श्रीराम जय राम जय जय राम, শ্ৰীৰাংজয়ৰাংজয়জয়ৰাং, শ্রীরাম জয় রাম জয় জয় রাম , શ્રીરામ જય રામ જયજય રામ, ಶ್ರೀರಾಮಜಯರಾಮಜಯಜಯರಾಮ, ശ്രിറാം ജയ് റാം ജയ്‌ ജയ് റാം, శ్రీరాంజయరాంజయజయరాం

अखिल भारतीय संगीत एवं संस्कार प्रशिक्षण वर्ग

हरिद्वार : 4/11/2014 विश्व हिन्दू परिषद सत्संग विभाग की तरफ से सत्संगों को सुरुचिपूर्ण एवं संस्कार क्षम करने के लिए, उत्तराखण्ड प्रान्त के हरिद्वार में स्थित पवित्र गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में एक दस दिवसीय अखिल भारतीय प्रशिक्षण वर्ग 4 नवम्बर 2014 से 13 नवम्बर 2014 तक सम्पन्न हुआ है। इसमें देशभर के 19 प्रान्त, 1 उप प्रान्त (अण्डमान निकोबार) और पड़ोसी देश नेपाल से कुल मिलाकर 28 शिक्षार्थी भाग लिए थे। हरेक प्रान्त से एक कार्यकर्ता (जिनकी संगीत में रूचि है) अपेक्षित थे। वहाँ पर डफलि वाद्य का प्रशिक्षण दिया गया और हिन्दू संस्कार पद्धति में से पुंसवन, नामकरण, अन्नप्रासन संस्कार के साथ-साथ जन्मदिन और विवाह दिवसोत्सव कैसे मानाया जाए, उसके बारे में विस्तृत रूप में आश्रम के अनुभवी प्रशिक्षको के द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। इस वर्ग का उद्घाटन विश्व हिन्दू परिषद के अन्तरराष्ट्रीय संगठन महामंत्री माननीय श्री दिनेश जी के द्वारा और समापन विश्व हिन्दू परिषद के अन्तरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष माननीय श्री जगन्नाथ साही जी के द्वारा हुआ।

अंतिम दिवस दिनांक 13 को सुबह 9.00 बजे विश्व गायत्री परिवार के अध्यक्ष माननीय डॉ. श्री प्रणव पण्डया जी और उनकी धर्मपत्नी पूज्या शैल दीदी के साथ, सब शिक्षार्थी, उनके साक्षात के स्थान पर मिले, दोनों महानुभावों ने प्रशिक्षार्थियों के डफलि प्रशिक्षण के बारे में जानकारी ली, और डफलि को माध्यम बनाकर सत्संग के द्वारा जन प्रबोधन और जन संस्कार का काम सहज रूप ममें हो सकेगा ये विचार उन्होंने व्यक्त किए। माननीय डॉ. पण्डया जी ने कहा एक अच्छा सुसंस्कारित समाज गठन में गायत्री परिवार एवं विश्व हिन्दू परिषद दोनों मिलकर काम करेंगे तो ठीक रहेगा, क्योंकि दोनों का विचार समान है।

विश्व हिन्दू परिषद के अन्तरराष्ट्रीय महामंत्री श्री चम्पतराय जी और संयुक्त महामंत्री श्री वाई. राघवलू जी ने भी वर्ग में उपस्थित रहकर सबका उत्साह बढ़ाया। वर्ग का संचालन अखिल भारतीय सत्संग प्रमुख डॉ. बसंत कुमार रथ, केन्द्रीय सहमंत्री श्री सपन मुखर्जी और अखिल भारतीय सहसत्संग प्रमुख तथा केन्द्रीय सहमंत्री श्री महेन्द्र दादा वेदक जी के द्वारा हुआ।