क्या अब ये धोखेबाज चरित्र प्रमाणपत्र जारी करेंगे?

आज दिग्विजय सिन्ह जी ने कहा कि उन्हें संघ और विहिप पर विश्वास नहीं हॅ। क्या अब दुनिया के सबसे बडे धोखेबाज प्रमाणपत्र जारी करेंगे? उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमन्त्री बनने से पहले शपथ ली थी कि वे उस प्रदेश की कानून व्यवस्था को बनाये रखेंगे परन्तु उन्होंने अपने कार्यकाल में सिमी और माओवादियों को खुलकर काम करने की आजादी दी। वे यहीं नहीं रुके, इन दोनों का विरोध करने वालों का इन्होनें पूरा दमन करने की कोशिश की। अब भी वे बटला हाउस और आजमगढ जाकर आतन्कवादियों के दर पर सजदा कर के देश की जनता कॉ धोखा दे रहे हॅं। लगता हॅ, इनकी पार्टी की बुनियाद ही धोखाधडी पर आधारित हॅ।गान्धी जी और नेहरू जी ने विभाजन का विरोध किया था। देश ने उन पर विश्वास किया था, परन्तु उन्होंने विभाजनकारियों के सामने समर्पण कर देश को धोखा दिया। नेहरु जी ने समता मूलक सन्विधान देने का वायदा किया था। परन्तू सन्विधान में अल्पसंख्यकों की परिभाषा दिये बिना उनको विशेषाधिकार देकर देश को ऍसा धोखा दिया हॅ जिसका दुष्परिणाम देश आज भी भुगत रहा हॅ।कश्मीर के लिये धारा ३७० का विनाशकारी प्रावधान बनाते समय उन्होंने कहा था,” यह घिसते-घिसते खुद खत्म हो जायेगी।”परन्तु अब उन्हीं के अनुयायी इस धारा को बनाये रखने के लिये पूरी ताकत लगा रहे हॅ। नेहरू जी ने सन्विधान का लक्ष्य जातिविहीन समाज का निर्माण बताया था,परन्तु इसके साथ ही जाति पर आधारित आरक्षण का प्रावधान बना दिया।अब उनकी ही दौहित्रवधू जाति को जनगणना में शामिल कर के उनके वायदे को हमेशा के लिये दफन कर रहीं हॅ। सोमनाथ का पवित्र मन्दिर निर्माण करने से देश को विश्वास हुआ था कि अब देश में विदेशी आक्रान्ताओं के स्मारक अब देश में नहीं रह सकेंगे। परन्तु अब वे ही लोग उन दुष्टों के स्मारकों की रक्षा करने में ही अपने जीवन का सार समझते हॅं। बाबरी ढांचे की रक्षा के लिये वे देश के एक वर्ग को बाबर का अनुयायी बनने के लिये विवश करने का पाप कर रहे हॅं। देश को आजाद करने वाले महान सेनानियों को अपमानित कर देशद्रोहियों को सम्मानित कर ये पूरे देश को धोखा दे रहे हॅं। मिशनरियों को खुश करने के लिये हिन्दू सन्तों को अपमानित करके ये क्या देश को धोखा नहीं दे रहे? जेहादियों के पापों पर पर्दा डालने के लिये कुछ सन्तों पर झूटे केस बनाकर और “भगवा आतन्क” शब्द की रचना कर ये देश की जनता को धोखा देने के सिवाय और क्या कर रहे हॅं? ऍसे और पचास उदाहरण दिये जा सकते हें उन धोखॉ के जो इन्होंने देश को दिये हॅं।

इनके धोखों के परिमार्जन का एक सरल तरीका यह हॅ कि अब ये वोट-बॅंक का लालच छोड्कर देश का हित सोचें और राम मन्दिर की जमीन हिन्दुओं को सॉपकर अपने पापों का प्रायश्चित करें।

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