तीन सौ दम्पतियों ने आहुतियां प्रदान कीं।

मातृशक्ति कार्य      

जम्मू में दुर्गावाहिनी एवं मातृशक्ति की बहनों द्वारा श्रीराम महोत्सव के अवसर पर रामलला की झांकियां निकाली गईं। छोटी चैक, नोह, हिमाचल में दुर्गावाहिनी संगोष्ठी में 235 कालेज छात्राएं सहभागिनी हुईं। गोष्ठी का विषय ‘साइबर क्राइम’ था। ग्वालियर सेण्ट्रल जेल में बंदी स्त्रियों को श्रीमती आशा सिंह ने हिन्दू संस्कृति के बारे में जानकारी दी। समाज जीवन के विविध क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान करनेवाली पांच महिलाओं को ग्वालियर में आयोजित महिला सम्मेलन में सम्मानित किया गया। कोल्हापुर महिला सम्मेलन में 500 से अधिक मातृशक्ति उपस्थित रहीं।

स्वर्ण जयंती वर्ष के अवसर पर सम्पूर्ण भारत में दुर्गावाहिनी की बहिनों द्वारा 1184 स्थानों पर गोष्ठियां आयोजित की गईं, जिसमें 70928 बहिनों की भागीदारी रही और सामाजिक समरसता निर्माण तथा अपने परिवार के संस्कारों की रक्षा के लिए महिलाओं की भूमिका पर चर्चा की गई। देश में 203 स्थानों पर महिला सम्मेलन हुए जिसमें 49905 उपस्थिति रही।

32 स्थानों पर दुर्गावाहिनी के शौर्य प्रशिक्षण वर्गों में 3805 बहिनों ने भाग लिया।

संस्कृत

उज्जैन में भारत संस्कृत के उत्थान के लिए देशभर के प्रमुख कार्यकर्ताओं का सम्मेलन हुआ। दिल्ली में अखिल भारतीय प्रशिक्षण शिविर में चार विश्वविद्यालयों के कुलपति पधारे। एनसीआरटी गुडगांव में राष्ट्रीय विद्वत गोष्ठी में 200 विद्वानों की सहभागिता रही।

हनुमान जयंती एवं रामनवमी शोभायात्राएँ

हनुमान जयंती के पावन प्रसंग पर बैतूल (म0प्र0), राजसमन्द, मुजफ्फरपुर, बैंगलोर, के जयनगर क्षेत्र में, जम्मू, भटिण्डा पंजाब, नई दिल्ली तथा आगरा में भव्य शोभायात्राओं के आयोजन हुए। सौराष्ट्र (गुज0) में 186 स्थानों पर राम महोत्सव व 145 स्थानों पर हनुमान जयन्ती के कार्यक्रम हुए।

जोधपुर में श्रीरामनवमी महोत्सव शोभायात्रा में धार्मिक, महापुरुषों व सांस्कृृतिक जीवनमूल्यों को दर्शाने वाली 207 सजीव झांकियां व विभिन्न धार्मिक संस्थाओं की भजन मण्डलियां सम्मिलित हुईं। 20 हजार श्रद्धालु सम्मिलित हुए। जयपुर में गोधरा स्टेशन पर निर्ममतापूर्वक ट्रेन की बोगी के अन्दर जलाकर मार दिए गए 59 कारसेवकों की स्मृति में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इन्द्रप्रस्थ विश्व हिन्दू परिषद के द्वारा हिन्दू पर्व समन्वय समिति एवं दिल्ली की विभिन्न धार्मिक, सामाजिक, शैक्षणिक संस्थाओं के सहयोग से रामनवमी के अवसर पर आयोजित शोभायात्रा में सौ से अधिक विभिन्न स्वरूपों की झांकियां एवं भजन मण्डलियां सम्मिलित थीं।  शोभायात्रा का नेतृृत्व संतों ने किया। शोभायात्रा में इस बार बौद्ध भिक्षुओं की सहभागिता रही। योग, यज्ञ तथा स्वच्छ भारत की झांकियाँ, मार्ग में रंगोली, स्वागत द्वार, देश की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हुए 5 मंच, विद्यालय के छात्रों की प्रस्तुतियों के साथ महिला सशक्तिकरण की अनूठी पहचान दुर्गा वाहिनी की घुड़सवार टोली तथा बजरंग दल का शौर्य प्रदर्शन यात्रा आकर्षण के केंद्र रहे।

चित्तौड़ प्रांत के झालावाड जिले के अकलेरा प्रखण्ड में रामोत्सव एवं हनुमान जयंती के उपलक्ष्य में हिन्दू धर्म सभा एवं शोभायात्रा का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ जिससे पूरा शहर धर्ममय हो गया। पूरे शहर को केसरिया पताकों से सजाया गया।

वडोदरा महानगर के 15 प्रखण्डों के 57 स्थानों पर राम महोत्सव आयोजित किया गया। भावनगर जिले के उमराला प्रखण्ड में राम जन्मोत्सव समिति द्वारा श्रीराम जन्मोत्सव की भव्य शोभायात्रा का आयोजन हुआ। शोभायात्रा के मार्ग पर गांव के लोगों द्वारा चाय एवं प्रसाद उपलब्ध कराया गया।

