श्रीराम जय राम जय जय राम, শ্ৰীৰাংজয়ৰাংজয়জয়ৰাং, শ্রীরাম জয় রাম জয় জয় রাম , શ્રીરામ જય રામ જયજય રામ, ಶ್ರೀರಾಮಜಯರಾಮಜಯಜಯರಾಮ, ശ്രിറാം ജയ് റാം ജയ്‌ ജയ് റാം, శ్రీరాంజయరాంజయజయరాం

विश्व हिन्दू परिषद के अन्तरराष्ट्रीय संरक्षक मा. अशोक सिंहल जी का प्रेस वक्तव्य

विश्व हिन्दू परिषद के अन्तरराष्ट्रीय संरक्षक मा. अशोक सिंहल जी का प्रेस वक्तव्य

 दिल्ली, 24 मई, 2014  भारत में दो प्रकार की सेक्युलर शक्तियाँ रही है, एक जो हिन्दुत्व स्वाभिमानी हैं, जिसके उदाहरण लोकमान्य तिलक, मदन मोहन मालवीय और सरदार वल्लभ भाई पटेल जी हैं। मालवीय जी अनेक बार अखिल भारतीय कांग्रेस के अध्यक्ष रहे और गंगा की अविरलता की रक्षा के लिए अंग्रेजों से लड़े और सफलता पाई। पटेल जी ने कैबिनेट से निर्णय कराकर सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण कराया था, आज लोकसभा चुनाव में हिन्दुत्व स्वाभिमानी शक्तियों को पूर्ण बहुमत प्राप्त हुआ है। यहीं हिन्दुत्व स्वाभिमानी सेक्युलरवाद भारत के विकास का शाश्वत आधार है।

दूसरा है विकृत सेक्युलरवाद जो हिन्दुत्व में अभिमान नहीं रखता अपितु हीनता अनुभव करता है और जेहादी शक्तियों के सामने समर्पण करने में ही अपनी धन्यता मानता है। आज के भ्रष्टाचार का जनक यह विकृत सेक्युलरवाद ही है।

श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में प्राप्त पूर्ण बहुमत का आधार गांधी जी का रामराज्य, सुराज्य और राष्ट्र का अहर्निष विकास है।

महंगाई पर नियंत्रण, सीमाओं की सुरक्षा, आतंकवादी शक्तियों से भारत की मुक्ति, हमारी मातृशक्ति के गौरव की रक्षा, गरीबों का आर्थिक विकास, नवयुवकों को भविष्य की गारंटी ये ऐसी समस्याएं है जिनका समाधान आज प्राथमिकता पर किया जाना चाहिए।

हिन्दुत्व अभिमानियों के सभी मुद्दों का समाधान वर्तमान भारतीय संविधान के अन्तर्गत निहित है और ये सभी मुद्दे भारत एवं भारतवासियों के विकास से जुडें है। गंगा की प्रदूषण से रक्षा, उसकी अविरलता एवं निर्मलता की रक्षा, कृषि के सर्वांगीण विकास के लिए गोधन की रक्षा, दुग्ध के अभाव को दूर करने के लिए गोहत्या निषेध कानून। उपरोक्त मुद्दों की पूर्ति से भारत का विकास होगा।

भारत में सभी नागरिकों के लिए समान कानून भारत की मौलिक एकता बढ़ायेगा, आन्तरिक विरोध घटेगा, देश की शक्ति विकास में लगेगी, अन्ततः देश आगे बढ़ेगा। उच्चतम न्यायालय के निर्णय के आलोक में भी इसका पालन आवश्यक है।

हजारों वर्षों से पुष्पित-पल्लवित भारतीय संस्कृति की रक्षा और उस दृष्टि से शिक्षा पाठ्यक्रमों की रचना ये भारतीय संविधान के अंतर्गत सम्भव है। संस्कृति, संस्कृत और समस्त भारतीय भाषाओं को गौरव दिलाने में संविधान बाधक नहीं है।

श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर का निर्माण एंव राज्य सरकारों द्वारा अधिगृहित लाखों हिन्दू मंदिरों को स्वायत्तता प्रदान करने से मंदिरों का भी विकास होगा और इसी में ही तीर्थों का विकास भी संनिहित है। धर्मान्तरण पर कानूनी रोक देश में शांति व कानून व्यवस्था को बनाये रखने के लिए और समाज को स्वस्थ बनाये रखने के लिए आवश्यकता है। भारतीय संविधान के अन्तर्गत यह सम्भव है।

