श्रीराम जय राम जय जय राम, শ্ৰীৰাংজয়ৰাংজয়জয়ৰাং, শ্রীরাম জয় রাম জয় জয় রাম , શ્રીરામ જય રામ જયજય રામ, ಶ್ರೀರಾಮಜಯರಾಮಜಯಜಯರಾಮ, ശ്രിറാം ജയ് റാം ജയ്‌ ജയ് റാം, శ్రీరాంజయరాంజయజయరాం

Scrap the Minority Commission or else form a Majority Commission: Dr. Surendra Jain

Press Statement:

Scrap the Minority Commission or else form a Majority Commission: Dr. Surendra Jain
Minority commission spreading Separatism
New Delhi June 20, 2017. The Chairman of the National Commission for Minorities, Syed Ghayorul Hasan Rizvi by implementing the agenda of the separatists, is strengthening the feelings of separatism in the Muslim community, says Vishwa Hindu Parishad(VHP). While informing about the decision to start a helpline number for Muslims, he said that Muslims could give a call on this number in case any atrocity is being committed against them. Reacting to this statement, the international joint General secretary of VHP Dr. Surendra Jain today said that this makes one feel that the atrocities against the Muslim community has reached such proportions that the extreme step of opening a helpline for the Muslims had to be taken up.
Dr. Jain said that Pakistan and the separatists have been using this exact analogy to justify their anti-India activities. Now they got one more man to advocate their cause. The events unfolding in the entire world proves the point that the amount of rights that the Muslims in Bharat enjoying cannot be matched by even the Muslims of the Islamic states. Despite this, the jihadi elements foment enmity by creating dissatisfaction among the Muslims. The Minority Commission too is only fomenting the same feelings of dissatisfaction by its work thereby strengthening minoritism and separatism, he added.
The Hon. Supreme Court in a ruling had expected that the Minority Commission would put an end to this anti-national practice of minoritism. Instead, while opening a helpline number, it has encouraged the feelings of disintegration among the community. He asked that the nation wants to know from the Minority Commission if the Muslim community is the one against whom atrocities have been committed or is it the other way round, is the Muslim community the perpetrator of atrocities? The Minority Commission must issue an elaborate statement on this. He challenged the Minority Commission for an open debate on the issue.
It is important to note that while the Chairman of the Minority Commission was busy announcing the decision to open a helpline, about the same time, Muslim goons were busy molesting and harassing Hindu girls in Muslim-dominated district of Bijnor in Uttar Pradesh. When they were stopped, their gang attacked the Hindus. Such incidents are commonplace in Muslim-dominated areas. When India lost to Pakistan in the finals of the Champions Trophy in cricket, Pakistani flags were waved all over the Kashmir valley, Bengal and other places dominating Muslims, and Hindus were attacked. The Minority Commission by portraying the perpetrators of atrocities as victims is encouraging the Mughal-mindset and tendency of the Muslims. This happens only in Pakistan where the Muslims who kill Hindus are rewarded. Is Minority Commission moving towards turning India into Pakistan? , he asked.
Dr. Jain also asked that as the very genesis of a Minority Commission is an encouragement to separatism, isn’t the National Human Rights Commission (NHRC) more than enough to safeguard the rights of all the citizens of the nation? He demanded that the NHRC should be empowered and the Minority Commission should be scrapped. If this is not possible then a National Majority Commission should also be established to protect the rights of the majority, whose rights are being abused. The Minority Commission made unnecessary comments on cow-slaughter but remained silent on beef parties. This has certainly hurts Hindu sentiments.

