श्रीराम जय राम जय जय राम, শ্ৰীৰাংজয়ৰাংজয়জয়ৰাং, শ্রীরাম জয় রাম জয় জয় রাম , શ્રીરામ જય રામ જયજય રામ, ಶ್ರೀರಾಮಜಯರಾಮಜಯಜಯರಾಮ, ശ്രിറാം ജയ് റാം ജയ്‌ ജയ് റാം, శ్రీరాంజయరాంజయజయరాం

इंग्लैण्ड, हालैण्ड एवं अमेरिका के प्रवास कार्यक्रम का संक्षिप्त विवरण

इंग्लैण्ड, हालैण्ड एवं अमेरिका के प्रवास कार्यक्रम का संक्षिप्त विवरण
(दिनांक 14 अगस्त से 15 सितम्बर, 2015 तक)

प्रवासी – मा. अशोक सिंहल जी, चम्पतराय, प्रशांत हरतालकर व अशोक जी के सहयोगी आनन्द मेहरा।
14 अगस्त  – दिल्ली से प्रस्थान दोपहर 2.00 बजे। रात्रि लन्दन पहुँचे। भोजन शयन हैरो में।
15 अगस्त – प्रातः जलपान पश्चात् प्रस्थान, दोपहर लेस्टर पहुँचे। भोजन, कार्यकर्ता बैठक, माननीय संघचालक, संस्कृत भारती कार्यकत्र्री व श्री रामवैद्य (प्रचारक) भी रहे। कुल उपस्थिति 20। रात्रि शयन हेतु हैरो वापस।
16 अगस्त  – इण्डियन जीमखाना क्लब Osterley Court  में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में सम्मिलित। लगभग 10 हजार भारतीय वहाँ होने का अनुमान, भारतीय उच्चायुक्त ने ध्वजारोहण किया, दो घण्टे रुके।
सायंकाल कार्यकर्ता बैठक हिन्दू सेण्टर – इलफोर्ड (लन्दन)। बैठक पश्चात् प्रशान्त जी व मैं स्वयं इलफोर्ड (लन्दन) से बस द्वारा लेस्टर को प्रस्थान। हम रात्रि 9.00 बजे लेस्टर पहुँचे। हिन्दू स्वयंसेवक संघ कार्यालय में शयन। अशोक जी इलफोर्ड से अपने भतीजे के घर गये।
17 अगस्त  – पुराने स्वयंसेवक व कार्यकर्ता श्री प्रवीण भाई रूपरेलिया के घर जलपान, पश्चात् श्री राम वैद्य के साथ भारत वैल्फेयर ट्रस्ट
ऑफिस गये, श्री कान्तीभाई से भेंट-वार्ता। वे धन संग्रह करके सेवा कार्य हेतु भारत भेजते हैं।
श्री हसमुख भाई शाह से मिलने (बे्रडफोर्ड-यार्क) पहुँचे। वे हिन्दू इकोनाॅमिक फोरम के प्रमुख हैं। सायं 4.00 से 6.00 बजे तक रहे।
डॉ. रवि कक्कड़ / डॉ. श्रीमति पूनम कक्कड़ के घर मैनचेस्टर पहुँचे। दोनों पति-पत्नी वि0हि0प0 के कार्यकर्ता। देर रात तक वि0हि0प0 विषयक वार्ता। डॉ. रवि वि.हि.प. मैनचेस्टर ईकाई के मंत्री व पत्नी हिन्दू धर्म शिक्षण कक्षाएँ लगाती हैं। रात्रि शयन उन्हीं के घर पर हुआ।
18 अगस्त – डॉ रवि सुरंगे से भेंट करने उनके घर गये। (हिन्दू स्वयंसेवक संघ के उत्तर पश्चिम इंग्लैण्ड के विभाग कार्यवाह)।
श्री तरसेम लाल गुप्ता (वि0हि0प0 के पूर्व कोषाध्यक्ष) को देखने गये। अत्यधिक बीमार है।
दोपहर 1.00 बजे से 3.00 बजे तक मैनचेस्टर का विज्ञान एवं औद्योगिक म्यूजियम देखा।
सायं 3.30 बजे परिषद कार्यकर्ता श्री रजनीकान्त मिस्त्री के घर वाशिंगटन पहुँचे, परिषद कार्यकर्ता।
मुकेश धीरानी से भेंट (बालगोकुलम प्रमुख, जैसलमेर से सटे पाकिस्तानी जनपद थारपारकर निवासी, लिवरपूल विश्व विद्यालय में सेवारत)।
बोल्टन पहुँचे, रात्रि में वि0हि0प0 कार्यकर्ता बैठक, स्थान वेद मंदिर, 1970 में वेद भगवान की स्थापना हुई थी। 15 कार्यकर्ता उपस्थित।
रात्रि शयन – विभाग संघचालक जी के घर बोल्टन में ही।
19 अगस्त – चिन्तामणि पाण्डे (नेपाल निवासी, अयोध्या व दिल्ली में परिषद कार्यालय में रहे) के घर (स्मिथविक – बरमिंघम) पहुँचे, जलपान।
पशुपतिनाथ मंदिर (शनिधाम) ब्लैकहीथ पहुँचे, चिन्तामणि पाण्डे साथ रहे, मंदिर समिति से भेंट।
बालाजी मंदिर दर्शन। चेन्नई के स्वयंसेवक डॉ. नारायण राव मंदिर संस्थापक, मंदिर का परिसर विशाल है। डॉ. नारायण राव जी से भेंट।
दोपहर 1.30 बजे श्री धीरुभाई (फार्मेसी व्यवसाय, प्रान्त संघचालक) के घर मोसली Moseley  पहुँचे। (प्रशान्त जी की भान्जी यहीं मिलने, अपने पति के साथ आयी) श्री धीरू भाई जी के साथ चर्चा-कि यहाँ कार्य की सक्रियता व विस्तार हेतु क्या-क्या कार्यक्रम लिये जा सकते हैं ?
