श्रीराम जय राम जय जय राम, শ্ৰীৰাংজয়ৰাংজয়জয়ৰাং, শ্রীরাম জয় রাম জয় জয় রাম , શ્રીરામ જય રામ જયજય રામ, ಶ್ರೀರಾಮಜಯರಾಮಜಯಜಯರಾಮ, ശ്രിറാം ജയ് റാം ജയ്‌ ജയ് റാം, శ్రీరాంజయరాంజయజయరాం

बजरंगदल राष्ट्रीय अधिवेशन – 2017

भोपाल : बजरंगदल का राष्ट्रीय अधिवेशन 27, 29 अक्टूबर, 2017 को भोपाल में सम्पन्न हुआ।
इस अधिवेशन में सम्पूर्ण देश से 1902 प्रतिनिधियों ने भाग लिया, सभी जिला टोली से ऊपर
के दायित्वान कार्यकर्ता थे
अधिवेशन में प्रदर्शनी भी लगायी गयी। प्रदर्शनी उद्घाटन विश्व हिन्दू परिषद के
अन्तराष्ट्रीय संगठन महामंत्री मा0 दिनेश चन्द्र जी ने किया। प्रदर्शनी के प्रारम्भ में श्रीराम
जन्मभूमि पर प्रस्तावित मंदिर का माड़ल रखा गया, श्रीराम जन्मभूमि से सम्बन्धित न्यायलय में
प्रस्तुत साक्ष्य एवं आन्दोलन की जानकारी। इसके अतिरिक्त गौरक्षा का महत्व, सांस्कृतिक
धरोहर, हिन्दू धर्म गं्रथ महापुरूषों का जीवन, वर्तमान में युवाओं के द्वारा किये गये अत्कृष्ट
उदाहरणों के साथ ही देश भर में सम्पन्न बजरंगदल के कार्यो की भी प्रदर्शनी लगी
सम्पूर्ण देश से लायी गयी ‘पूज्य भारत माता की रज’ से तिलक कर भव्य भारत माता
की आरती का कार्य सम्पन्न हुआ। देश के 27 प्रान्तों से एतिहासिक एवं पौराणिक स्थान की
मिट्टी आयी। बैठक में तीन प्रस्ताव भी पारित हुए। (1) श्रीरामजन्मभूमि पर भव्य मंदिर का
निर्माण (2) गौरक्षा (3) भारत की आन्तरिक सुरक्षा खतरें में है। प्रास्ताव में माँग की गयी कि
हिन्दू समाज और अधिक प्रतीक्षा करने के लिये तैयार नही है। राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक भव्य
श्रीराम मंदिर का निर्माण कानून के मार्ग से ही संभव है। आवश्यकता पड़ने पर राज्यसभा एवं
लोकसभा का संयुक्त अधिवेशन बुलाकर इस कानून को पारित करना चाहिए।
बजरंगदल देश की जनता से आवाह्न करता है कि वो गोरक्षा, गौसेवा व गौसंवर्धन के
लिए मजबूती के साथ खड़े रहें। देश के संतो ने कई बार आन्दोलन किये और 1966 में
बलिदान भी दिये। हिन्दू समाज व इन सबकी भावनाओं को सम्मान करते हुए केन्द्रसरकार
गौवंश हत्या बन्दी का राष्ट्रीय कानून बनाये, तभी राम कृष्ण, महावीर की इस पावन धरती को
गोहत्या से मुक्ति मिल सकती है।
भारत में आंतकवादी और अलगाववादी के सर्मथन में तथाकथित धर्म निरपेक्ष तथा
मानवाधिकार वादी तथा सेक्यूलर मीड़िया देश की आंतरिक सुरक्षा को खतरा उत्पन्न कर रहे
है। युवाओं को ऐसे तत्वों से सावधान रहकर सोशल मीड़िया तथा अन्य माध्यमों से इनके
कारनामों को उजागर करें तथा इनके विरूद्ध जनजागरण करें। सामाजिक प्रतिकार ही इस
राष्ट्रविरोधी तत्वों पर प्रभावी रूप से रोक लगा सकता है।
अधिवेशन का उद्घाटन मा0 चम्पतराय जी (अन्तराष्ट्रीय महामंत्री विहिप) व अध्यक्ष डाँ.
अनुपम चौकसे ने की। इस अवसर पर मा0 दिनेश चन्द्र जी (संगठन महामंत्री विहिप) मा0
हुकुम चन्द्र सांवला जी, सुयुक्त महामंत्री डाँ. सुरेन्द्र जैन जी एवं मिलिन्द पराड़े जी उपस्थित
रहें। अन्तिम दिन विशाल शोभायात्रा और सभा का आयोजन हुआ। देश भर से आए प्रतिनिधि
उपने प्रदेश की पारंपरिक वेश-भूषा और वाद्ययंत्र के साथ शोभायात्रा में सम्मिलित हुए।
शोभायात्रा के समापन पर विशाल सभा का अयोजन हुआ जिसमें मुख्यवक्ता डाँ. प्रवीणभाई
तोगड़िया जी तथा आर्शीवचन पूं0 जितेन्द्र जी महाराज (पीठाधीश्वर देवनाथ पीठ) का प्राप्त
हुआ।