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संघनायक डॉ. धम्म वीरियो एक महान व अनूठे व्यक्तित्व थे : विहिप

प्रेस विज्ञप्ति
संघनायक डॉ. धम्म वीरियो एक महान व अनूठे व्यक्तित्व थे : विहिप
नई दिल्ली जुलाई 10, 2017. अखिल भारतीय भिक्खु महासंघ के संघनायक और पूर्व राज्यसभा सदस्य पूज्य भन्ते डॉ. धम्मा वीरियो के असमय इस धरती से चले जाने को विश्व हिन्दू परिषद(विहिप) ने भारत के लिए एक महान क्षति बताया है. विहिप के केन्द्रीय मंत्री श्री प्रशांत हरतालाकर ने अपने समवेदना संदेश में संघनायक को एक महान दिव्य दृष्टा तथा मानव कल्याण में सक्रिय एक प्रमुख कारक बताते हुए उनके मार्ग पर चलने के लिए प्रभु से कामना की है.
विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री विनोद बंसल ने बताया कि डॉ. धम्मा वीरियो जी का गत 7जुलाई, 2017(शुक्रवार) को दिल्ली के आल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में महानिर्वाण हो गया था। वे 87 वर्ष के थे। डॉक्टर विरियो 2002 से 2006 तक राज्यसभा के सदस्य रहे। डॉ. धम्मा वीरियो अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य एवं आदिवासी आयोग के अध्यक्ष तथा भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास संघ लिमिटेड के सदस्य भी रहे। शिक्षा जगत में आपका योगदान अम्बेडर केंद्रीय विश्वविद्यालय के संस्थापक सदस्य के रूप में सदैव याद किया जाएगा। नालंदा विश्वविद्यालय के भी आप बोर्ड सदस्य रहे।
डॉ. धम्मा वीरियो का जन्म सन् 1929 में म्यांमार(वर्मा) में हुआ। डॉ. वीरियो एक सेवाव्रती थे। सामाजिक कार्यां की ओर उनकी प्रवृत्ति बाल्यकाल से ही थी। दार्जिलिंग, सिक्किम में आपने 3000 बच्चों के लालन-पालन की व्यवस्था की। आज़ादी के बाद साठ के दशक में सिक्किम के भारत में विलय में भी डॉ. वीरियो की महती भूमिका रही। वर्ष 2016 में अप्रैल से अक्तूबर तक निरंतर पूरे उत्तर प्रदेश में डॉ. धम्म वीरियो ने ‘धम्म चेतना यात्रा’ का नेतृत्व करते हुए बौद्ध समाज को राष्ट्र की मुख्य धारा के साथ जोड़ने का सराहनीय कार्य किया।
मात्र बारह वर्ष की आयु में 1941 में भदन्त धम्म वीरियो की मुलाकात बाबासाहब भीमराव अम्बेडकर से बर्मा में हुई और उनकी प्रेरणा से उन्होंने बौद्ध भिक्षु के रूप में देश-विदेश में बौद्ध धर्म के प्रसार का संकल्प लिया। 1976 में सिक्किम के पहले मुख्यमंत्री काजी लेहनटुप दौरजी के शासन काल में डॉ. धम्मा वीरियो ने सिक्किम में ‘ कृपाशरण बुद्धिस्ट मिशन’ की स्थापना की। इस मिशन की आज चार शाखाएं हैं। डॉ. धम्मा वीरियो का पार्थिव शरीर श्रद्धालुओं के अंतिम दर्शन हेतु ईस्ट ऑफ कैलाश, नई दिल्ली में इस्कॉन मंदिर के निकट स्थित ‘जगत ज्योति बौद्ध विहार’ में रखा गया है।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रांत सह-संघ चालक श्री आलोक कुमार, विहिप प्रवक्ता श्री विनोद बंसल, केन्द्रीय मंत्री डा रामविलास पासवान व श्री राम दास आठवले सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति वुद्ध भिक्षु सांसद विधायक तथा अनेक देशों के प्रतिनिधि उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे हैं.
विनोद बंसल
(राष्ट्रीय प्रवक्ता), विश्व हिन्दू परिषद, @vinod_bansal M-9810949109


Press Release:
Sangha nayak DR. VEN. Dhamma Viriyo was a great visionary: VHP
New Delhi July10, 2017. Vishwa Hindu Parishad has called Sangha Nayak Ven. Dr. Dhamma Viriyo, a great visionary who spent his whole life for the humanity & spreading Buddhism throughout the world. The blessings of Baba Sahib Dr. Bhim Rao Ambedkar at the age of 12 in his birth place in Varma, inspired him a lot to come to Bharat & work for the Buddhism, says Shri Prashant Hartalkar, secretary, International Coordination Vishwa Hindu Parishad.
According to the National spokesperson Vishwa Hindu Parishad shri Vinod Bansal Ven. Dr. Dhamma Viriyo has got Parinirvan on July7, in AIIMS New Delhi. I met him on 6th morning in Jagad-Jyoti Buddha Vihar Temple in Sant Nagar, South Delhi with some RSS Swayam Sevaks. Dr Viriyo was a little boy of 12 year when Dr. Bhim Rao Ambedkar visited Myanmar. Dr. Ambedkar had asked Dhamma Viriyo to visit Bharat to learn BUDDHISM and spread the wisdom of Buddhism amongst WORLD .
At the age of 87 he was relentlessly working towards establishing Buddha Sasana. He played a key role in merging Sikkim in Bharat in the year 1975. In 1976 under the regime of Kazi Lhendup Dorjee ,(first CM- SIKKIM) DR. Dhamma Viriyo founded Kripasharan Buddhist Mission in Sikkim. He was currently Sangha Nayak (Chief Buddhist order of Theravada Buddhism in India) for “All India Bhikshu Sangha.

Over so many years Dhamma Viriyo has played major roles in various positions in the Govt and otherwise.

● He was a member of the National Commission for Minorities, Govt. OF INDIA.

● Was also a Member of the Tribal Marketing Co-Operative Federation (TRIFED) GOVT. OF INDIA

● Was a Hon. Member of Parliament of India.

● Functioned as the founding member of Dr. Ambedkar Central University , Lucknow UTTATPRADESH.

He was also honoured by Hon. Prime Minister of Bharat shri Narendra Modi at Mhou. the birth place of Dr. Bhim rao Ambedka. For his contributions to the society he has received BharatJyoti Award, Bijayratna Award, Bijayshree Award and The Rajiv Gandhi Seva Award by Govt of India.

At the age of 87 Dhamma Viriyo started the six month “DhaMma Chetna Yatra” from Sarnath. He covered 240,928 Kms to spread the message of Peace in Uttar Pradesh where Lord Gautam Buddha spent most of his life. With More than 100 Buddhist Monks CONTINUE attended the Yatra, held seminars and speeches at various places to show how life could change by seeking solution from the lessons of Buddha.

Vinod Bansal
National Spokesperson, Vishva Hindu Parishad, Tweet : @vinod_bansal M–9810949109