सायं 4.30 बजे डॉ. त्रिभुवन जोटंगिया (इग्लैंण्ड वि0हि0प0 उपाध्यक्ष) से मिलने उनके घर Covendry पहुँचे।
रात्रि 7.30 बजे लेस्टर वापस। संघ कार्यालय पर 3 शाखाओं का मिलन कार्यक्रम, कार्यकर्ताओं से भेंट, भोजन, शयन।
20 अगस्त – किशोर भाई रूपारेलिया (मंत्री – वि0हि0प0 इंग्लैण्ड) के घर लन्दन पहुँचे, वहीं डॉ. गिरधारी लाल भान (अध्यक्ष वि0हि0प0 इंग्लैण्ड) आ गये। दोनों बहुत पुराने समय से पदाधिकारी हैं, सक्रिय हैं, संघ के प्रति श्रद्धा रखने वाले कार्यकर्ता हैं। इग्लैण्ड के कार्य, कार्यकर्ताओं पर चर्चा, प्रवास अनुभव सुनाये।
लन्दन की प्रसिद्ध नदी टेम्स देखी, संसद भवन देखा, भारतीय उच्चायुक्त भवन में एक भारतीय अधिकारी से भेंट करने गये। सन्तोष तनेजा जी (दिल्ली साथ में रहे)।
सायं 4.00 बजे श्रीराम मंदिर (साउथ हाल) में मंदिर से जुड़े हिन्दुओं से मिले। 20 सज्जन रहे, वार्ता।
रात्रि शयन हेतु विनचेस्टर पहुँचे। यहाँ अशोक जी अपने भतीजे संजय सिंहल के घर ठहरे हुए थे। यहीं रात्रि भोजन हुआ।
21 अगस्त – लन्दन से एम्सटर्डम (हालैण्ड) के लिए वायुयान द्वारा प्रस्थान। हालैण्ड दोपहर 3.30 बजे (हालैण्ड समय) पहुँचे, 200 मील दूर जर्मन सीमा पर स्थित महर्षि महेश योगी आश्रम पहुँचे। Vlodrop (फ्लोड्राप – नेशनल पार्क) में आश्रम। भोजन – विश्राम, रात्रि शयन।
22 अगस्त – डॉ. प्रथमेश व्यास (आयुर्वेदाचार्य, नागपुर के स्वयंसेवक, गोविज्ञान अनुसंधान केन्द्र देवलापार से जुड़े रहे ) भेंट हुई। डॉ. जगदीश वैद्य मिले। दिनेश जी (मवाना – मेरठ वासी, 40 वर्ष से महर्षि जी के साथ) एवं उनका भतीजा अमन मित्तल (इसी वर्ष आई0ए0एस0 में चयन हुआ, ध्यान सीखने आया) से भेंट, वार्ता। राजा लुईस के साथ दोपहर भोजन। सायं आश्रम भ्रमण। महर्षि जी जहाँ निवास करते थे, उस भवन में महर्षि जी के यूरोपियन शिष्यों (राजा एवं महाराजा) के साथ सामूहिक भेंट। रक्षाबन्धन किया।
23 अगस्त – भरत जी सपत्नीक आये। सूरीनाम से कभी निकाले गये हिन्दू हालैण्ड में रहते हैं। ऐसे लगभग 40 हिन्दू अशोक जी से मिलने महर्षि जी के आश्रम में आये। इन्हें श्री ब्रह्मदेव उपाध्याय जी (भदोही – काशी) के पुत्र सुरेन्द्र शंकर उपाध्याय अपने साथ एम्सटर्डम से लाये थे। रात्रि शयन।
24 अगस्त – प्रातः एम्सटर्डम हवाई अड्डा हेतु प्रस्थान, वायुयान से 9 घण्टे की यात्रा के पश्चात् शिकागो (अमेरिका) पहुँचे। परिषद से जुड़े कार्यकर्ता मिले, हम चारों एक कार्यकर्ता J. D.  के घर पहुँचे। भोजन, विश्राम। रात्रि में आस-पास के 12 कार्यकर्ता पुनः आये, श्रीरामजन्मभूमि विषय पर चर्चा। भोजन, शयन।
25 अगस्त – पुनः हवाई अड्डा हेतु प्रस्थान, अमेरिका के प्रान्त Iowa के प्रमुख शहर फेयर फील्ड पहुँचे।
महर्षि जी के एक भक्त का छोटा निजी वायुयान हमें लेने आया। फेयर फील्ड हवाई पट्टी पर डॉ. वेवन मोरिस से भेंट, वे लेने आये थे, महर्षि वैदिक सिटी में सभी का निवास। दोपहर भोजन, विश्राम।
