श्रीराम जय राम जय जय राम, শ্ৰীৰাংজয়ৰাংজয়জয়ৰাং, শ্রীরাম জয় রাম জয় জয় রাম , શ્રીરામ જય રામ જયજય રામ, ಶ್ರೀರಾಮಜಯರಾಮಜಯಜಯರಾಮ, ശ്രിറാം ജയ് റാം ജയ്‌ ജയ് റാം, శ్రీరాంజయరాంజయజయరాం

विश्व हिन्दू परिषद के संरक्षक मा. अशोक सिंहल जी का प्रेस वक्तव्य

वाराणसी, 17 दिसम्बर, 2014

हिन्दू समाज धर्मान्तरण करने हेतु विश्व के किसी भी भाग में कभी नहीं गया जबकि इतिहास साक्षी है कि पिछले पाँच-छः सौ वर्षों से लाखों लोगों की हत्या करके प्रलोभन और धोखे से ईसाई मिशनरियों ने आधे से अधिक विश्व को ईसाई बनाया और इस्लाम ने मोरक्को से हिन्देशिया तक हिंसा के सहारे धर्मान्तरित किया।

जबकि पहली बार राजा दादिर के समय सिन्ध पर हमला करके हिन्दू को धर्मान्तरित किया गया। उसी समय देवल ऋषि ने घर वापसी की धार्मिक व्यवस्था दी, यह धर्मान्तरण नहीं है। भारत सरकार को देवल ऋषि की इस व्यवस्था को कानूनी स्वीकृति देनी चाहिए।

स्वामी विवेकानन्द ने कहा था जब एक हिन्दू एक ईसाई बनता है तो हिन्दू समाज का एक शत्रु और बढ़ जाता है।

इस्लामिक राज्य में तथा ईसाइयों के राज्यकाल में भारी मात्रा में हिन्दू समाज का धर्मान्तरण हुआ और जिन्ना ने कहा हम हिन्दुओं के साथ नहीं रह सकते, पाकिस्तान में दसियों लाख हिन्दुओं की हत्या की।

भारत में जो रह गये है वे हिन्दू समाज से प्रेम स्थापित करके रहे इसके अलावा कोई रास्ता अब नहीं हैं। इसके लिए हिन्दुओं का धर्मान्तरण चाहे लव जेहाद अथवा अन्य कोई मार्ग हो, कठोर कानून बनाना चाहिए।

आज एक लाख पूर्णकालिक मिशनरी देश में चर्च द्वारा गाँव-गाँव सामूहिक ईसाई बनाने का कार्य भारी मात्रा में हो रहा है। इनको ईसाई देशों से हजारों करोड़ों की राशि प्रतिवर्ष आ रही है। इसको रोकने हेतु कठोर कानून बनाना चाहिए, तभी शान्ति और प्रेम स्थापित होगा।

जनसंख्या विशेषज्ञों का कहना है कि यदि परिवार नियोजन का पालन करने वाला हिन्दू अपनी जनसंख्या कम करते जावेगा और मुस्लिम पर्सनल लॉ के आधीन वे जनसंख्या बढ़ाने का कार्य इस्लाम की आड़ में करेंगे, तो 50 वर्ष में हिन्दू अल्पसंख्यक होगा इसलिए Common Civil Code का कानून सरकार संवैधानिक रूप से शीघ्रातिशीघ्र लाये।