महान प्रकाशोत्सव दीपावली के पावन पर्व पर हार्दिक शुभकामनाएं

दीपावली के पावन पर्व पर सम्पूर्ण विश्व का हिन्दू समाज आनन्द व हर्ष के साथ दीप जलाकर पूरे विश्व को आलोकित करता है। इस दिन भगवान राम लंका में धर्मराज्य की स्थापना करने के बाद अयोध्या वापस लौटे थे। इसी दिन समुद्रमंथन से माता लक्ष्मी तथा धंवंतरी जी प्रकट हुए थे। इस दिन भगवान कृष्ण ने नरकासुर का वध कर संसार को अभयदान दिया था। भगवान नरसिंह द्वारा इसी दिन हिरण्यकश्यप का वध किया गया था। भगवान महावीर स्वामी, स्वामी दयानंद तथा स्वामी राम तीर्थ का निर्वाण इसी दिन होने के कारण इस दिन का महत्व और बढ जाता है।

यह दिन हिंदू समाज के लिये संकल्प दिवस के रूप में अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है। हिंदू समाज का संकल्प बृहदारण्य उपनिषद के इस श्लोक के रूप में प्रकट होता है-ः

असतो मा सद्गमय

तमसो मा ज्योतिर्गमय

मृत्योर्मा अमृतं गमय

असत्य से सत्य की ओर, अंधकार से प्रकाश की ओर तथा मृत्यु मे अमरत्व की ओर जाना हिंदू समाज का हमेशा से संकल्प रहा है। दीपावली का महान पर्व इसी संकल्प का प्रकटीकरण है। भगवान राम मर्यादा पुरोषत्तम हैं , इसीलिये वे हिंदू समाज के हमेशा से आदर्श हैं। उनका जीवन हिंदुओं के इस संकल्प को प्रकट करता है। रामराज्य की स्थापना इसी संकल्प को व्यवहारिक रूप में दुनिय के सामने लाता है। रामराज्य में सबके साथ समता का व्यवहार होता है। इसमें न किसी का शॉषण है और न किसी का तुष्टीकरण। सब लोग अपने कर्तव्य का पालन बिना किसी दंड के भय के करते हैं। न कोई अत्याचारी है और न कोई आतंकवादी। सब ओर एक भयमुक्त समाज दिखाइ देता है। यदि कोइ आतंकी पैदा होता है तो राजा उसे समाप्त कर समाज को उसके भय से मुक्त करता है। गरीबी और भुखमरी की कल्पना भी रामराज्य में नहीं की जा सकती। इसी रामराज्य की स्थापना हमेशा से हिंदू समाज का संकल्प रहा है। यही संकल्प जब गांधी जी के द्वारा सामने आया तो हिंदू समाज अंग्रेजों के विरुद्ध खडा हो गया।

आओ! दीपावली के इस महान पर्व पर रामराज्य की पुनर्स्थापना का संकल्प लें। राम जन्मस्थान पर भव्य मंदिर की स्थापना रामराज्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा। इस संकल्प की पूर्ती के लिये हमें भगवान राम सामर्थ्य प्रदान करें इसी कामना के साथ आप सबको इस पावन पर्व की पुनः हार्दिक शुभकामनाएं।