वैदिक पंडितों (संख्या – 60, सभी भारत से) के साथ भेंट, परिचय, वेद के सम्बन्ध में चर्चा, परिषद द्वारा वेदों के कंठस्थीकरण के लिए किये जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। सामान्यतया असम, बिहार, म0प्र0, उ0प्र0 के वैदिक, न्यूनतम 4 वर्ष रहते हैं, फिर वापस भारत, नये वैदिक आते हैं। रात्रि भोजन, शयन।
26 अगस्त – Dr. Mark Tromey Ph.D नाड़ी विशेषज्ञ (महर्षि जी के यूरोपियन शिष्य) आये, हमारी नाड़ी परीक्षण किया।
जलपान पश्चात् – पुनः वैदिकों से मिलने अशोक जी के साथ गये, रुद्राभिषेक हुआ, देखा, वैदिकों के साथ अशोक जी की वार्ता। दोपहर भोजन, विश्राम।
ग्रीन हाउस देखने गये। पेड़, पौधों, फलों, सब्जियों के बगीचे में वेद यंत्रों के उच्चारण के परिणामस्वरूप फलों, सब्जियों, पौधों का विकसित स्वरूप देखा। बताया गया कि ग्रीन हाउस में प्रातः सायं नित्य 2-2 घण्टे मंत्रोच्चार होता है।
दोपहर कुछ वैज्ञानिकों से भेंट, उन्होंने वेद मंत्रों के उच्चारण एवं भावातीत ध्यान के सुपरिणामों की जानकारी दी। इनमें तमिलनाडु, चण्डीगढ़ व नेपाल के डाक्टर भी थे।
भावातीत ध्यान का विशाल कक्ष देखा, सैकड़ों व्यक्ति वहाँ अभ्यास कर रहे थे।
रात्रि भोजन हेतु डॉ. थिमैया जी (कर्नाटक वासी) के घर गये, वे जैविक खेती पर कार्य कर रहे हैं। इसके पूर्व वे संयुक्त राष्ट्र संघ में आर्गेनिक कृषि सलाहकार, भूटान सरकार के आर्गेनिक कृषि सलाहकार रह चुके हैं। अब महर्षि जी के यहाँ Sustainable Living Faculty  में सेवा दे रहे हैं। यहाँ कम्प्यूटर विज्ञान के एक प्रोफेसर भी मिले, जो अजमेर निवासी हैं।
शयन हेतु निवास पर वापस।
27 अगस्त – महर्षि विश्वविद्यालय में स्थापित अमरनाथ शिवलिंग के दर्शन किये।
पत्थरों पर मशीनों से नक्काशी का एक यूरोपीय व्यक्ति का उद्योग देखा।
महर्षि जी की आयुर्वेद फार्मेसी देखी।
कम्प्यूटर साइंस संस्थान देखने गये, प्रोफेसर एकत्र बैठे थे, भावातीत ध्यान के अपने अनुभव सुनाये।
श्री अन्नामुकादम के छोटे भाई की पुत्रवधु यहाँ अपने दो बालकों के साथ मिली।
भावातीत ध्यान के साथ अध्ययन करने वाले छात्रों के साथ भेंट, 40 छात्र, कई ने अपने अनुभव सुनाये।
इनमें भारत, पाकिस्तान, बंगलादेश, भूटान, नेपाल, लंका, ट्यूनीशिया, वियतनाम, जर्मन आदि अनेक देशों के छात्र थे।
दोपहर भोजन के पश्चात् महर्षि संस्थान के निजी यान से शिकागो वापस हुए।
सायं 4.00 बजे शिकागो पहुँचे। हवाई पट्टी पर कार्यकर्ता मिले।
डॉ. शामकान्त सेठ (दन्त चिकित्सक) के घर पहुँचे, ये विश्व हिन्दू परिषद शिकागो इकाई के अध्यक्ष है।
रात्रि भोजन विनोद पटेल के घर, 25-30 बन्धु थे। परिषद, संघ व सेवा इण्टरनेशनल के बन्धु भी थे, अमेरिका के माननीय संघचालक श्री वेदनन्दन जी व सह कार्यवाह यहाँ आ गये थे। संयोग कि रात्रि भोजन पर विनोद पटेल जी के घर महामण्डलेश्वर स्वामी अर्जुनपुरी जी (जूना अखाड़ा – हरिद्वार) व स्वामीनारायण सम्प्रदाय के स्वामी माधव प्रिय दास जी भी वहाँ आये। परिचय, परिषद चर्चा, भोजन। शयन के लिए डॉ. शामकान्त सेठ के घर वापस।
