श्रीराम जय राम जय जय राम, শ্ৰীৰাংজয়ৰাংজয়জয়ৰাং, শ্রীরাম জয় রাম জয় জয় রাম , શ્રીરામ જય રામ જયજય રામ, ಶ್ರೀರಾಮಜಯರಾಮಜಯಜಯರಾಮ, ശ്രിറാം ജയ് റാം ജയ്‌ ജയ് റാം, శ్రీరాంజయరాంజయజయరాం

VHP hails SC ruling on politics on caste, creed, language, region or religion : Dr. Surendra Jain

Press Statement

New Delhi. January 02, 2017. Vishwa Hindu Parishad welcomed the Supreme Court’s ruling today barring political parties and candidates from seeking votes in the name of religion, caste, community, race or language. The International Joint General Secretary Vishwa Hindu Parishad (VHP) Dr. Surendra Jain said that the politics based on caste, community and religion has harmed the country a lot. Welcoming the decision of the Supreme Court he also said that national integration has also been damaged by this practice. “Vote bank politics would be curbed by this decision & the judgement will prove to be a landmark in nation-building,” he added.
Now it is the duty of the Commission of Bharat to get it implemented in its letter & spirit. We appeal to the election Commission to de-recognize the political parties and debar the candidates who violates any provision of this verdict.
The apex court on Monday said that seeking votes on the basis of caste, community, religion or language is illegal. A constitution bench headed by Chief Justice T.S. Thakur by a 4:3 majority passed the order on the basis of Section 123(3) of the Representation of People’s Act.

प्रेस वक्तव्य:
धर्म, जाति, समुदाय, नस्ल या भाषा के नाम पर वोट संबंधी निर्णय स्वागत योग्य: डा सुरेन्द्र जैन
नई दिल्ली। जनवरी 02, 2017. राजनीतिक पार्टियों द्वारा धर्म, जाति, समुदाय, नस्ल या भाषा के नाम पर वोट मांगने पर सर्वोच्च न्यायालय के रोक लगाने के फैसले का विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने स्वागत किया है. विहिप के अंतर्राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री डा सुरेन्द्र जैन ने निर्णय को अभूतपूर्व बताते हुए कहा है कि जाति, समुदाय तथा धर्म के आधार पर राजनीति से देश का बहुत नुकसान हुआ है. यहाँ तक कि इससे अनेक बार राष्ट्रीय अखण्डता को भी नुकसान पहुंचा है. उन्होंने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के इस निर्णय से तुष्टिकरण के आधार पर की जाने वाली वोट बैंक की राजनीति पर जो आघात हुआ है उसके दूरगामी परिणाम होंगे और यह फैसला राष्ट्र निर्माण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा.
उन्होंने यह भी कहा कि अब इस फैसले के अक्षरस: पालन कराने की बड़ी जिम्मेदारी चुनाव आयोग की है. हम भारत के चुनाव आयोग से अपील करते हैं कि जो भी राजनेता या दल इस आदेश या इसके किसी भाग का पालन नहीं करते, उनकी चुनावी मान्यता को अविलम्ब रद्द कर दिया जाए.
ज्ञातव्य रहे कि सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को कहा कि जाति, समुदाय, धर्म तथा भाषा के नाम पर वोट मांगना अवैध है. प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति टी.एस.ठाकुर के नेतृत्व में एक संवैधानिक पीठ ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 123 (3) के आधार पर 4:3 के बहुमत से फैसले के आदेश को पारित किया.
जारी कर्ता:
विनोद बंसल, (राष्ट्रीय प्रवक्ता) विश्व हिन्दू परिषद, @vinod_bansal M-9810949109