क्या सत्तालोलुप कांग्रेस भारत को एक और विभाजन की ओर ले जाना चाहती है?/Does The Power Hungry Congress want to take India to another partition?

विकीलीक ने कांग्रेस के साम्प्रदायिक चेहरे पर से एक बार और पर्दा उठा दिया। कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी ने अमेरिकी राजदूत को कहा है कि” भारत को जेहादी आतंकियों से ज्यादा खतरा हिंदू संगठनों से है।” इससे पहले इन्हीं महाशय ने संघ की तुलना सिमी से करने की नादानी की थी। विकीलीक ने कुछ दिन पहले यह रहस्योदघाट्न किया था कि कांग्रेस भारत में साम्प्रदायिक राजनीति करती है। इसी राजनीति के कारण कांग्रेस ने अंतुले से आरोप लगवाये थे कि करकरे की हत्या में हिन्दू संगठनों का हाथ है। अब एक और कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह ने करकरे के साथ तथाकथित रूप से हुइ बात का हवाला देते हुए कहा था कि करकरे को हिन्दू संगठनों से खतरा है । महाराष्ट्र के गृह मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा है कि करकरे की दिग्विजय से बात के कोई रिकार्ड नहीं हैं। इससे पहले करकरे की पत्नी तथा मुम्बई हत्याकांड के जांच अधिकारी ने इस तरह की किसी बात से इंकार किया था। इन सबके बावजूद कोई न कोई कान्ग्रेसी इस प्रकार के अनर्गल दुष्प्रचार में लगा रहता है। उन्हें न इस बात की चिंता है कि उनकी इस बचकाना और घिनोनी हरकतों से आतंकियों की कितनी हिम्मत बढती है, पाकिस्तान के हौंसले कितने बुलंद होते हैं ,जांच एजेंसियां कितनी प्रभवित होती हैं तथा दुनिया में भारत की कितनी जगहंसाई होती है। अभी तक ऍसा लगता था कि इन हरकतों से ये अनजाने में आतंकियों की सहायता कर रहे हैं परन्तु अब लगता है कि ये नेता जानबूझ कर आतंकियों की मदद करते हैं। गद्दी के लालच में ही इन्होनें भारत का विभाजन किया था, आज भी ये सत्तालोलुप चंद मुस्लिम वोटों के लिये देश को एक और विभाजन की ओर ले जा रहे हैं।

बार- बार हिंदू संगठनों का डर दिखा कर वे मुस्लिम समाज को आतंकित करना चाहते हैं। वे इस नापाक हरकत से कई पाप कर रहे हैं। वे अपने इस दुष्प्रचार से आतंकी संगठनों की भाषा बोलकर उनके प्रवक्ता के रूप में काम कर रहे हैं। दूसरे, उनकी इन हरकतों से मुस्लिम समाज का एक वर्ग भ्रमित होकर देश की मुख्य धारा से अलग हो सकता है। क्या इनके इन पापों की भरपाई की जा सकती है? हिन्दू संगठनों से लडना है तो हम उन्हें चुनौती देते हैं कि वे वैचारिक आधार पर सभ्य समाज की तरह लडें। वे किसी भी मंच पर हमें गलत सिद्ध करें, हम सत्य सामने लायेंगे। इसके बाद समाज को सही गलत का निर्णय करने दें। इस लडाई में वे देश के हितॉ का बलिदान न दें। यदि कांग्रेस में कोई सद बुद्धि वाला नेता बचा है तो वह इन लोगों को समझाये। देश को वे इस मोड की ओर न ले जायें जहां से वापस आना उनके लिये मुश्किल हो जाये।

जहां तक राहुल गांधी का सवाल है , वे बचकाना बुद्धि के नासमझ युवक हैं। उन्हें न देश के इतिहास की समझ है और न देश की समस्याओं की। देश की जडों तक उनकी पहुंच नहीं है। वे इस देश की सत्ता को केवल अपनी जागीर समझकर अपने प्रबंधकों के हाथ की कठपुतली बन कर बेहूदी हरकते करते रहते हैं। उन्हें यह भी नहीं मालूम की विदेशी राजनयिकों से देश की आंतरिक राजनीति पर कितनी चर्चा करनी चाहिये। उन्हें नहीं मालूम वे देश का कितना नुकसान पहुंचा रहे हैं। शायद देश के नुकसान की उनको परवाह भी नहीं है।

Wikileaks has revealed once again the communal face of the Congress. The heir-apparent of the Congress has told the American ambassador that he is more concerned about Hindu organizations than Jihadi terror. Prior to this, he had made the puerile comparison of Hindu organizations with SIMI. A few days ago, wikileaks made this revelation that Congress indulges in communal politics. In this vein, Congress had compelled Antula to make an allegation that Karkare was killed by Hindu organizations. Another Congress leader has now come up with the allegation that he had a conversation with Karkare in which he had talked about danger to his life Hindu organizations. The Home Minister of Maharashtra has specifically denied having any records of this talk between Digvijay and Karkare. Prior to this, Karkare’s wife and the head of the Mumbai carnage investigations had denied any such conversation. Despite this, someone or the other from the Congress is always up to some sort of propaganda against the Hindu organizations. They are not at all worried that their irresponsible behavior ends up encouraging the terrorists, gives fodder to Pakistan, the investigative agencies’ work gets affected and India becomes the laughing stock of the world. Till now, it seemed that whatever these Congressmen were doing was inadvertent, but now there seems to be a deliberate attempt to help the terrorists. Congress had partitioned India only for the hunger of power, they are going to do it once again, this time merely for a handful of Muslim votes.
They are trying to instill a fear of the Hindu organization in the minds of the Muslim by deliberately creating false images of us and in doing this, they are committing sins galore. They re acting as the spokesperson of these terror organizations by indulging in such propaganda. Because of this, a part of the Muslim society could now leave the mainstream as they are getting waylaid by the false propaganda. Can these sins of the Congress be washed? We challenge them to fight us at the ideological level if they are really serious about proving their point, which will be more civilized. We will bring out the truth, we challenge them to fight us on any platform. Let the society, then decide for itself. In their false barrage against us, let them not sacrifice the good of the country. If there is any sane voice left in the congress, we call upon him to offer his good advice to his Congressmen. We request them not to take the country to the point of no return from where it will be difficult to make a comeback.

As fas as Rahul Gandhi is concerned, he is a naive young man. He has no understanding of either India’s history or its problems. He is not a grassroots-level leader. He has become a lilliput in the hands of a coterie which is using him to advance their agenda, Rahul, himself thinks of it as his treasure-trove. He does not even have the intellect to understand whether once should discuss India’s internal matters with foreign dignitaries. He has no understanding of the kind of loss his statements can cause to the nation, perhaps, he does not even care.

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