28 अगस्त – दिन में शिकागो शहर में वह भवन देखा, जहाँ 1893 में स्वामी विवेकानन्द का वह उद्बोधन हुआ था, जो संसार भर में प्रसिद्ध हुआ। उस सड़क का नाम आज विवेकानन्द मार्ग है।
रात्रि 7.00 बजे शिकागो में W. Peterson Road  पर हिन्दू मंदिर है, यह Lake County में माना जाता है। रक्षाबन्धन उत्सव हुआ। संख्या लगभग 100। महिलाएँ अधिक सक्रिय। कार्यक्रम पश्चात् भोजन, रात्रि 11.00 बजे निवास स्थान पर वापस।
29 अगस्त – श्री उत्सव चक्रवर्ती (वाशिंगटन डी.सी.) से यहाँ मिलने आये, प्रचार-प्रसार में रुचि है। अर्चिटेक्ट इंजीनियर हैं, भोपाल में बी.एच.ई.एल. में पिता जी थे। उत्सव जी ने अनेक प्रश्न पूछे, हम सभी ने यथायोग्य उत्तर दिये।
दोपहर भोजन पूर्व डॉ. शामकान्त सेठ के घर पुराने कार्यकर्ताओं का मिलन, वार्ता, भोजन संख्या-22 थी।
अपराह्न 3.00 बजे लमाण के हिन्दू मंदिर गये, स्वामी विवेकानन्द जी की प्रतिमा को माल्यार्पण किया, मंदिर दर्शन किये, विवेकानन्द हाल में रक्षाबन्धन उत्सव, अशोक जी का उद्बोधन।
कार्यक्रम पश्चात् सीधे हवाई अड्डा को प्रस्थान। एटलाण्टा जाना था। रात्रि 10.00 बजे एटलाण्टा पहुँचे। हवाई अड्डा पर अनेक कार्यकर्ता रहे। एटलाण्टा इकाई की अध्यक्षा श्रीमती कुसुम खुराना भी यहाँ मिली।
अशोक जी, श्याम शंकर तिवारी जी के यहाँ ठहरे, श्याम शंकर तिवारी परिषद के प्रचार-प्रसार प्रमुख हैं, पत्रिका सम्पादन करते हैं। उनके ही निकट माधव काटघरे जी के घर प्रशान्त जी व मेरा निवास रहा।
30 अगस्त – दिन में 11.30 बजे Global Mall  पहुँचे। सार्वजनिक कार्यक्रम, संख्या लगभग 125, ग्लोबल मॉल में 3 मंदिर भी हैं, दर्शन किये। कार्यक्रम दोपहर 1.00 बजे प्रारम्भ। कार्यक्रम संचालन श्याम शंकर तिवारी जी की धर्मपत्नी श्रीमती मंजू तिवारी ने किया। प्रश्नोत्तर भी हुए। भूटान से निकाले गये नेपाली भाषी 8 हिन्दू स्त्री-पुरुष कार्यक्रम में थे।
सायं 4.00 बजे माधव काटघरे जी स्वामी नारायण मंदिर ले गये। अति भव्य मंदिर। एटलाण्टा में ही भवन निर्माण शैली देखी, लकड़ी के मकान बनते हैं।
सायं 6.00 बजे कार्यकर्ता बैठक। स्थान एटलाण्टा इकाई के मंत्री श्री जयन्त दफ्लरदार जी का मकान। परिचय, चर्चा, भोजन।
इस्कान के साधु भी आये। श्री जयन्त जी बेलगाँव (कर्नाटक) निवासी हैं। उनकी धर्मपत्नी ने बताया कि वे गोलवलकर वंश की हैं।
31 अगस्त – प्रातः एटलाण्टा इकाई अध्यक्ष श्रीमती कुसुम खुराना के घर जलपान हेतु गये, यहाँ भी तीन कार्यकर्ता परिवार उपस्थित। तत्पश्चात् हवाई अड्डा पहुँचे। ह्यूस्टन (टेक्सास) जाना है।
दोपहर 2.00 बजे ह्यूस्टन पहुँचे। रमेश शाह व अन्य कार्यकर्ता मिले। सभी का निवास रमेश शाह जी के घर रहा। अनेक बन्धु व्यक्तिशः अशोक जी से मिलने आये। हैदराबाद निवासी प्रमोद कुमार मिलने आये, साफ्टवेयर इंजीनियर हैं। प्रचार में रुचि हैं। 6 माह पूर्व ही मीडिया कम्पनी प्रारम्भ की। हिन्दी, अंग्रेजी, तेलगु में लिखते है। भारतीय लोकसभा चुनाव के पूर्व मोदी जी के पक्ष में 50 लेख लिखे।