उपरोक्त सभी विषय पर स्वयं गांधी जी एवं विनोवा भावे जी भी गौरव रखते थे और फिर भी वे सेक्युलर थे। हिन्दुत्व के प्रति अभिमान रखने वाली सेक्युलर शक्तियों की आज विजय हुई है और समाज में विभाजन पैदा करने वाली विकृति सेक्युलरवादी शक्तियाँ पराजित हुई है। ये विजय सुशासन और विकास की है। जिसने भाषा, पंथ और जाति-बिरादरी की दिवारों को तोड़कर भारत को शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में खड़ा किया है। सम्पूर्ण देशवासियों को विश्वास है कि विकास के लिए रूके हुए कार्य आने वाले समय में शीघ्र पूर्ण होंगे।

प्रकाश शर्मा

राष्ट्रीय प्रवक्ता विश्व हिन्दू परिषद

 Date: May 24Sat, 2014

 New Delhi, May 24Sat, 2014 – There have been two schools of secular forces in Bharat (India) – one that is proud of Hindutva – a model being Sardar Vallabh Bhai Patel who – driven by his deep sense of national dignity – convinced the Nehru Cabinet to furnish its decision to rebuild the Somnath Temple as per its pristine glory – and to that class of people belonged Mahatma Tilak and Mahamana Madan Mohan Malaviya. Malaviyaji was several times President of the Indian National Congress. Today in the Lok Sabha elections, the secular forces that are proud of Hinduness, have been blessed with absolute majority. This model of secularism that aims to reconcile material advance with spiritual elevation and surely development with environmental and ecological balance (i.e., Sustainable Model of Development) shall be the future of Bharat.

 The other school professes a drill of perverted secularism that entertains no pride in Hindutva (i.e., Hinduness hallmarked by appreciation for manifold paths of experience and expression of Truth; appreciation of the world as a big Family; and holistic work for the Happiness, Health and Blessedness of ALL) but is afflicted by inferiority complex, defeatism, escapism and self-flagellation and states its secular identity by appeasing and gratifying the Jihadi forces. Today a synonym for ‘corruption’ is this ‘perverted secularism’. Today, the Bharatiya Janata Party, under the leadership of Sri Modiji, has obtained absolute majority – and it stands for triumph of the ideas and principles of Gandhiji’s Ram Rajya (Welfare State), Suraajya (Good Governance) and persistent need-based greedless development for the standard of living as well as standard of life of the nation and the country.

 There is not even a single issue being voiced by the school of Hindutva pride that cannot be worked out or cracked within the framework of the present Bharatiya (Indian) Constitution – and all these issues are concerned with Development. Saving the Ganga from pollution and ensuring its uninterrupted perennial flow; Saving the Gow-Dhan – the cow wealth – that is complete ecology – from the standpoints of organic farming, bio-fertilizers, efficient fuel, medicine, etc.; Law against cow slaughter to save our cattle-wealth to fight out the atrocious scarcity of cow-milk and ensure White Revolution; Common Civil Code in Bharat is not only a key to the fundamental unity and integrity of Bharat, but its implementation and realization is also binding and mandatory in the light of the decree of the Supreme Court of Bharat; Saving our enduring holistic culture (Rishi-Krishi Kulaachaar), that bloomed and flourished for thousands of years, by incorporating its vitals in the educational curriculum – all these can be done within the framework of the Constitution. The Constitution is nowhere an obstruction in ensuring glory for our Sanskriti (culture) and Sanskrit language. The starting point for Temple Development will be to ensure autonomy for Sri Rama Janma Bhumi Mandir and the lakhs of Hindu Temples taken over by the governments – this obviously incorporates the development of our Teerthas – centres of pilgrimage. Legal prohibition on horizontal religious conversions – it is the necessity of the country to ensure peace and law & order and also wellbeing of the society. All these are doable within the framework of the Bharatiya Constitution. A Bharat free from the terrorist forces, saving the dignity of our Matri-shakti (women), priority for economic development of the poor, guarantee for future of the youth – these are the main issues of society.

 All these subjects are those that Mahatma Gandhiji himself and Sant Vinoba Bhave were proud of and still they were ‘secular’. The secular forces that entertain pride of Hindutva have today become victorious and the divisive and polarizing forces under the leadership of perverted secularists have been defeated. This victory is for good governance and development that has transcended the walls of language, religion, sect, caste, clan and put Bharat in good stead as a powerful nation. All the people of the country believe that the issues hanging about awaiting development as mentioned above will be duly addressed and accomplished soon in the coming times.

Prakash Sharma

National Spokesperson Vishva Hindu Parishad