श्रीराम जय राम जय जय राम, শ্ৰীৰাংজয়ৰাংজয়জয়ৰাং, শ্রীরাম জয় রাম জয় জয় রাম , શ્રીરામ જય રામ જયજય રામ, ಶ್ರೀರಾಮಜಯರಾಮಜಯಜಯರಾಮ, ശ്രിറാം ജയ് റാം ജയ്‌ ജയ് റാം, శ్రీరాంజయరాంజయజయరాం

पूर्व राष्ट्रपति एवं भारत रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को विनम्र श्रद्धांजलि!

भारत माता के सपूत, राष्ट्रपति पद भी जिनसे विभूषित हुआ, ‘मिसाइल मैन’ के नाम से जिन्होंने संसार में प्रसिद्धि प्राप्त की, 1998 में बड़ी कुशलता से परमाणु विस्फोट सम्पन्न हो गया और दुनिया जान न सकी, अन्त तक जो स्वयं को अध्यापक कहलाने में गौरव अनुभव करते थे, जिन्होंने जीवन में कभी किसी को कष्ट नहीं दिया, उन्होंने अनायास मृत्यु प्राप्त की, ऐसे स्वर्गीय डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के प्रति हम विनम्रतापूर्वक श्रद्धांजलि समर्पित करते हैं। परमपिता परमात्मा की विशेष कृपा से ही यह सब सम्भव है। इस रूप में परमात्मा के चरणों में उनका निवास स्वयं सिद्ध है।

मैं उनके अनायास निधन से दुःखी हूँ, परिवारजनों एवं शुभचिन्तकों को परमात्मा धैर्य एवं शक्ति प्रदान करे, यह भी प्रार्थना करता हूँ।

भवदीय

(अशोक सिंहल)  संरक्षक


चमत्कारिक प्रतिभा के धनी डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम भारत के ऐसे पहले वैज्ञानिक हैं, जो देश के राष्ट्रपति (11वें राष्ट्रपति 2002 से 2007 तक) के पद पर भी आसीन हुए। वे देश के ऐसे विभूति हैं जिन्हें राष्ट्रपति बनने से पूर्व देश के सर्वोच्च सम्मा्न ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही साथ वे देश के इकलौते राष्ट्रपति हैं, जिन्होंने आजन्म अविवाहित रहकर देश सेवा का व्रत लिया है।

डॉ. अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को तामिलनाडु के रामेश्वरम कस्बे के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ। उनके पिता जैनुल आब्दीन नाविक थे। विधि के विधान एवं प्रभु इच्छा के सम्मुख सबको नतमस्तक होना ही पड़ता है। वे अंतिम श्वास तक सक्रिय रहे हैं।

परमपिता परमात्मा से प्रार्थना है कि उनकी आत्मा को अपने श्रीचरणो में स्थान दे तथा समस्त परिवारजनों एवं शोक संतप्त देशवासियों  को यह स्थायी विछोह सहन करने की शक्ति एवं धैर्य प्रदान करें।

मैं स्वयं एवं समस्त विश्व हिन्दू परिषद परिवार की ओर से दिवंगत आत्मा के प्रति श्रद्धाजलि अर्पित करता हूं।  शान्ति !शान्ति !!शान्ति !!!

(डॉ. प्रवीण तोगडि़या) कार्याध्यक्ष