रात्रि 8.00 बजे कार्यकर्ता शरद अमीन जी के घर पुराने बन्धुओं की बैठक। 25 बन्धु थे। बैठक पश्चात् भोजन। शरद अमीन संघ कार्यकर्ता।
01 सितम्बर  – दोपहर 2.00 बजे सौमित्र जी भी कनाडा से आ गये, श्री रमेश शाह जी ही उन्हें लेने हवाई अड्डा गये थे। जुगल मालाणी मिलने आये। स्व. डॉ. सुजितधर (कोलकाता) की पुत्री अपने छोटे पुत्र के साथ अशोक जी से मिलने आयी। अमेरिका के सह-संघचालक रमेश भूतड़ा जी भेंट करने आये।
रात्रि 7.30 बजे सनातन शिव शक्ति मंदिर में सार्वजनिक कार्यक्रम। संख्या अनुमान 125। उद्बोधन, भोजन।
02 सितम्बर – प्रातः वायुयान से कैलीफोर्निया प्रान्त के सनफ्रान्सिसको को प्रस्थान। 4 घण्टे की हवाई यात्रा। हवाई अड्डा पर आसाराम बापू के शिष्य राजेश अपने पुत्र के साथ तथा श्री कृष्ण कुमार पाण्डेय (विद्यार्थी जी) आ गये। विद्यार्थी जी के घर Sunny vale  में निवास। श्री मनोहर शिंदे व अन्य संघ कार्यकर्ता भेंट करने आये। अन्य अनेक लोग व्यक्तिशः भेंट करने आये।
रात्रि भोजन श्रीमती लीला माथुर के घर Fremont में हुआ, यहाँ पर भी महामण्डलेश्वर अर्जुनपुरी जी महाराज पहले से विराजमान थे, भोजन पर 15 लोग रहे होंगे। विश्व हिन्दू परिषद की चर्चा तथा भोजन, निवास स्थान पर वापस।
3 सितम्बर – विश्राम।
4 सितम्बर – दिल्ली निवासी श्री रविदेव गुप्ता (एकल विद्यालय योजना से जुड़े संघ कार्यकर्ता) अशोक जी से मिलने आये। रविदेव गुप्ता जी से 1952 से अशोक जी का सम्बन्ध है।
अशोक जी के सबसे बड़े भाई स्व. विनोद जी (उदयपुर) की पुत्री मंजू मिलने आयी।
सायंकाल श्री अजय सिंहल सपत्नीक आये, श्री अजय सिंहल जी अमेरिका में हिन्दू धर्म पर अध्ययन करने के लिए एक केन्द्र प्रारम्भ कर रहे हैं और इस केन्द्र के लिए स्वयं अपने पास से 4.4 मिलियन डॉलर दिया है।
सायं 7.30 बजे Sunnyvale के हिन्दू टेम्पल में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी कार्यक्रम में गये। कार्यक्रम विश्व हिन्दू परिषद सनफ्रान्सिसको इकाई ने आयोजित किया था। 250 से अधिक उपस्थिति थी। इस्कान से जुड़े यूरोपीय भक्तों ने अपने भजन से सबका मन मोह लिया। भोजन के बाद निवास स्थान पर वापस।
अजय सिंहल जी के साथ 6 अन्य स्वयंसेवक भी आये, रात्रि 2.00 बजे तक भिन्न-भिन्न विषयों पर चर्चा चलती रही।
5 सितम्बर – लांसएंजिलस से भी बाबू भाई गांधी व एक योगाचार्य महेन्द्र भेंट करने आये। योगी महेन्द्र परिषद के प्रयत्नों से ही अमेरिका पहुँचे हैं।
दोपहर 11.30 बजे कैलिफोर्निया विश्व हिन्दू परिषद कार्यकर्ता बैठक हुई।
सायंकाल 6.00 बजे आसाराम बापू के शिष्यों की टोली मिलने आई, सभी युवक थे।
बिहार के एक कार्यकर्ता रवीन्द्र के घर व्यक्तिशः मिलने गये।
