श्रीराम जय राम जय जय राम, শ্ৰীৰাংজয়ৰাংজয়জয়ৰাং, শ্রীরাম জয় রাম জয় জয় রাম , શ્રીરામ જય રામ જયજય રામ, ಶ್ರೀರಾಮಜಯರಾಮಜಯಜಯರಾಮ, ശ്രിറാം ജയ് റാം ജയ്‌ ജയ് റാം, శ్రీరాంజయరాంజయజయరాం

स्वाभिमान सम्मान व संस्कृति रक्षार्थ जुटी है दुर्गा वाहिनी : मीनाक्षी ताई

सप्ताह भर के शिविर में दुर्गा वाहिनी ने सिखाए आत्म रक्षा के गुण
नई दिल्ली, जून 7, 2015। विश्व हिन्दू परिषद की महिला शाखा दुर्गा वाहिनी द्वारा चलाए गए सप्ताह भर के IMG-20150605-WA00001शौर्य प्रशिक्षण शिविर का आज समापन हो गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए मातृ शक्ति की राष्ट्रीय संयोजिका व विहिप की केन्द्रीय मंत्री मीनाक्षी ताई ने कहा कि नारी सम्मान, स्वाभिमान व संस्कृति की रक्षा हेतु दुर्गा वाहिनी की भूमिका सराहनीय है। किन्तु, देश के बदले हुए परिपेक्ष्य में, जब चंहु ओर महिला उत्पीडन का स्वर सुनाई देता है, दुर्गाओं को और अधिक कार्य करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं की स्थिति किसी भी देश की प्रगति का सूचकांक होती हैं। जहां की बालिकाएं व महिलाएं सुशिक्षित, संस्कारित, सुरक्षित व शक्तिशाली होती हैं वही समाज व देश समाज संसार में प्रगति का वाहक बनता है।
दुर्गा वाहिनी की क्षेत्रीय संयोजिका श्रीमती मालती जी ने इस अवसर पर बोलते हुए कहा कि यदि भारत कोIMG-20150605-WA00002 शक्तिशाली बनाना है तो बालिकाओं व महिलाओं का चहुमुखी विकास आवश्यक है। बालिकाओं में संस्कार, सुरक्षा व सेवा की भावनाओं का जो संचार दुर्गा वाहिनी ने किया है उससे उनमें आत्मविश्वास की भावना जागेगी और राष्ट्र मजबूत होगा। बालिकाओं ने प्रशिक्षण के दौरान सीखी हुई कलाओं का प्रदर्शन जब आज उपस्थित जनसमूह के समक्ष किया तो सभी मंत्र-मुग्ध थे।
इस अवसर पर दुर्गा वाहिनी की प्रान्त संयोजिका श्रीमती संजना चौधरी ने कहा कि शिविरों में हमने 113 बालिकाओं के लिए योग, प्राणायाम, ध्यान, शारीरिक शिक्षा, नियुध्द (जूडो-कराटे), लक्ष्य भेद(एयर गन), बाहरी आक्रमणों से बचाव, प्राथमिक चिकित्सा इत्यादि का प्रशिक्षण देकर खेल ही खेल में उनको जीवन जीने की कला सिखाई  है।
IMG-20150605-WA00003दक्षिणी दिल्ली के पुष्प विहार सेक्टर 4 स्थित श्री राधा-कृष्ण विद्यालय निकेतन स्कूल में सप्ताह भर चले  दुर्गा-वाहिनी प्रशिक्षण शिविर की विस्तृत जानकारी देते हुए शिविर की वर्गाधिकारी श्रीमती कमलेश यादव तथा दुर्गा वाहिनी की प्रान्त सह-संयोजिका कुसुम ने बताया कि इस शिविर में 15 से 35 वर्ष की बालिकाओं को महिला-सशक्तिकरण, आदर्श हिन्दू परिवार, सत्संग, गौ रक्षा, लव जिहाद व जेहादी आतंकवाद से बचाव, सामाजिक कुरीतियां व उनका उन्मूलन, आदर्श नारी, किशोरावस्था, स्वदेशी तथा व्यक्तित्व विकास के अलावा अनेक सम-सामयिक विषयों पर विशेषज्ञों और प्रबुद्ध वर्ग के लोगों का मार्ग दर्शन मिला।
समाज सेवी श्रीमती बनारोजा नागराजन की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में मातृ शक्ति की प्रान्त संयोजिका श्रीमती संध्या शर्मा, सह संयोजिका श्रीमती नूतन जैन, समाज सेवी श्रीमती मधु सेठ, दुर्गा वाहिनी की जिला संयोजिका श्रीमती कविता व सुनीता, विहिप के प्रान्त महा मंत्री श्री राम कृष्ण श्रीवास्तव, सत्संग प्रमुख श्री शिवदत्त,, सह सत्संग प्रमुख श्री जगदीश अग्रवाल,  विभाग अध्यक्ष श्री महेश शर्मा, मंत्री श्री पियूष चंद्र तथा स्थानीय निगम पार्षद श्री नागराजन सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।


प. महाराष्ट्र प्रांत दुर्गावाहिनी शौर्य पर्शिक्षण वर्ग २०१५

प. महाराष्ट्र प्रांतीय दुर्गावाहिनी शौर्य प्रशिक्षण वर्ग कोल्हापूर जिल्हा इचलकरंजी ग्राममे दि. १७ मई २०१५ और २४ मई २०१५ के बीच संपन्न हुआ . कुल १६ जिल्होमेसे ११ जिल्होसे २०८ दुर्गा वर्ग मे शिक्षार्थीके रुपमे संमिलीत हुई .दि. १८ मई को वि.हि.प.के  केंद्रीय मंत्री विशेष संपर्क प्रमुख मा. श्री व्यंकटेश आबदेव सर के करकमलोसे वर्ग का उद्घाटन संपन्न हुआ .मार्गदर्शन करते हुए विश्व हिंदू परिषद का ५० सालका गौरवशाली संघर्षपूर्ण इतिहास विशद किया. संघर्षपूर्ण इतिहास के साथ साथ ५०,०००  सेवा कार्य का इतिहास विशद किया. विश्व हिंदू परिषद और आयामोका परिचय अपने उद्बोधनमे  दिया.

