श्रीराम जय राम जय जय राम, শ্ৰীৰাংজয়ৰাংজয়জয়ৰাং, শ্রীরাম জয় রাম জয় জয় রাম , શ્રીરામ જય રામ જયજય રામ, ಶ್ರೀರಾಮಜಯರಾಮಜಯಜಯರಾಮ, ശ്രിറാം ജയ് റാം ജയ്‌ ജയ് റാം, శ్రీరాంజయరాంజయజయరాం

राम की कथा हमें एकता के सूत्र में बांधती है.

नयी दिल्ली, 09 अप्रैल। विश्व हिन्दू परिषद् की तरफ से संकट मोचन आश्रम में आयोजित श्रीराम कथा के पांचवे दिन भक्तों ने संगीतमयी राम कथा का जमकर आनंद उठाया। कथाकार डॉ. रामनाथ ओझा ने श्रीराम की लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान राम की कथा हमें एकता के सूत्र में बांधती है। रामकथा के श्रवण से मन के राग, द्वेष, ईष्र्या और भेदभाव स्वत: समाप्त हो जाते है। यह मन को शांत कर हिंसक भावनाओं को रोकती है।

 उन्होंने भगवान श्री राम के चरित्रों का विस्तार से वर्णन कर अनेकों प्रसंग सुनाए। डॉ. ओझा ने कहा कि परमात्मा जन कल्याण के लिए लीलाएं करते हैं और मनुष्य कार्य करता है। उन्होंने राम नाम की महिमा बतलाते हुए कहा कि राम का नाम अनमोल हैं, यदि पापी भी राम का नाम लेता हैं तो उसे सदगति मिल जाती है। उन्होंने कहा कि जिसके हृदय में प्रभु के प्रति भाव जगते हैं, जिस पर हरि कृपा होती है। वह मनुष्य ही प्रभु की कथा में शामिल होता है। भागवत कथा का मनोयोग से श्रवण कर उसके उपदेश को जीवन में उतारे। तभी कथा की सार्थकता है। मन व ध्यान की एकाग्रता से हर कार्य में सफलता मिलती है।

 विदित हो कि नवरात्रि के पावन अवसर पर विश्व हिन्दू परिषद् मुख्यालय में आयोजित यह रामकथा चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से प्रारम्भ होकर श्रीराम नवमी तक चलेगी। 12 अप्रैल को स्थानीय संकटमोचन आश्रम के श्री हनुमान मंदिर परिसर में श्रीराम जन्मोत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इसके अगले दिन (13 अप्रैल 2011) हवन एवं श्रीराम कथा के पूर्णाहुति के बाद आयोजित भण्डारे में प्रसाद वितरित किया जायेगा।

 वर्ष प्रतिपदा (04-04-2011)  से श्रीराम नवमि (12-04-2011) तक विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय कार्यालय प्रांगण स्थित हनुमान मंदिर में श्रीराम कथा प्रवचन का आयोजन किया गया है। बक्सर (बिहार) के निवासी डा. रामनाथ जी ओझा कथा व्यास रहेंगे। कथा प्रवचन के उपलक्ष्य में वर्ष प्रतिपदा के पूर्व संध्या में आ.के.पुरम सेक्टर – 4 के शिव मंदिर से सेक्टर – 6 हनुमान मंदिर तक कलश यात्रा हुआ। इस कलश हात्रा में 200 से ज्यादा मातायें भाग लिये।

कलश यात्रा में भाग लिये माताओं को विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अशोक जी सिंहल संबोधित करतेहुए वर्ष प्रतिपदा और श्रीराम नवमि के विशेष का विवरण दिये।