रात्रि संस्कृत भारती के तीन दिवसीय शिविर को देखने गये। कैलिफोर्निया 5 स्थानों के 150 स्त्री, पुरुष, युवक, युवती, किशोर व बाल शिविर में थे।
रात्रि 9.00 बजे शिवदुर्गा मंदिर Flora vista  में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी कार्यक्रम में आये, देर रात्रि शयन हेतु वापस लौटे।
6 सितम्बर – प्रातःकाल एक संघ कार्यकर्ता नागराज जी के साथ आस-पास देखने के लिए निकले, सायंकाल तक वापस आये। निवास स्थल पर ही कार्यकर्ताओं का एकत्रीकरण था। संघ, परिषद व भाजपा के अमेरिकी मित्र, मंदिरों से जुड़े व्यक्ति कार्यक्रम में थे संख्या 80 थी, देर रात्रि तक बैठक चलती रही, भोजन के पश्चात् शयन।
7 सितम्बर – प्रशान्त जी के साथ, मेरा स्वयं का Boston का टिकट था, दोपहर तक बोस्टन पहुँच गये। मा. अशोक जी दोपहर के बाद के हवाई जहाज से Boston चले।
सनफ्रांसिसको से बोस्टन दोपहर को पहुँचे। श्री ब्रज गर्ग जी हवाई अड्डा पर ही मिल गये। (गाजियाबाद निवासी क्षेत्र संघचालक स्वर्गीय जगमोहन गर्ग के छोटे भाई हैं।) अपने घर ले गये, भोजन, विश्राम।
मा. अशोक जी का वायुयान 4 घण्टा विलम्ब से रात्रि 2.00 बजे बोस्टन पहुँचा। वे BHU के अपने पुराने साथी श्री तेज टण्डन जी के घर रहे। श्री तेज टण्डन जी ने Boston में अपना बड़ा भूखण्ड विश्व हिन्दू परिषद अमेरिका को परिषद कार्यालय बनाने हेतु दान दिया है।
8 सितम्बर – 11.00 बजे सत्संग भवन मंदिर में कुछ मंदिरों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा। भोजन। निवास पर वापस।
सायं 6.30 बजे द्वारिका भाई शिरडी साई बाबा मंदिर में सार्वजनिक कार्यक्रम, संख्या 120 के आस-पास थी। डॉ. महेश मेहता, अभय अस्थाना मिले। निवास पर वापस, भोजन, दैनिक समाचार सुने, शयन।
9 सितम्बर – अशोक जी एक दिन और बोस्टन में विश्राम हेतु और ठहरे। प्रशान्त जी के साथ मैंने वायुयान से वाशिंगटन डी.सी. को प्रस्थान किया।
वाशिंगटन डी.सी. हवाई अड्डे पर श्री धनंजय शेवलीकर (मंत्री वि0हि0प0 वाशिंगटन शाखा) अपने पिताजी के साथ मिले। उनके घर गये वहीं 2 दिन का निवास। जालना (महाराष्ट्र) निवासी। साफ्टवेयर इंजीनियर हैं।
सायं 7.00 बजे Reston Liabrary  में बैठक। 15-20 बन्धु थे। भोजन किया, चर्चा प्रारम्भ की। अनायास बैठक स्थान बदलना पड़ा, श्री राकेश बहादुर जी के घर गये, वहाँ रात्रि 10.00 बजे तक चर्चा हुई। निवास पर वापस।
10 सितम्बर – वाशिंगटन (अमेरिका की राजधानी) भ्रमण। सायंकाल 5.00 बजे मैं ट्रेन से Trenton के लिए चल दिया। प्रशान्त जी 11 सितम्बर प्रातः श्री सन्त गुप्ता जी के साथ Trenton आयेंगे। मैं रात्रि अपनी भतीजी प्रीति के घर रहा।
11 सितम्बर – अपनी भतीजी प्रीति के घर से प्रातः 9.30 बजे मैं डॉ. उमेश शुक्ला (उपाध्यक्ष-अमेरिका विश्व हिन्दू परिषद) के घर आ गया, सो गया। दोपहर को प्रशान्त जी भी आ गये। पता लगा कि अशोक जी का विमान देर रात्रि 5 घण्टे विलम्ब से न्यूजर्सी पहुँचा।
