श्रीराम जय राम जय जय राम, শ্ৰীৰাংজয়ৰাংজয়জয়ৰাং, শ্রীরাম জয় রাম জয় জয় রাম , શ્રીરામ જય રામ જયજય રામ, ಶ್ರೀರಾಮಜಯರಾಮಜಯಜಯರಾಮ, ശ്രിറാം ജയ് റാം ജയ്‌ ജയ് റാം, శ్రీరాంజయరాంజయజయరాం

Press statement: VHP Patron Ashokji Singhal on acquittal of Ven. Kanchi Sankaracharyas.

VEN. SANKARACHARYA SWAMI JAYENDRA SARASWATI JI WAS FRAMED UNDER A CHRISTIAN CONSPIRACY

– Ma. Ashokji Singhal, Patron, VHP

Allahabad, Nov. 27, 2013 – A Court of Law in Puducherry today acquitted Ven. Jagadguru Sankaracharya of Kanchi Kamakoti Peetham Sri Jayendra Saraswatiji Mahaswamigal of murder charges. Now it is clear that the then Christian Chief Minister of Andhra Pradesh Late Mr. Rajasekhar Reddy had, under a big conspiracy, arrested Ven. Sankaracharyaji in the dark of night on the eve of Diwali – the biggest Hindu festival (of Lights) in 2004 at Hyderabad. The arrest was made under an agenda to humiliate the topmost Mahatma of Hindus. Ever since Soniaji has got planted in Bharat she has been engaged in crushing our holistic, altruistic and syncretic Dharmic and Cultural beliefs, convictions and affiance. The Ven. Acharyas of the famous and leading 2500 year old Adi Sankara School of Thought, who have been looked up to and adored by our society as virtually God in human form, were not only insulted but the respect and veneration of the society for them was laughed at by the media. It was all under a deliberate, well-planned and open Christian agenda to destroy the veneration and adoration of society for the Saints, Acharyas, Mahants and Mahatmas of the indigenous traditions of Bharat. The conspirators know that in order to be able to get hold of the power, assets and resources of the great country Bharat (India) they have to completely uproot the Sant Fraternity and the pro-Hindutva organizations here. The proselytizing, land & economy-grabbing Christian forces have, therefore, been hatching conspiracies to show our Sant Fraternity on the wrong side law so that the society would look down upon them. With the clear and unblemished acquittal of Ven. Swami Jayendra Saraswatiji, this conspiracy has now been exposed. Conspiracies are being hatched to declare Pragya Bharati, Aseemanandji, and now I can also say, Asaram Bapu who has crores of followers in Bharat, as criminals. The Hindu society can never forgive this disgusting conspiracy of Soniaji. She has to account for it sometime. The time has come our society gets fully exercised about the Vote Bank Secularists like Soniaji and the atheist organizations including Mulayam Singh and other Burqa secularists that have been proactive in crushing the indigenous culture and moorings of Bharat and totally uproot them in the Mahabharat of the 2014 Parliamentary elections. It is only then that our Hindu society and our Sants can remain safe and secure.

– Prakash Sharma (Advocate), Spokesperson, VHP

पूज्य शंकराचार्य स्वामी जयेन्द्र सरस्वती जी पर लगाया गया आरोप एक ईसाई षड्यन्त्र था।

मा0 अशोक सिंहल संरक्षक विश्व हिन्दू परिषद्

इलाहाबाद, 27 नवम्बर 2013

पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य कांची स्वामी जयेन्द्र सरस्वती जी को आज हत्या के आरोप से अदालत ने बरी कर दिया। अब यह स्पष्ट हो गया है कि 2004 की दीपावली की रात्रि के अन्धेरे में हैदराबाद के ईसाई मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी द्वारा उन्हें एक बड़े षड्यन्त्र के तहत गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी भारत के हिन्दू समाज के सर्वश्रेष्ठ महात्मा को अपमानित करने की दृष्टि से की गई। सोनिया जी जब से भारत में आयीं हैं वह हमारी धार्मिक सांस्कृतिक आस्थाओं को कुचलने में लगी हैं। 2500 वर्ष से ख्यातिनाम भारत का सर्वश्रेष्ठ शांकर मत जिसके आचार्यों को भगवान के समान ही हमारा समाज मानता आया है, उनको केवल अपमानित ही नहीं किया गया वरन् उनके प्रति समाज की श्रद्धा व सम्मान का मीडिया के द्वारा उपहास उड़ाया गया। यह कार्य योजनाबद्ध रूप से सन्तों, आचार्यो, महन्तों और महात्माओं के प्रति श्रद्धाओं को समाप्त करने के लिए जानबूझ कर अपनाया गया खुलेआम ईसाई षड्यन्त्र था। उन्हें पता है कि भारत पर राज करने के लिए उन्हें सन्तों और हिन्दुत्ववादी संगठनों के आस्तित्व को समाप्त करना होगा। इसलिए उन्हें अपराधी बनाने का जिससे उन्हें समाज हेय दृष्टि से देखे यह एक ईसाई षड्यन्त्र था। स्वामी जी के बेदाग छूट जाने से अब यह षड्यंत्र पूर्ण रूप से उजागर हो गया है। प्रज्ञा भारती, असीमानन्द जी और अब तो मैं कह सकता हूं कि आसाराम बापू जिनके करोड़ों अनुयायी भारत में हैं उन्हें अपराधी घोषित करने का षड्यन्त्र किया जा रहा है। सोनिया जी के इस घृणित प्रयास को हिन्दू समाज कभी माफ नहीं कर सकेगा। उनको कभी न कभी इसका जवाब देना पड़ेगा। समय आ गया है, समाज सेक्युलरवाद का नारा लगाने वाली सोनिया जी और ऐसे ही नास्तिक संगठन जिसमें मुलायम सिंह जैसे अनेक नेता सेक्युलरवाद के नाम पर हिन्दू संस्कृति और मान्यताओं को कुचलने में लगे हैं उनसे पूरा समाज सचेत हो जाय और आने वाले संसदीय चुनाव के महाभारत में उनका पूर्ण सफाया कर दे। तभी हिन्दू समाज और हमारे सन्त सुरक्षित रह सकते हैं।