श्रीराम जय राम जय जय राम, শ্ৰীৰাংজয়ৰাংজয়জয়ৰাং, শ্রীরাম জয় রাম জয় জয় রাম , શ્રીરામ જય રામ જયજય રામ, ಶ್ರೀರಾಮಜಯರಾಮಜಯಜಯರಾಮ, ശ്രിറാം ജയ് റാം ജയ്‌ ജയ് റാം, శ్రీరాంజయరాంజయజయరాం

पूज्य शंकराचार्य स्वामी जयेन्द्र सरस्वती जी महाराज पर लगाया गया आरोप एक ईसाई षड्यन्त्र था। – अशोक सिंहल

पूज्य शंकराचार्य स्वामी जयेन्द्र सरस्वती जी महाराज पर लगाया गया आरोप एक ईसाई षड्यन्त्र था। – अशोक सिंहल संरक्षक: विश्व हिन्दू परिषद्

कोलकाता, 30 नवम्बर, 2013

गत 27 नवम्बर को कांची के पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी जयेन्द्र सरस्वती जी महाराज को हत्या के आरोप से न्यायालय ने मुक्त कर दिया है। अब यह स्पष्ट हो गया है कि 2004 की दीपावली की अमावस्या की रात्रि के अन्धेरे में आन्ध्र के ईसाई मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी द्वारा महबूब नगर में उन्हें एक बड़े षड्यन्त्र के अन्तर्गत गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी भारत के हिन्दू समाज के सर्वश्रेष्ठ शीर्षस्थ महात्मा को अपमानित करने के लिए की गयी थी।

सोनिया जी जब से भारत में आयीं हैं, वह हमारी धार्मिक व सांस्कृतिक आस्थाओं को कुचल रही हैं। हमारा समाज 2,500 वर्ष से ख्यातिनाम भारत के सर्वश्रेष्ठ शांकर मत के आचार्यों को भगवान के समान ही मानता आया है। उनको केवल अपमानित ही नहीं किया गया वरन उनके प्रति समाज की श्रद्धा व सम्मान का मीडिया द्वारा उपहास उड़ाया गया। यह योजनाबद्ध रूप से सन्तों, आचार्यों, महन्तों और महात्माओं के प्रति श्रद्धा को समाप्त करने के लिए जानबूझ कर अपनाया गया खुलेआम ईसाई षड्यन्त्र था।

न्यायालय ने यह स्पष्ट कहा है कि जांच करने वाले पुलिस अधिकारी प्रेम कुमार ने, उसे जो अधिकार प्राप्त है, उसका अतिक्रमण ही नहीं किया बल्कि गवाहों को व्यक्तिगत रुचि लेकर तैयार किया। इससे यह स्पष्ट है कि वेटिकन की खतरनाक गुप्त संस्था ‘ओपस डाई’ (Opus Dei) जो हमारे ख्यातिनाम हिन्दू सन्तों को बदनाम करने का कार्य कर रहे हैं, उसका इसमें बहुत बड़ा हाथ है।

श्रीमती सोनिया जी वेटिकन की होने के कारण यह काम अदृश्य रूप से इस गुप्त संस्था के माध्यम से सन्तों के प्रति विद्यमान निष्ठा, सम्मान और श्रद्धा को नष्ट करने के लिए करवा रही हैं। इतने महानतम एवं शीर्षस्थ सन्त का मुकदमा छह महीने में पूरा हो सकता था; लेकिन उसे नौ वर्ष तक जानबूझकर खींचा गया। इससे ‘ओपस डाई’ अपनी योजनानुसार कार्य करने में सफल रही।

सोनिया एक चतुर राजनीतिज्ञ हैं। उसे पता है कि भारत पर राज्य करने के लिए उन्हें सन्तों और हिन्दुत्ववादी संगठनों के प्रभाव को समाप्त करना होगा। इसलिए उन्हें अपराधी बनाने का यह एक ईसाई षड्यन्त्र था, जिससे समाज उन्हें हेय दृष्टि से देखे। पूज्य स्वामी जी के बेदाग छूट जाने से अब यह षड्यंत्र पूर्ण रूप से उजागर हो गया है। प्रज्ञा भारती, असीमानन्द जी और अब तो मैं कह सकता हूं कि आसाराम बापू, जिनके करोड़ों अनुयायी भारत में हैं, उन्हें अपराधी घोषित करने का षड्यन्त्र किया जा रहा है।