दोपहर 3.30 बजे न्यूजर्सी से न्यूयार्क में Jamaika क्षेत्र में स्थित सूर्यनारायण मंदिर के लिए प्रस्थान। सड़क पर यातायात अधिक होने के कारण 3 घण्टे में पहुँच सके।
मंदिर में कैरेबियन देशों के बन्धुओं का कार्यक्रम। संख्या 250 से अधिक। स्वामी ब्रह्मदेव जी (भदोही – त्रिनिदाद) यहाँ मिले। उत्साहवर्धक कार्यक्रम। मंदिर में ही भोजन।
अशोक जी शयन हेतु रजनीश गोयनका के छोटे भाई (श्री अनिमेश गोयनका) के घर गये। विमल सोडानी, उमेश शुक्ला, प्रशान्त जी के साथ मैं बारामूला – काश्मीर निवासी श्री मोहन वाँचू के घर गया। रात्रि 1.30 बजे तक काश्मीर चर्चा चली।
12 सितम्बर – प्रातः 10.00 बजे हिन्दू सेण्टर (मंदिर) सभी पहुँचे। सार्वजनिक कार्यक्रम। संख्या 50 लगभग। महाराष्ट्र मण्डल, तमिल संगम, राजस्थानी समाज, आर्य समाज, सत्यनारायण मंदिर, व्यापारी, सभी वर्ग। ।Association of Indians  के पदाधिकारी भी। परिषद चर्चा, महत्व। न्यूयार्क परिषद शाखा अध्यक्ष रामसचदेव जी ने संचालन किया। हिन्दू सेण्टर मंदिर क्षेत्र में चीन, कोरिया, भारतीयों की आबादी अधिक।
भोजन – विश्राम के लिए Edison  को प्रस्थान। होटल मेरियेट में भोजन विश्राम।
सायं 5.30 बजे ज्ण्टण् ।T.V. Asia Auditorium  में सार्वजनिक कार्यक्रम। यहाँ सभी पुराने कार्यकर्ताओं से भेंट हुई। संख्या लगभग 125।
रात्रि भोजन व विश्राम हेतु विमल सोडानी जी के घर के लिए प्रस्थान। सभी का निवास एक साथ।
13 सितम्बर – दिन में 12.00 बजे Global Dharma Conference  देखने चले। अमेरिका में परिषद से जुड़े युवकों के संगठन द्वारा आयोजित यह धर्म सम्मेलन है। 11, 12, 13 सितम्बर को तीन दिवसीय, लगभग 500 संख्या। भोजन के समय पहुँचे, भोजनोपरान्त मा. अशोक जी का 10 मिनट का सम्बोधन हुआ और प्रस्थान किया। अशोक जी विश्राम के लिए उमेश शुक्ला के घर वापस चले।
प्रशान्त के साथ मुझे Staten Island  जाना था, डॉ. इला सुखाडि़या के साथ चले, वे वहीं द्वीप पर रहती हैं। सायं 7.00 बजे डॉ. इला जी के घर पर 11 बन्धु सपत्नीक आये, परिषद चर्चा हुई, भोजन हुआ, भोजन पश्चात् उनके आग्रह पर मैंने श्रीराम जन्मभूमि विषय बताया। रात्रि 11.00 बजे गये। शयन किया।
14 सितम्बर – प्रातः इला सुखाडि़या जी के घर से चायपान करके अरविन्द सन्त जी के घर गये, वे प्रारम्भ के परिषद कार्यकर्ता हैं, वानप्रस्थ जीवन जी रहे हैं। उनके घर अल्पाहार करके, उन्हीं के साथ, न्यूजर्सी के लिए चले। श्रीकृष्ण वृन्दावन मंदिर चैराहे पर पहुँचे। उडूपी की मध्वाचार्य परम्परा का मंदिर है, दर्शन किये, वहाँ से श्री गौरांग वैष्णव जी (पुराने कार्यकर्ता) के साथ प्रमुख स्वामी जी की प्रेरणा से बने स्वामीनारायण मंदिर (Robbinsville – New Jersey)  दर्शन करने गये। मा. अशोक जी भी उमेश शुक्ला के साथ यहाँ आ गये। प्रशंसनीय मंदिर, 300 एकड़ भूमि, सफेद पत्थर पर बारीक नक्काशी।
भारत सेवाश्रम संघ मंदिर दर्शन करने गये। यहाँ संघ शाखा लगती है। हिन्दू परिवारों के लिए भिन्न-भिन्न कार्यक्रम होते हैं।
