अयोध्या की पावन धरती पर फिर बाबरी षडयन्त्र

हिन्दू विरोधी षडयन्त्रों की कुख्यात सूत्रधार तीस्ता शीतलवाड ने अब अयोध्या अपने जाल बुनने शुरू कर दिये है। इस बार फैजाबाद की एक मस्जिद से प्रकाशित होने वाली उर्दू पत्रिका “आपकी ताकत” पर कथित हमले को लेकर बहाना बनाया गया। पिछले दिनो अयोध्या और उसके आसपास के हिन्दू समाज पर हुए हमलो के कारण जो परिस्थिती बनी, उनके परिणाम स्वरूप मस्जिद के बाहर बनी दुकानो को क्षति पहुची। यह महत्वपूर्ण तथ्य है कि इन दुकानो के स्वामी अधिकतर हिन्दू है। आग इस प्रकार लगी कि मस्जिद के भवन को कोई क्षति नही हुई।मस्जिद के अन्दर से चलने वाले अखबार के कार्यालय को नुकसान होने का तो सवाल ही नही था ।इसके बावजूद यह प्रचार किया गया कि इस उर्दू अखबार पर हमला किया गया ।इस आग से किसी का नुकसान हुआ या नही, परन्तु इस आग मे हाथ सेकने के लिये तीस्ता सीतलवाड शूर्पणखा की तरह कूद पडी। उसने प्रेस कौंसिल के अध्यक्ष जस्टिस काटजू के यहा गुहार लगाई और इस मामले को पत्रकारिता पर हमले की तरह प्रस्तुत किया। जस्टिस काटजू शूर्पणखाई अदाओ से द्रवित हो गये और उन्होने एक जांच बैठा दी। जांच से किसको आपत्ति होगी परन्तु इस जांच का काम सौपा गया एक पुराने वामपंथी को जिनके हिंदू विरोधी तेवर किसी से छिपे नही हैं । उन सज्जन का नाम है, श्री शीतला सिंह। ऐसा लगता है कि इस जांच की आड मे अयोध्या और उसके आसपास चल रहे हिन्दू विरोधी षडयन्त्रो को छिपाने का प्रयास किया गया है ।रामलला की बाल लीला के केन्द्र रहे अयोध्या के क्षेत्र मे अब हिन्दू समाज को ही दबी-कुचली स्थिती मे लाया जा रहा है । प्रभु राम ने तो लंका को जीतने के बाद भी वहां अपना राज्य स्थापित नही किया था परन्तु अब अयोध्या मे रावण का साम्राज्य स्थापित करने की कोशिश की जा रही है।
मुस्लिम वोटो को रिझाने के लिये रामजन्म भूमि के नजदीक इस्लामिक केन्द्र बनाने का प्रयास प्रारम्भ हो गया है। इसके लिये केन्द्र सरकार और राज्य सरकार की मिली भगत है। इसके क्या परिणाम हो सकते है, इसकी झलक अभी से दिखने लगी है। पहले फैजाबाद मे एक मूर्ती को खन्डित किया गया।प्रदेश सरकार की कठपुतली पुलिस ने असली अपराधियो पर हाथ ही नही डाला। उसके बाद वहा के मुस्लिम समाज की हिम्मत इतनी बढ गयी कि फैजाबद, रुदौली,भदरसा, फुलवरिया समेत दसियो स्थानो पर माता दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन यात्राओ पर हमले किये गये और पवित्र प्रतिमाओ को अपमानित करने की कोशिश की गई। इन शोभायात्राओ मे शामिल महिलाओ के कपडे फाडे गये और इन पर जगह-जगह पथराव किये गये। भरत की तपःस्थली नन्दीग्राम भी इन जेहादियो के आक्रमण से अछूती नही रही। जब हिन्दू समाज ने इसका शान्तिपूर्ण प्रतिरोध किया, तो इसका जवाब इन जेहादियो ने युद्धस्तर पर दिया। कई स्थानो पर राशन की दुकानो से मुस्लिम दंगाइयो को मिट्टी के तेल का सार्वजनिक वितरण किया गया । इस तेल से कई स्थानो पर हिन्दूओ की सम्पत्तियो व दुकानो को आग के हवाले किया गया ।वहा की पुलिस भी इन गुन्डो से इतनी आतंकित है कि उन्होने इन जेहादियो पर हाथ डालने की बात तो दूर, उल्टे हिन्दू नेताओ को ही गिरफ्तार कर उन पर झूठे केस दर्ज किये। इस पर तुर्रा यह कि जब अयोध्या के कारसेवकपुरम मे दुर्गावाहिनी के एक कार्यक्रम को सम्बोधित करने के लिये विहिप के कार्याध्यक्ष , डा. प्रवीण भाई तोगडिया जाना चाहते थे, उन्हे रोक दिया गया। जबकि मुस्लिम समाज को भडाकाने वाले मुस्लिम तथा सैक्युलरी नेताओ को खुलेआम जाने दिया जा रहा है । इस्लामिक सैंटर बनने की धमक से अगर यह हाल है तो उसके बनने के बाद क्या होगा इसका जवाब अब किसी को ढूंढने की जरूरत नही है।
शीतला सिंह जी की अध्यक्षता मे बनाई गई जांच समिती इन सब षडयन्त्रो पर पर्दा डालने के लिये बनवाई गई है। इनके इरादे पूरे नही होने चाहिये। प्रत्येक देशभक्त नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह इसका भरपूर विरोध करे।

You May Also Like