क्या मणिपुर भारत का हिस्सा नहीं हॅ?

नागा आतन्कवादियों द्वारा मणिपुर का १३९ दिन की घेराबन्दी समाप्त हुए अभी ज्यादा दिन नहीं बीते हॅं। उस समय के भीषण कष्टों से अभी वहां की हिन्दु जनता उबरी नहीं हॅ कि नागाओं ने मणीपुर की फिर से घेराबन्दी शुरु कर दी हॅ।दूध,सब्जी, अनाज,दवाई व पॅट्रोल के अभाव में वहां की जनता त्राहि-त्राहि कर रही थी।काश्मीर घाटी की तथाकथित घेराबन्दी पर शोर मचाने वाली सेकुलर बिरादरी मणिपुर के मामले में चुप क्यों हॅ? पहले की गई घेराबन्दी पर भारत के मीडिया ने खास ध्यान नहीं दिया था। अब अगले दौर की घेराबन्दी पर भी कुछ खास नहीं छपा हॅ। इलेक्ट्रोनिक मीडिया की चुप्पी हॅरान करने वाली हॅ। नागा आतन्की ईसाई हॅं तथा मणिपुर की जनता हिन्दु हॅ।क्या वे हिन्दु होने के अपराध की सजा भुगत रहे हॅं? जम्मु काश्मीर हो या केरल,पूर्वोत्तर के राज्य ऑर उडीसा हों या गुजरात सब जगह हिन्दु समाज का जीना मुश्किल होता जा रहा हॅ। सम्पूर्ण देश के हिन्दु समाज को अपने सहधर्मियों के साथ खडे होकर सन्घर्ष करना पडेगा , तभी हम अपने देश में स्वाभिमान के साथ रह सकेगे।

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