उमेश शुक्ला जी के घर वापस आये, भोजन विश्राम।
सायं 6.00 बजे आसाराम बापू के भक्तों की टोली अशोक जी से मिलने आयी। रात्रि 7.00 बजे परिषद के वरिष्ठ बन्धुओं का समागम उमेश शुक्ला जी के घर हुआ। भारत में संगठन की सक्रियता व मजबूती, नई पीढ़ी को जोड़ने के लिए किये जाने वाले कार्यक्रमों, प्रशिक्षण वर्गों, नियमित बैठकें, हितचिन्तक अभियान की जानकारी दी, प्रश्नोत्तर भोजन।
अशोक जी के 90वें वर्ष आयु प्रवेश के प्रसंग में शुभकामनाएँ दी गयीं। रात्रि शयन 12.00 बजे।
15 सितम्बर – अल्पाहार पश्चात् उमेश शुक्ला जी के घर से प्रातः 10.30 बजे जान0एफ0 कैनेडी अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डा न्यूयार्क को चले। एयर इण्डिया के विमान से दिल्ली आना था, वायुयान के उड़ने का समय दोपहर 3.00 बजे, एयर इण्डिया कर्मचारियों का व्यवहार बहुत अच्छा लगा। 14 घण्टे की सतत् उड़ान के बाद 16 सितम्बर को भारतीय समयानुसार दोपहर 2.45 बजे वायुयान दिल्ली पहुँचा। हवाई अड्डे पर वरिष्ठ कार्यकर्ता मिले। संकटमोचन आश्रम आ गये।
बैठकों/कार्यक्रमों अथवा कार्यकर्ताओं के साथ चर्चा के विषय सामान्यतः निम्न रहे:-
ऽ कार्यकर्ताओं का विस्तृत परिचय अर्थात् नाम, भारत में जन्मभूमि कहाँ, विदेश में कब आये, यहाँ व्यवसाय क्या ? संघ का सम्बन्ध कब से, परिषद में कब जुड़े, परिषद कार्यकर्ता/इकाई के रूप में हिन्दू संस्कृति रक्षण के लिए क्या-क्या कार्यक्रम करते हैं ?
ऽ हमारे द्वारा बताया गया कि भारत में हिन्दू समाज की कठिनाईयाँ/आवश्यकतायें क्या हैं, उनके समाधान के लिए हम क्या-क्या कार्य करते हैं। सेवा कार्यों की जानकारी दी गयी, भारत में परिषद के वर्तमान स्वरूप की संक्षिप्त जानकारी दी गयी।
ऽ प्रशान्त जी ने भारत के चारों ओर के पड़ोसी देशों पाकिस्तान, नेपाल, भूटान, बंगलादेश, श्रीलंका और अन्य दक्षिणी पूर्वी देशों में बसे हिन्दुओं की अवस्था का संक्षिप्त वर्णन किया। आग्रह किया गया कि वे अपने-अपने शहरों में बसे इन सभी देशों के हिन्दुओं से भी सम्बन्ध बढ़ाने का प्रयास करें, उन्हें अपने उत्सवों/कार्यक्रमों में आमन्त्रित करें। उन्हें अनुभव हो सके कि वे बड़े हिन्दू परिवार के अंग हैं।
ऽ माननीय अशोक जी ने परिस्थिति अनुसार हिन्दू समाज पर वैश्विक संकटों की जानकारी दी। धर्म के रक्षण का आग्रह किया। अशोक जी कम ही बोले। संगठनात्मक चर्चा, कार्यकर्ताओं से मिलना, विचारों के आदान-प्रदान का अभाव सर्वत्र अनुभव हुआ।
ऽ अमेरिका में अनेक स्थानों पर जाना छूट गया, अनेक पदाधिकारियों से मिलना नहीं हो पाया। ऐसे सभी स्थानों पर जाकर मिलने के लिए प्रशान्त जी अभी अमेरिका में रुके हैं, वे 25 अक्टूबर को वापस आयेंगे।
ऽ यह भी अनुभव आया कि अमेरिका/यूरोप में प्रवास के लिए अगस्त, सितम्बर, अक्टूबर का काल ही सर्वोत्तम है।
द्वारा/- चम्पतराय, महामंत्री-वि.हिं.प.