Issued by
Vinod Bansal, National Spokesperson-VHP, @vinod_bansal M-9810949109


प्रेस वक्तव्य:
अल्पसंख्यक आयोग को भंग करें या बहुसंख्यक आयोग भी बनाया जाए : डा सुरेन्द्र जैन
अल्पसंख्यक आयोग फैला रहा है अलगाववाद
नई दिल्ली। जून 20, 2017. विश्व हिन्दू परिषद ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष गयूरुल हसन रिजवी पर अलगावादियों के एजेंडे को लागू करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि वे मुस्लिम समाज में अलगाव के भाव को मजबूत कर रहे हैं| मुस्लिम समाज के लिए एक हैल्पलाइन जारी करने के निर्णय की जानकारी देते समय उन्होंने कहा कि अगर मुस्लिम समाज को कोई सता रहा है तो वे तुरंत इस पर फोन करें| इससे यह प्रकट होता है कि भारत में मुस्लिम समाज को इतना सताया जा रहा है कि इस कदम की जरुरत पड़ गयी| विश्व हिन्दू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री डा सुरेन्द्र जैन ने आज कहा है कि पाकिस्तान और अलगाववादी इसी तर्क का प्रयोग कर अपनी भारत विरोधी कार्यवाही को उचित ठहराते हैं| अब उनको अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष के रूप में एक और वकील फ्री में मिल गया है| सम्पूर्ण विश्व का घटनाचक्र इस बात का सबूत है कि मुसलमानों को जितने अधिकार भारत में हैं उतने किसी मुस्लिम देश में भी नहीं हैं| इसके बावजूद, जेहादी तत्व हमेशा असंतोष पैदा करके वैमनस्य फैलाते रहते हैं| अल्पसंख्यक आयोग भी इस काम को करके अल्पसंख्यकवाद और अलगाव को मजबूत कर रहा है| मा. सर्वोच्च न्यायालय ने एक मामले में इनसे अपेक्षा की थी कि देशघाती अल्पसंख्यकवाद को समाप्त करने के लिए इनको पहल करनी चाहिए| परन्तु उसकी भावना के विपरीत, अल्पसंख्यकवाद को प्रोत्साहन देकर वे विभाजनकारी प्रवृति को बढ़ावा दे रहे हैं|
उन्होंने कहा कि देश अल्पसंख्यक आयोग से जानना चाहता है कि भारत में मुस्लिम समाज पीड़ित है या अत्याचारी? इस पर इनको एक विस्तृत बयान जारी करना चाहिए| विहिप उनको इस विषय पर खुली बहस की चुनौती देता है| जिस समय वे हेल्पलाइन की सूचना दे रहे थे उसी समय बिजनौर में कुछ मुस्लिम गुंडे हिन्दू लड़कियों के साथ छेड़खानी कर रहे थे | उन्हें रोकने पर उनके साथियो ने आकर हिन्दू समाज पर हमला बोल दिया| ऐसी घटनाएं मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में आम तौर पर होती रहती हैं| उसी समय क्रिकेट में पाकिस्तान द्वारा भारत को हराने पर कश्मीर घाटी और बंगाल समेत कई स्थानों पर पाक के झंडे लहराए गए तथा हिन्दू समाज पर हमले किये गए| अत्याचार करने वालों को पीड़ित दिखाकर वे इनकी इस मुगलिया प्रवृत्ति को बढ़ावा दे रहे हैं| यह केवल पाकिस्तान में होता है जहाँ हिन्दुओं को मारने वालो को पुरस्कृत किया जाता है| क्या वे भारत को पाकिस्तान बनाना चाहते हैं?
विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री विनोद बंसल द्वारा जारी इस बयान में डा जैन ने यह भी कहा कि अल्पसंख्यक आयोग की अवधारणा ही अलगाववादी मानसिकता को पुष्ट करती है| क्या देश के सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए मानवाधिकार आयोग पर्याप्त नहीं है? उसको अधिक अधिकार देकर अल्पसंख्यक आयोग समाप्त कर देना चाहिए| अगर किसी कारण यह नहीं हो सकता तो, अविलम्ब राष्ट्रीय बहुसंख्यक आयोग की स्थापना भी करनी चाहिए जो, बहुसंख्यक समाज के भी अधिकारों की रक्षा कर सके| देश में उनके अधिकारों का ही हनन हो रहा है| अल्संख्यक आयोग ने भी गौरक्षा के बारे में अनावश्यक टिप्पणी की किन्तु, गौहत्यारों और बीफ पार्टियों के बारे में कुछ नहीं बोला| इससे हिन्दुओं की भावनाएँ आहत हुई हैं|

जारी कर्ता:
विनोद बंसल, (राष्ट्रीय प्रवक्ता), विश्व हिन्दू परिषद, ट्विटर: @vinod_bansal – M-9810949109