दुसरे बौद्धिक सत्र मे सौ, चारुताताई करुडकरजीने दुर्गामाता ,तृतीय बौद्धिक सत्रमे सौ. हर्षदा पांडेजीने सोलह संस्कार ,वि.हि.प के केंद्रीय सत्संग प्रमुख . मा. दादा वेदकजीने सामाजिक समरसता इन विषयोपर मार्गदर्शन किया. चतुर्थ बौद्धिक सत्रमे प. महाराष्ट्र प्रांत मंत्री श्री बाबूजी नाटेकर जीने भारत का गौरवशाली इतिहास एवं परंपरा याह विषय विशद किया . पंचम सत्रमे मनःशांती केंद्र प्रमुख डाक्टर सुश्री अरुणा नार्वेकरजीने गर्भसंस्कार विषयपर विस्तृत मार्गदर्शन दिया.

बौद्धिक विभागाके प्रविणता सत्रमे कु. सायली डेक्कनवर जीने कथ्थक नृत्य ,सौ. सुनंदाताई डांगरेजीने केशरचना और    सौ. डेक्कनवार जीने वेशभूषा और रंगवली प्रात्यक्षिक के साथ सिखायी .  रंजन सत्रमे सत्संग , भजन ,कीर्तन, पारंपारिक मंगलागौरी के खेल लव्ह जिहाद विषयपर फिल्म आदी विषय मार्गदशन के साथ हुए . कृती सत्रमे बालसंस्कार केंद्र चलाना , सोशल मिडीयाकी उपयोगिता ,और पथनाट्य इन विषयोपर कृतीरूप मार्गदशन हुआ .चर्चा सत्रमे गोसेवा गोरक्षण ,व्रत  उत्सव  और विज्ञान ,कौमार्य अवस्था ,उपभोक्तावाद और स्वदेशी एवं कार्यकर्ता आदी विषयोपर चर्चा संपन्न हुई.

IMG-20150525-WA0052वर्गका प्रमुख आकर्षणं इचलकरंजी शहरके प्रमुख पथपरनिकाली गई शोभायात्रा थी. रथपर सवार भारतमाता और जीजामाताके रुपमे शिक्षार्थी दुर्गा, घोडेपर सवार झासिकी रानी, दुर्गओन्का ढोल पथक ,खड्ग ,योगाचाप,छुरिका एवं दंड का प्रात्यक्षिक याह विलोभनीय दृष्य स्थानिक नागरीकोके लिये मोहित करनेवाला था. प्रचंड पुष्पवृष्टीसे और रंगवली निकलकर शोभायात्रा का स्वागत हुआ .

जाहीर समारोप के लिये मंचपर  प्रांत के अध्यक्ष मा. एकनाथराव शेटेजी ,दुर्गावाहिनी केंद्रीय संयोजिका सुश्री मालाजी रावल ,कोल्हापूर  जिल्हा कार्याध्यक्ष ह. भ. प.श्री बाल महाराज ,मातृशक्ती और दुर्गावाहिनी पालक श्री पांडुरंग फाटक उपस्थित थे . समापन सत्रमे प्रशिक्षार्थी दुर्गओने मनोरा , योगासने ,योगाचाप, खड्ग ,दंड,छुरिका,नियुद्ध ,सूर्यनमस्कार ,समता आदी विषयोपर प्रात्यक्षिक सादर किये . सूत्रसंचालन प्रांत दुर्गावाहिनी संयोजिका पडवळ ताईने किया .आभार प्रदर्शन जिल्हा मंत्री जवाहर छाबडाजीने किया.

वर्ग के प्रमुख अधिकारी के रुपमे वर्ग पालक सुश्री सुचीत्राताई कुलकर्णी ,वर्ग कार्यवाहिका सौ. शुभांगी दळवी ,बौद्धिक प्रमुख मृणालिनी पडवळ ,मुख्यशिक्षिका कु. वेदंगी कुलकर्णी ,सहमुख्यशिक्षिका कु. स्वप्न खामकर , व्यवस्था प्रमुख श्री शिवाजी व्यास ,सहव्यवस्था प्रमुख श्री जवाहरजी छाबडा ,श्री बंडा जाधव ,श्री संतोष हत्तीकर ,श्री पंढरीनाथ ठाणेदार दायित्व का निर्वाहन किया.

प्रांत रचनासे मातृशक्ती और दुर्गावाहिनी पालक श्री पांडुरंग फाटक एवं चिंचवड जिल्हा संघटन मंत्री श्री नंदकुमार कुलकर्णी संयोजन तथा व्यवस्था मे मार्गदर्शक के रुपमे पूर्ण कालीन उपस्थित थे .