श्रीराम जय राम जय जय राम, শ্ৰীৰাংজয়ৰাংজয়জয়ৰাং, শ্রীরাম জয় রাম জয় জয় রাম , શ્રીરામ જય રામ જયજય રામ, ಶ್ರೀರಾಮಜಯರಾಮಜಯಜಯರಾಮ, ശ്രിറാം ജയ് റാം ജയ്‌ ജയ് റാം, శ్రీరాంజయరాంజయజయరాం

When Anti-riots laws exist under IPC, why Communal Violence Bill?

When Anti-riots laws exist under IPC, why Communal Violence Bill?

VHP opposes new Communal Violence Bill too as it is surreptitiously anti-Hindu

VHP also slams Govt for letting America get away with an insult to a woman diplomat

 New Delhi, December 17, 2013

Reiterating the stand against the UPA’s Communal Violence Bill, VHP demands total withdrawal of the same. VHP International Working President Dr Pravin Togadia said, “The earlier draft of the Communal Violence bill overtly mentioned Hindus as the habitual offenders of riots. It also gave total control of the police investigations in the hands of Muslims. Now in the changed draft, except for removing few words related to religion, there is no much change. Now too the bill targets Hindus leaving it to the discretion of the state authorities with anytime authority to the Central Govt to intervene. We fear that many states & the Center will now target Hindus using this bill as the definition of riots itself has been left vague. There are already strong laws against rioting in current Indian Penal Code (IPC). Therefore, the new Communal Violence bill is not at all liberal but surreptitiously & underhandedly anti-Hindu. We urge all political parties not to support such an anti-democracy bill that snatches fundamental rights of Hindus.”

Dr Togadia also questioned the UPA Govt’s commitment to securing the interests of Indians in Bharat & abroad. He asked, “A bright & brave woman diplomat from the Scheduled Caste Devyani Khobragade served the nation attending duties in difficult countries like Pakistan, Afghanistan, and Iran etc & when she is now serving in the USA, our Govt cannot even protect her human rights. Law may take its own course, but a women being handcuffed on the New York streets while dropping her little daughter to school & then being stripped for the search shows that the Indian Govt cannot even protect its own diplomats abroad. How will the Govt protect other Indians abroad? The same UPA Govt had sent a team of lawyers for one Dr Haneef to Australia! We demand immediate strict Govt action while we appreciate the Hon Speaker Meira Kumar’s stand of not meeting the American delegation in the wake of such human & body rights violations of an Indian woman in the US.”

_______________ Contact: drtogadia@gmail.com ; www.facebook.com/HinduNewsNetwork

नए ‘दंगा विरोधी ‘ बिल को विश्व हिन्दू परिषद् का विरोधभारतीय महिला राजनयिक के अमरिका में अपमान की भी निंदा

नयी दिल्ली , १ ७ दिसंबर , २ ० १ ३

 भारतभर से हुए विरोध के चलते केंद्र सरकारने साम्प्रदायिक बिल ‘दंगा विरोधी क़ानून ‘ का मसौदा बदला ; परन्तु नए मसौदे को भी विश्व हिन्दू परिषद् ने विरोध जताया है। विहिंप के आंतरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष डॉ प्रवीण तोगड़िया ने कहा, “जब भारत में पहले से सख्त भारतीय दंड विधान है जिसमें दंगा विरोधी कई धाराएं पहले से ही मौजूद हैं, तब इस नए ‘दंगा विरोधी’ साम्प्रदायिक क़ानून की आवश्यकता क्यों ? पुराने मसौदे के केवल कुछ ही शब्द हटा दिए हैं लेकिन अब राज्य सरकारों पर और केंद्र सरकार पर छोड़ दिया है कि दंगे की व्याख्या क्या। यह हिंदुओं के दमन का छुपा मार्ग है और विश्व हिदू परिषद् हिंदुओं के विरोधी इस अलोकतांत्रिक राजनैतिक ‘बिल ‘ का विरोध करती है। सभी राजनैतिक पक्षों से आवाहन है कि वे इस हिन्दू विरोधी बिल को मंजूर ना होने दे। “

 अमरिका के न्यू यॉर्क में भारतीय महिला राजनयिक देवयानी खोब्रागडे जी को भरे रस्ते पर हथकड़ियां पहनाना जब वे अपनी छोटी बेटी को शाला में छोड़ने जा रही थी और उस के बाद उस महिला राजनयिक को निर्वस्त्र कर उन कि तलाशी लेना यह किसी भी सभ्य समाज के क़ानून नहीं हो सकते। अमरिका ने यह कर के केवल महिला राजनयिक का ही नहीं, सभी भारतीयों का घोर अपमान किया है। क़ानून और किसी रिचर्ड्स नाम की महिला ने देवयानी खोब्रागड़े जी पर किया हुआ मुक़दमा अपनी जगह , लेकिन इसी राजनयिक ने कठीन देशों में जैसे पाकिस्तान , अफ़ग़ानिस्तान , ईरान – में राजनयिक के नाते काम कर देश की सेवा की है , वे महिलाओं के और अनुसूचित गरीबों के न्याय के लिए भी जागृत, सक्रिय रही हैं. भारत सरकार ने अमरिका के साथ इस विषय में कड़ी कृति करनी चाहिए, ना कि केवल शाब्दिक विज्ञप्तियां। विहिंप माननीय स्पीकर महोदया श्रीमती मीरा कुमार जी का और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जी का अभिनन्दन करती है जिन्होंने इस घटना के विरोध में अमरिकी प्रतिनिधि मंडल को मिलने से मना किया। डॉ हनीफ के लिए वकीलों की बड़ी टीम ऑस्ट्रेलिया भेजनेवाली भारत सरकार मिस रिचर्ड्स ने देवयानी खोब्रागडे जी पर डाले हुए इस मुकदमे पर और

अमरिका में हुए महिला राजनयिक के मानवाधिकार और शारीर अधिकार के उल्लंघन के गम्भीर मामले में ढुल मूल रवैया अपना रही है। अगर सरकार से नहीं बनता विदेश में अपने राजनयिक को सुरक्षा देना तो यह सरकार अन्य भारतीयों को क्या सुरक्षा देगी?”