श्रीराम जय राम जय जय राम, শ্ৰীৰাংজয়ৰাংজয়জয়ৰাং, শ্রীরাম জয় রাম জয় জয় রাম , શ્રીરામ જય રામ જયજય રામ, ಶ್ರೀರಾಮಜಯರಾಮಜಯಜಯರಾಮ, ശ്രിറാം ജയ് റാം ജയ്‌ ജയ് റാം, శ్రీరాంజయరాంజయజయరాం

गोपाष्टमी में दिल्ली में विहिप कार्यालय स्थित श्री हनुमान गौशालामें हुआ गौओं का पूजन.

गोपाष्टमी में दिल्ली में विहिप कार्यालय स्थित श्री हनुमान गौशालामें हुआ गौओं का पूजन.

गोपाष्टमी के शुभ अवसर पर विश्व हिन्दु परिषद के केन्द्रीय कार्यालय स्थित श्री हनुमान गौशाला में गोसंवर्धन हेतु गौ पूजन का आयोजन किया गया। गौमाता का पूजन जगदगुरू शंकराचार्य पूज्य श्री सिध्देश्र्वरानंद भारती (पीठाधीश्वर सिध्देश्वरपीठम कुर्तारम आंध्रप्रदेश) एवं विहिप के सयुक्त महामंत्री श्री चम्पतराय ने किया। इस कार्यक्रम में विहिप के केन्द्रीय अधिकारी श्री कोटेश्वर जी शर्मा, श्री खेमचन्द्र जी शर्मा, श्री स्नेह पाल एवं कार्यालय के सभी कार्यकर्ता परिवार सहित उपस्थित रहें। गोपाष्टमी की पूजा विधि पूर्वक विध्दान पंडितो द्वारा संपन्न की गयी। बाद में सभी प्रसाद वितरण किया गया। सभी लोगो ने गौ माता का पूजन कर उसके वैज्ञानिक तथा आध्यात्मिक महत्व को समझ गौ रक्षा व गौ संवर्धन का संकल्प व्यक्त किया। सभी ने गौ हत्याओं पर अंकुश लगा कर गौ संवर्धन को बढ़ावा दिया सकता हैं। गोसेवको का वस्त्र आदि देकर उनको सम्मानीत किया गया।

गोपाष्टमी

शास्त्रकारों ने गोपाष्टमी पर्व पर गायों की विशेष पूजा करने का विधान निर्मित किया है। तद्नुसार कार्तिक शुक्ला अष्टमी तिथि को प्रात:काल गौओं को स्नान कराकर उन्हें सामर्थ्यानुसार वस्त्रालंकारों से सुसज्जित करके गन्ध पुष्पादि से उनका पूजन करना चाहिए। इसके पश्चात् गायों के साथ कुछ दूर तक जाना चाहिए। ऐसा करने से सभी प्रकार के अभीष्ट सिध्द होते हैं। शास्त्रों के अनुसार गोपाष्टमी को सायंकाल जब गायें चराकर वापस लौटें उस समय भी उनका आतिथ्य, अभिवादन और पंचोपचार से पूजन करके उन्हें कुछ भोजन कराना चाहिए तथा गायों की चरणरज को अपने मस्तक पर धारण करना चाहिए। ऐसा करने से सौभाग्य की वृध्दि होती है।

बालक कृष्ण ने यशोदा माता से कहा-माँ ! मैं बड़ा हो गया हूँ , मुझे गायों की सेवा करनी है। मुझे गाय चराने की अनुमति मिलनी चाहिए। अब तक बालक कृष्ण वत्सपाल थे और बछड़ा-बछिया चराने जाते थे। गोचारण्ा का मुहूर्त शांडिल्य ऋषि से निकलवाया गया। गोपाष्टमी का शुभ दिन देखकर बालक कृष्ण ब्रह्म मर्ुहूत्ता में ही जग गए। गायों की पूजा की, लड्डू खिलाए, प्रदक्षिणा की और साष्टांग प्रणाम भी किया। यशोदा मैया ने एक ब्रजवासी से कहा- आज कान्हा गायों को लेकर जंगल में दूर-दूर तक जाएगा। मार्ग में काँटे, कंकड, पत्थर होंगे, धूप से तप कर वे गरम हो जाते हैं। कन्हैया के पग कोमल हैं। उसके लिए एक सुंदर जूतों का जोड़ा बनाकर लाना। कन्हैया ने जूता पहनने से इंकार कर दिया और कहा-माँ ! मैं गायों का सेवक हूँ , मेरी गाएँ नंगे पैर जाती हैं, मैं भी नंगे पैर ही जाऊँगा। यशोदा मैया ने समझाया-बेटा ! गाय तो पशु हैं। कन्हैया ने यह सुनकर रुष्ट होकर कहा-मैया ! आज तो आपने गाय को पशु कहा, फिर मत कहना। गाय पशु नहीं विश्व की माता है। गाय को पशु कहने वाला मुझे जरा भी नहीं सुहाता।

Constitute Board for Cow protection immediately : VHP (Many programes organized for Cow protection)

 New Delhi. Nov 14, 2010. Vishwa Hindu Parishad(VHP) Delhi today demanded to constitute board to protect and promote Cows in the national capital. On the occasion of GOPASTAMI Utsav, a festival to worship & protect Cow, VHP said that as per a directive of the High court of Delhi, Govt of Delhi should have constituted a board under section 18 of the Delhi Agriculture Cattle Preservation Act, 1994 by 31st of last month but the same has not yet been done.

A large Shobha Yatra (religious procession) was held in East Vinod Nagar area of east Delhi to mark the GOPASTAMI where thousands of Gau bhakts (Cow devotees) taken part & worshiped cow at more then 15 places en-route. They all pledged themselves to protect and promote cows by buying cow products and worshiping them. VHP’s Regional Gau Raksha pramukh shri Rastra Prakash, state Gau Raksha Pramukh shri Tara Chand, state vice president Sardar Ujagar Singh, organizing secretary shri Karuna Prakash, Block sec. Kapil Prabhakar, shri Krishnanand shashtri and Jain acharya Pramod Muni were amongst the degnatories present on the occasion. Many other programes were also held in Gopal Gau Sadan, Harebali and Acharya Sushil muni Gau sadan, Ghuman Heram, Najafgarh on this occasion.

The Media Co-ordinator shri Vinod Bansal and other speakers today demanded that Delhi Government should constitute Board to supervise the implementation of various provisions of Delhi Agricultural Cattle Preservation Act 1994, by October 31, 2010.

It is important to note that on September 15, on a writ petition (civil) filed under Article 226 of the Constitution of India, in the form of a Public Interest Litigation (PIL), a division bench of Delhi High Court, comprising of Chief Justice Deepak Mishra and Justice Manmohan directed the Government of Delhi to reconstitute the Board for supervision of the implementation of various provisions of Delhi Agricultural Cattle Preservation Act 1994, by October 31, 2010.

However, the Government had said in the court that under the said Act, cow slaughter is banned and beef cannot be sold, processed and preserved in the Union Territory of Delhi but it is mum on its implementation, Mr. Bansal added.