श्रीराम जय राम जय जय राम, শ্ৰীৰাংজয়ৰাংজয়জয়ৰাং, শ্রীরাম জয় রাম জয় জয় রাম , શ્રીરામ જય રામ જયજય રામ, ಶ್ರೀರಾಮಜಯರಾಮಜಯಜಯರಾಮ, ശ്രിറാം ജയ് റാം ജയ്‌ ജയ് റാം, శ్రీరాంజయరాంజయజయరాం

विश्व हिन्दू परिषद के संरक्षक मा0 अशोक सिंहल जी का प्रेस वक्तव्य

विश्व हिन्दू परिषद के संरक्षक मा0 अशोक सिंहल जी का प्रेस वक्तव्य

इलाहाबाद, 6 अप्रैल, 2014 दुनियाँ में तीन ऐसी शक्तियाँ हैं जिनका हिंसा में विश्वास है और जो अपने हिंसक कार्यों को खुलेआम करने में हिचकती भी नहीं हैं। उनमें से एक इस्लामिक जेहादी शक्ति है, दूसरी कम्युनिस्टों की माओवादी नक्सलवादी शक्ति है और तीसरी ईसाई चर्च की मुक्त सेनाओं की शक्ति है। इनके अनगिनत संगठन पूर्वांचल क्षेत्र से लेकर सम्पूर्ण भारत में सक्रिय हैं। भारत के सेक्युलर फण्डामेंटलिस्ट और ये विदेशी शक्तियाँ इस विचार को स्थापित करने में लगी हैं कि हिन्दुओं की भी एक जेहादी हिंसक शक्ति भारत में उतनी ही ताकत से कार्य करती है जितनी ताकत से विश्व की ये तीनों हिंसक शक्तियाँ भारत में सक्रिय हैं। भारत में जिस जेहादी हिन्दू शक्ति का भय दिखाया और बताया जा रहा है, उसका भारत के किसी भी कोने में कोई अस्तित्व नहीं है। यह केवल भारत का अपमान ही नहीं अपितु विश्व की सबसे सहनशील संस्कृति को बदनाम करने का कुचक्र है। इन्हीं तीनों हिंसक शक्तियों ने खालिस्तान नाम से हिंसक आन्दोलन चलाया, पूर्वोत्तर भारत और कश्मीर में भी हिंसक आन्दोलन के पीछे यही शक्तियाँ कार्य करती हैं।

भारतीय मानस का ऐसे हिंसक, अन्यायी, दुराचारी, व्यभिचारी संगठनों में न तो कभी विश्वास रहा है और न ही भारतीय संस्कृति ने उन्हें कभी पनपने दिया। भारतीय संस्कृति आज भी इतनी शक्तिशाली है कि न तो यहाँ कोई जेहादियों जैसी हिंसक शक्ति निर्माण हो सकती है और न पनप सकती है। इसीलिए खालिस्तानी हिंसक आन्दोलन सदा के लिए समाप्त हो गया।

छद्म पत्रकारिता करने वाले कुछ लोग कोबरा पोस्ट डेस्क पर बैठकर श्रीराम जन्मभूमि के विषय में एक यह समझाने का प्रयत्न कर रहे है कि ऐसी कोई हिंसक शक्ति भारत में कार्य कर रही है। डेस्क पर बैठकर एक अच्छी काल्पनिक कहानी एवं उपन्यास तो लिखा जा सकता है, लेकिन सत्य को नहीं प्रकट किया जा सकता। जिन सज्जन ने यह कहानी गढ़ी है उन्हें एक बार उन अधिकारियों से भेंट करनी चाहिए, जिन्होंने जन्मभूमि के चारों ओर लगे कैमरों से अपनी आँखों से देखा है कि वह ढ़ाचा कैसे गिरा। उसको गिराने के लिए लोहे के औजारों की कहीं जरूरत भी नहीं पड़ी और न उपयोग ही हुआ। पेट्रोल बम की गढ़ी गई कहानी इतने कमीशन बैठे कभी कोई बताने नहीं आया। यह झूठ की पराकाष्ठा है। कोबरा पोस्ट पूरा का पूरा झूठ का पुलिन्दा है। कुछ दिनों पूर्व तक ऐसा ही झूठ तरूण तेजपाल के तहलका के द्वारा फैलाया जाता था। जिसकी सत्यता और तरूण तेजपाल का चरित्र आज सबके सामने उजागर हो चुका है। कांग्रेस के एक मंत्री के पैसे से तहलका को खड़ा किया गया था, वैसे ही कोबरा पोस्ट को भी किसी षड़यंत्र के तहत खड़ा किया गया है। यह पत्रकारिता के नाम पर दुकानदारी है, जिसका बहुत शीघ्र रहस्योद्घाटन होगा।

MEDIA STATEMENT OF MA. ASHOKJI SINGHAL, PATRON, VISHVA HINDU PARISHAD

Allahabad, April 06Sunday, 2014 – Three forces are there in the world that believe in violence and they never waver in perpetrating it openly and overtly. The three are Islamic Jihadists, Communist Maoist Naxalites and the Salvation Army of the Christian Church. Numerous of their organizations are proactive in the North-Eastern States of Bharat (India) as also the whole of the country. The secular fundamentalist forces of the country and these outlandish forces are out to establish a fiction that a Jehadi violent force of Hindus is also active in Bharat in equal measure as these three violent forces. The fictitious Jihadi Hindu force they are talking of to perpetuate a fear psychosis is sham and non-existent in Bharat. It is not only an insult to Bharat but also a conspiracy to defame the most tolerant and holistic, altruistic and syncretic culture of the world. These three violent forces ran a vicious movement in the name of ‘Khalistan’, and these forces are also behind the violent movements in the North-East and Kashmir.  

 The Bharatiya mindset never trusted and believed in these violent, unjust, immoral and unethical organizations, nor did the Bharatiya culture ever allowed their sprouting in the country. The Bharatiya culture is strong enough even today not to allow the sprouting of Jihadi forces and nor take roots here which is why the Khalistani violent movement gave way for all times to come. 

 Some people engaged in sponsored sting journalism sitting at the Cobra Post desk are trying to convince the people about Sri Rama Janma Bhumi that some such indigenous violent force is active in Bharat. Sitting by a desk, a good make-believe or story of fantasy or a novel could be written, but then the truth cannot be made evident. The gentleman who has fabricated this story, he should once meet those authorities who through their own eyes as also the eyes of the cameras set up all around the Janmabhumi to learn as to how that structure came down. No iron tool was necessary nor was it ever used. So many Commissions looked into the turn of events and no witness whosoever came forward ever to report to it about any fabricated story of petrol bombs being used. The story is the height of lies and untruth. The Cobra Post is altogether an establishment of dishonesty and deceit. Till a few months ago similar falsehoods were being served by the Tarun Tejpal’s Tehelka and now the credibility and character quotients of both Mr Tarun Tejpal and his Tehelka are exposed before the people. The Tehelka was financially patronized by a Central Cabinet Minister of the Congress-led UPA Government, and the Cobra Post has also been floated under some such conspiracy. This is commercialism in the name of journalism which would very soon be exposed.