श्रीराम जय राम जय जय राम, শ্ৰীৰাংজয়ৰাংজয়জয়ৰাং, শ্রীরাম জয় রাম জয় জয় রাম , શ્રીરામ જય રામ જયજય રામ, ಶ್ರೀರಾಮಜಯರಾಮಜಯಜಯರಾಮ, ശ്രിറാം ജയ് റാം ജയ്‌ ജയ് റാം, శ్రీరాంజయరాంజయజయరాం

वार्षिक सांस्कृतिक आनंद पर्व

विश्व हिन्दू परिषद (सेवा विभाग) संचालित अहिल्या कन्या छात्रावास-अंजार (गुजरात) का वार्षिक सांस्कृतिक आनंद पर्व

कच्छ जिला के अंजार गांव में 2001 से विश्व हिन्दू परिषद के द्वारा 5 बालिका को लेकर अहिल्या कन्या छात्रावास का प्रारंभ किया था । आज 2011 में कन्या छात्रावास में 18 गांव की 50 कन्या रहकर पढ़ती हैं ।

दि. 27/02/2011 को अंजार के टाउन टोल में सायं 4 बजे अहिल्या कन्या छात्रावास की कन्याओं के द्वारा सांस्कृतिक आनंद पर्व का कार्यक्रम किया गया । सच्चिदानंद आश्रम के महंत श्री त्रिकमदास जी महाराज, विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय सहमंत्री श्री अरविंदभाई ब्रह्मभट्ट जी, प्रांत की प्रतिनिधि छात्रावास प्रभारी कु. आशाबहन पटेल, प्रांत के सहमंत्री श्री शशिकांतभाई पटेल ने दीप प्रज्ज्वलन करके कार्यक्रम प्रारंभ किया । छात्रावास की बालिकाओं ने गणेश स्तुति, गणपति वंदना का वेशभूषा-नृत्य-संगीत के साथ प्रस्तुत किया ।कच्छ पूर्व जिला के कार्याध्यक्ष श्री अंकितभाई भट्ट ने प्रस्ताविक उद्बोधन किया और कहा, कि अगले वर्ष का सांस्कृतिक वार्षिकोत्सव अपने छात्रावास के नये बड़े भवन में होगा ।

पू. त्रिकमदास जी महाराज का छात्रावास की संचालिका सेजलबेन ने माल्यार्पण से स्वागत किया । सांस्कृतिक आनंद पर्व में पू. त्रिकमदास जी महाराज ने आशीर्वचन किया । पू. महाराज जी ने छात्रावास की कन्याओं के गणेश वंदना कार्यक्रम की सराहना की । छात्रावास की संचालन करने वाली आशाबहन एवं सेजलबेन का धन्यवाद किया ।

सांस्कृतिक आनंद पर्व कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं विश्व हिन्दू परिषद के अखिल भारतीय सह सेवा प्रमुख श्री अरविंदभाई ब्रह्मभट्ट जी ने अपने उद्बोधन में अहिल्या कन्या छात्रावास की व्यवस्था की सराहना की । छात्रावास की स्वच्छता का विशेष उल्लेख किया । जहां स्वच्छता है, वहां ईश्वर है, संस्कार है । छात्रावास की कन्याओं के द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम से ही पता चल जाता है कि छात्रों के पीछे कौन है ? कन्याओं को शिक्षा के साथ-साथ उनका विकास हो-संस्कार-शीलवान बने । इसलिये समर्पित दो बहने कु. आशाबहन पटेल एवं सेजलबेन का परिचय करवाया । उपस्थित जन समुदाय ने तालियों से स्वागत किया । भव्य बिल्डिंग उनकी मजबूत नींव पर खड़ी रहती है । नींव दिखती नहीं इसी प्रकार आशाबहन एवं सेजलबेन का योगदान छात्रावास के संचालन में है ।

सन 2001, कच्छ में भीषण भूकंप आया । अंजार में छात्रावास के आसपास की बड़ी तीन/चार मंजली इमारत धराशायी हो गयी । लेकिन छात्रावास की बिल्डिंग का कोई नुकसान नहीं हुआ । इसका प्रमाण है कि यहां ईश्वर का वास है । निःस्वार्थ भाव से किया हुआ कार्य ईश्वरीय कार्य है । इस ईश्वरी कार्य-अहिल्या कन्या छात्रावास के सेवा कार्य में अंजार नगर के 100 से अधिक व्यक्ति प्रतिमाह सेवा निधि देते हैं, उनको धन्यवाद किया । छात्रावास के छोटे भवन को देखकर मुंबई के श्री कीर्तिभाई पटेल जी ने नया भव्य मकान बनाने के लिये जमीन का दान दिया, उनको भी याद किया गया ।

विश्व हिन्दू परिषद के द्वारा पूरे देश में गरीब पिछड़ी जाति में शिक्षा के लिये 150 छात्रावास चलाये जाते हैं । यहां शिक्षा के साथ-साथ हिन्दुत्व के संस्कार देते हैं । हिन्दू भाव जगाने का भी प्रयास है । हिन्दुत्व से ही देश बचेगा । व्यक्ति को सुखी होने के लिये अन्न्ादान, विद्यादान का महत्व शास्त्रों ने बताया है । यह पुण्य कमाने के लिये छात्रावास को सहयोग करें, यह प्रार्थना की गयी ।

छात्रावास की बालिकाओं ने साक्षर कन्या राष्ट्र का विकास करें, यह संदेश देने के लिये नाटिका प्रस्तु की । एक पात्री अभिनय, लड़की के प्रति समाज में गौरव का भाव जगाने के लिये और मोबाइल का सदुपयोग करने के लिये हास्य अभिनय प्रस्तुत किया । कन्याओं ने लोकनृत्य, वनवासी नृत्य, उड़िया नृत्य, कच्छी नृत्य प्रस्तुत किये । देशभक्ति जगाने हेतु देश रंगीला-मेरा देश रंगीला, जय हो कृति प्रस्तुत किये । गीत के द्वारा सभी प्रकार के योगासन भी प्रस्तुत किये । वंदेमातरम् गीत से सांस्कृतिक कार्यक्रम पूर्ण हुआ ।

श्री अंकितभाई भट्ट जी ने छात्रावास की कन्याओं का आनंद पर्व कार्यक्रम की सफलता के लिये ऋण स्वीकार किया । अतिथि विशेष के रूप में प्रदेश के सह सेवा प्रमुख श्री धीरूभाई वघासिया, कच्छ पूर्व जिला अध्यक्ष देवानंद भाई, जिला मंत्री बाबूभाई आहिर का छात्राओं ने पुष्प गुच्छ अर्पण करके स्वागत किया ।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों को सफल बनाने में आशाबहन, सेजलबेन, वासुदेव भाई, गायत्री परिवार के अरुणाबहन का आभार दर्शन किया गया ।

सांस्कृतिक आनंद पर्व कार्यक्रम का सफल संचालन श्री हर्षभाई एवं छात्रा मयूरी ने किया ।