जेहादी आतंक का बेकाबू होता दानव

१३ जुलाई को मुम्बई में जेहादियों के द्वारा किया गया बम विस्फोट न केवल भारत सरकार के नकारापन का प्रमाण है अपितु जेहादियों के द्वारा भारत को एक और चुनौती है। भारत में एक के बाद एक बम विस्फोट हो रहे हैं और भारत सरकार अपराधियों को पकडने की जगह उनको संरक्षण दे रही है। अब भारत जेहादी आतंकियों के लिये पूर्ण रूप से अभयारण्य बन चुका है। अफजल गुरू और कसाब को ये फांसी नहीं दे पा रहे हैं। सिमी जैसे देशद्रोही संगठन सैक्युलरिष्टों के संरक्षण में अलग-अलग नामों से काम कर रहे हैं। जेहाद की शिक्षा देने वाले मदरसे अब महिमामंडित किये जा रहे हैं। वोट बैंक के लिये जेहादी मानसिकता को बढावा दिया जा रहा है। देश के दुश्मनों को सम्मानित कर मुस्लिम समाज के आदर्श के रूप में स्थापित किया जा रहा है। देशभक्त हिंदू संगठनों को प्रताडित करने का हरसम्भव प्रयास किया जा रहा है। हिंदू आतंकवाद की औपंयासिक कहानियां रचकर उन आतंकियों को बचाया जा रहा है जिनके अपराध राष्ट्रीय तथा अन्तर्राष्ट्रीय जांच एजेंसियों द्वारा सिद्ध किये जा चुके हैं। देशभक्त हिंदुओं को फंसाया जा रहा है। हिन्दू समाज पर जेहादी हमलों के दोषियों को बचाने और उनसे पीडित हिन्दू समाज को अपराधी सिद्ध करने के लिये नये- नये कानून बनाये जा रहे हैं। अब यह विचार करने का समय आ गया है कि मुम्बई में कल मारे गये २५ भारतीयों और २०० घायल लोगों के लिये आतंकवादी जिम्मेदार हैं या उपरोक्त पापों को करने वाली यह केन्द्र सरकार।

हर आतंकी घटना के बाद सरकार के मंत्री हमेशा यह कहते हैं कि यह पाकिस्तान की कायराना हरकत है। अगर इन घटनाओं के पीछे पाकिस्तान का हाथ है तो कायर पाकिस्तान नहीं हमारी केन्द्र सरकार है। लगातार पीटने वाला कभी कायर नहीं होता। पिटने के बावजूद दूसरों के सामने बार- बार गिडगिडाने वाले और केवल शिकायत करने वाले कायर होते हैं। दोष सुरक्षा बलों का नहीं है और न ही हमारे सूचना तंत्र का है। वे अपनी श्रेष्टता कई बार सिद्ध कर चुके हैं। अब उनको हाथ बांधकर लडने के लिये कहा जाता है और आतंकियों के विरुद्ध कार्यवाही करने पर उनको ही प्रताडित या अपमानित किया जाता है। जब करकरे और शर्मा के बलिदानों पर भी ये राजनीति कर सकते हैं तो टूटे हुए मनोबल के साथ ये क्या कर सकते हैं? हमारे समाज ने भी अपने सामर्थ्य का लोहा कई बार मनवाया है। दुर्भाग्य से अल्पसंख्यकों के वोटों की भिखारी इस सरकार नें अपनी कायरता को पूरे देश पर थोप दिया है।