सोनिया जी के इस घृणित प्रयास को हिन्दू समाज कभी माफ नहीं करेगा। उनको कभी न कभी इसका जवाब देना पड़ेगा। समय आ गया है कि सेक्युलरवाद का नारा लगाने वाली सोनिया जी और ऐसे ही नास्तिक संगठन, जिसमें मुलायम सिंह जैसे अनेक नेता सेक्युलरवाद के नाम पर हिन्दू संस्कृति और मान्यताओं को नीचा दिखाने में लगे हैं, उनसे पूरा समाज सचेत हो जाये और आने वाले संसदीय चुनाव के महाभारत में उनका पूर्ण सफाया कर दे। तभी हिन्दू समाज और हमारे सन्त सुरक्षित रह सकते हैं।

Press statement issued by VHP Patron Ma. Ashokji Singhal

THE ALLEGATIONS MADE AGAINST VEN. SANKARACHARYA SWAMI JAYENDRA SARASWATI JI MAHARAJ WAS A CHRISTIAN CONSPIRACY – Ashok Singhal, Patron, Vishva Hindu Parishad

Kolkata, Nov. 30, 2013 – The Court of Law on the 27th of November last acquitted the Ven. Jagadguru Sankaracharya of Kanchi Swami Jayendra Saraswatiji Maharaj of murder charges. Now it has become crystal clear that under a Shatanic agenda and conspiracy he was arrested in the dark of the Diwali night in 2004 at Mehboob Nagar by the then Christian Chief Minister of Andhra Pradesh Sri Rajasekhara Reddy. The arrest was made to defame the foremost Mahatma of the Hindu society.

Ever since Soniaji landed in Bharat, she has been crushing our Dharmic and cultural moorings. Our society has been celebrating the Acharyas of the 2500-year old famous and foremost Shankar School of Thought virtually likening them to the Supreme Personality of Godhead. He was not only insulted but the reverence and respect with which the society holds him was also slighted and laughed at by the media. It was a deliberate, well-planned and open Christian conspiracy to undermine and dent the reverence the Saints, Acharyas, Mahants and Mahatmas do command in society.

The Court of Law clearly pointed out that the investigating police official Mr. Prem Kumar not only exceeded his brief and powers but also took personal interest in tutoring and fabricating the witnesses. From this it is clear that ‘Opus Dei’ – the notorious treacherous secret organization of the Vatican – which has been working towards discrediting our leading Hindu Sants – has been hand in glove in this wicked and despicable plot.

Smt. Soniaji being a Vatican planting in a position of power in Bharat, she has been covertly implementing the Vatican agenda in our country through this secret organization and the job to discredit the veneration the Sant Fraternity of Bharat commands in society is a main item of the Vatican agenda. The case concerning such a great and foremost Sant could have been fast-tracked to decide within six months, but it was deliberately snail-dragged for nine years. As per its plot and line of action in this matter the Opus Dei has realized its purpose.

Sonia is a clever politician. She knows that to rule over Bharat (India) they have to do away with the influence of the Sants and the pro-Hindutva organizations which was why it was a Christian conspiracy to have them declared malefactors/lawbreakers and behind bars so that the society would look down upon them and the rest of the Sant Fraternity and the plotters could have a field day for their nefarious activities against our national interest. Ven. Swamiji’s sparkling acquittal has now thoroughly exposed this conspiracy. Pragya Bharati, Aseemanandji, and now also I can say that Asaram Bapu, who has millions of followers in Bharat, are being entrapped in conspiracies to project them as malefactors and villains.

The Hindu society would never forgive these sickening efforts of Soniaji. She has to account for it some day. The time has come the entire national society of Bharat must get vigilant and highly exercised about the Vote Bank secularist Soniaji and the parallel atheist organizations, including many Burqa secularist leaders and busy bodies like Mulayam Singh who are engaged in undermining the holistic, altruistic and syncretic Hindu culture and worldview, and absolutely wash them down in the forthcoming Mahabharat of National/Parliamentary elections. Only then the Hindu society and our Sants can remain safe and secure.