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श्री हनुमत शक्ति जागरण – अयोध्या में महायज्ञ व विशाल धर्मसभा.

अयोध्या की एक-एक इंच रामलला की

अयोध्या। “संपूर्ण अयोध्या हिंदूओं की पूर्ण भूमि और तीर्थ है। जहां रामलला विराजमान हैं तथा उनके अगल-बगल की 67 एकड़ भूमि , राम की जन्म-भूमि है। किसी भी कीमत पर यह भूमि बंटने नहीं दी जाएगी। अयोध्या की शास्त्रीय सीमा में कोई नई मस्जिद नहीं बनने दी जाएगी।” – उक्त बातें विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री डॉ प्रवीण भाई तोगड़िया ने ‘हनुमत शक्ति जागरण महायज्ञ एवं विशाल धर्मसभा’ के दौरान कही। उन्होंने कहा कि हमारे लाखों पूर्वजों ने अयोध्या रामजन्म भूमि के लिए अपने प्राणों की आहूति दी है। हम उनके बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने देंगे।

विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंघल ने कहा कि हमारी लड़ाई मुसलमानों से नहीं, मस्जिदों ने नहीं बल्कि उस इमारत से है जो हिंदुस्तान के सम्मान को आघात पहुंचाती है। वैसे लोगों को सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं जो राम को एक कहानी कहती हैं।

मंदिर निर्माण में शेष बचे व्यवधानों को दूर करने के लिए ‘श्री हनुमत शक्ति जागरण अनुष्ठान समिति, अयोध्या’ द्वारा ‘हनुमत् शक्ति जागरण महायज्ञ एवं विशाल धर्मसभा’ का आयोजन कारसेवकपुरम अयोध्या में किया गया। इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने सरकार से मांग की कि सरकार द्वारा अधिग्रहीत 70 एकड़ भूमि भी श्रीराम की क्रीड़ा एवं लीला भूमि है, इसीलिए संसद को चाहिए कि कानून बनाकर सम्पूर्ण परिसर रामलला को समर्पित करे।

इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय संगठन महामंत्री दिनेश चंद ने कहा कि राम जन्म भूमि पर कोर्ट का फैसला एक खंडित निर्देश है। यह फैसला एक सत्य को सामने लाता है कि रामलला का वह जन्म स्थान है और हम इसका स्वागत करते हैं। साथ-साथ समाज में इस विषय के प्रति जागरण अभियान चला कर उन्हें संगठित व सक्रिय करने की जरूरत है। समाज को हिंदुत्व के सही अर्थ व स्वाभिमान से साक्षात्कार करवाना हमारा उद्देश्य है। जिस तरह श्री हनुमान जी की शक्तियों को जामवंत जी ने प्रेरित किया था, उसी प्रकार संत-महात्मा समाज की शक्तियों को शुभ कार्यों के लिए प्रेरित करते हैं। ‘श्री हनुमत शक्ति जागरण समिति’ के मंच से देश के सभी संत-महात्मा समाज में इस संदेश को पहुंचाएंगे कि राम जन्म भूमि की एक-एक इंच श्रीराम की है।

जगदगुरू शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानन्द सरस्वती ने कहा कि हनुमत शक्ति जागरण महायज्ञ के साथ-साथ धर्मसभाएं व हनुमान चालीसा पाठ के माध्यम से जनभावना को प्रेरित किया जाएगा। सौभाग्य से इसका शुभारंभ श्री अवध से हो रहा है। समस्त जन समाज को चाहिए कि अपने व्यैक्तिक भावनाओं से उपर उठकर राष्ट्र-निर्माण में अपना योगदान दें। अपने फैसले में न्यायालय ने जो भूमि का विभाजन किया है, यह मुस्लिम समाज के लिए एक अवसर है कि वो अपनी उदारता का परिचय देते हुए भूमि रामलला को समर्पित कर दें। उनके इस निर्णय से राष्ट्रीय एकता व सामाजिक समरसता को नई दिशा मिलेगी।

विश्व हिंदू परिषद के संयुक्त महामंत्री चंपत राय ने कहा कि आज से आरंभ यह महायज्ञ पूरे भारत-वर्ष में 8000 जगहों पर किये जाएंगे। यह दिसंबर के अंत तक चलेगा। बाबर द्वारा बनाया गया मस्जिद एक विदेशी का हिंदुस्तान पर विजय का प्रतीक था, किसी धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं। समाज में एक स्वस्थ संदेश इस अभियान के अंतर्गत पहुंचाया जाएगा।

इस कार्यक्रम में देश के जाने-माने संत-महात्मा ने अपने विचार रखे तथा भव्य राम मंदिर के निर्माण हेतु अपने संकल्प को दुहराया। इस अवसर पर महंथ नृत्यगोपाल दास, डॉ राम विलास दास वेदान्ती, महन्थ कौशल किशोर दास, महंथ शिया किशोरी शरण, महंथ सुरेश दास, महंथ पवन कुमार दास शास्त्री, महंथ बृजमोहन दास ने इस अभियान को अपना आशीर्वचन दिया।

कार्यक्रम का उद् घाटन – अशोक सिंघल (अन्तर्राष्ट्रीय अध्यक्ष वि.हि.प.), दिनेश चन्द्र (अंतर्राष्ट्रीय संगठन महामंत्री वि.हि.प.) ,सुभाष चौहान (राष्ट्रीय संयोजक बजरंगदल) ने दीप जलाकर किया।

इसके अलावा कार्यक्रम में पुरूषोत्तम नारायण सिंह, राजेन्द्र सिंह पंकज, मुकेश जी, महावीर जी (विहिप, क्षेत्र संगठन मंत्री, उप्र. व उत्तराखंड), शिवनारायण सिंह, नरेन्द्र सिंह भदौड़िया, कौशल जी, देवेन्द्र सिंह राठौड़, राजेश सिंह, शरद जी, आशुतोष जी, मनोज श्रीवास्तव, महेन्द्र सिंह नेगी, प्रदीप पांडेय्, राकेश, ओम प्रकाश, प्रकाश अवस्थी सहित हजारों की संख्या में अयोध्या जिले के रामभक्त सभा में उपस्थित थे।