हैदराबाद में हनुमान जयंती के अवसर पर आयोजित शोभायात्रा में 5000 से भी अधिक दोपहिया वाहन तथा मोटरकार सम्मिलित थे। कोठी चैराहे पर हनुमान चालीसा का सार्वजनिक पठन तीन बार हुआ। अपने गन्तव्य तक पहुंचने पर वाहनों की संख्या 25,000 से भी अधिक तथा भक्तों की संख्या 5,00,000 से भी अधिक हो गयी थी। लगभग 22 कि0मी0 की यह शोभायात्रा अपने आप में हिन्दू समाज के संगठित रूप का कीर्तिमान है। हैदराबाद में श्रीरामनवमी शोभायात्रा को 200000 भक्तों ने अपनी उपस्थिति से सफल बनाया।

उ0 बंग में सिलीगुडी के ईश्वरपुर (सरकारी नाम इस्लामपुर) में इस वर्ष 70000 जनता रामनवमी कार्यक्रम में उपस्थित रही।

कोटा महानगर में 1 दिन में 9135 लोगों ने बजरंग दल सदस्यता ग्रहण की।

ग्राम शिक्षा मंदिर योजना

धनबाद (झारखण्ड) में एकल परिणाम कुंभ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर आयोजित हिन्दू सम्मेलन में 40,000 वनवासी उपस्थित थे तथा कार्यकर्ता सम्मेलन में भारत और भारत के बाहर के देशों से 2000 बन्धु पधारे थे। इस अवसर पर एकल अभियान कार्यकर्ताओं ने अपने 25 वर्षों की यात्रा पर आत्मचिंतन किया। हजारीबाग में संत सम्मेलन हुआ।

विश्व समन्वय कार्य

हिन्दु हैरिटेज फाउण्डेशन के तत्वावधान में पतित पावनी “माँ-गंगा“ के तट पर 15वीं हैरिटेज सेमिनार का आयोजन 27 फरवरी से 01 मार्च 2015 तक किया गया जिसमें 09 देशों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।          जापान, कोरिया, रूस, चीन, नुरो (दक्षिणी अफ्रीका), उज्बेकिस्तान, कजाकिस्तान, रोमानिया सहित अनेक देशों से आए हुए इन छात्र-छात्राओं को ड़ाक्यूमेन्टरी फिल्म के द्वारा माँ गंगा के साथ वेदों, उपनिषदों, आयुर्वेद व अन्य संबंधित विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गयी। सायंकाल प्रतिदिन माँ गंगा की आरती में सम्मिलित होते थे। विश्व हिन्दू परिषद् द्वारा चलाए जा रहे सेवा कार्यों तथा “गायत्री परिवार“ के “देव संस्कृति विश्व विद्यालय“ के अनुपम प्रकल्पों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के माध्यम से विदेशी छात्रों को हिन्दी का व्यावहारिक ज्ञान दिया जाता है तथा भारतीय संस्कृति, इतिहास, महापुरुष, त्यौहार व दर्शन के साथ-साथ समृद्ध भारतीय जीवन मूल्यों से भी जोड़ा जाता है।

जयपुर विकास प्राधिकरण द्वारा विकास के नाम पर हिन्दू मन्दिरों को तोडने के विरोध मे सन्तों के मार्गदर्शन में पैदल मार्च कर अपना विरोध प्रकट किया।

अयोध्या के चारों ओर 84 कोसी परिक्रमा मार्ग पर 20 दिवसीय परिक्रमा का आयोजन हुआ। देश के कई राज्यों से हिन्दुओं ने इस परिक्रमा में भागीदारी की। अयोध्या से प्रतिदिन संत परिक्रमा में सम्मिलित होते थे। सामान्यतया 250 तक संख्या प्रतिदिन रहती थी। स्थानीय समाज ने उदार हृदय से परिक्रमा में चलने वाले संतों का सत्कार किया।

छत्तीसगढ़ में एक मास की कालावधि में 13 कोटि विजयमंत्र ‘‘श्रीराम जय राम जय जय राम” का लेखन हुआ, 42000 कापियां छापी गयी थीं। समापन पर होमात्मक यज्ञ हुआ।

केन्द्रीय मार्गदर्शक मण्डल की बैठक हरिद्वार में 25 व 26 मई, 2015 को सम्पन्न हुई। राज्यों से 112 संत पधारे। तीन विषयों पर संतों ने अपने विचार रखे और प्रस्ताव पारित किए गए। 1. गंगा की अविरलता ही गंगा की निर्मलता और गंगा की रक्षा का एकमात्र मार्ग है। 2. श्वेतक्रांति और भारत के गांव व गरीब किसान के विकास का आधार गोवंश की रक्षा में निहित है तथा 3. श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण पर संतों का संकल्प।

चम्पतराय

(महामंत्री)