राहुल गांधी-जिन्ना का नया अवतार

राहुल गांधी अब जिन्ना के नये अवतार बन कर सामने आये हैं और कांग्रेस मुस्लिम लीग का नया संस्करण बन कर देश के विभाजन की आधारशिला तैय्यार कर रही है। उत्तर प्रदेश के चुनावों में कान्ग्रेस ने पहले अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया । अब वे देश को भी दांव पर लगा रहे हैं। पहले मुस्लिम आरक्षण का कार्ड खेलकर मुस्लिम समाज में कट्टरता को बढावा दिया, उसके बाद बटला मुठ्भेड को नकली करार देकर मुस्लिम समाज के मन में देश की पुलिस और न्यायपालिका के प्रति नफरत के बीज बोये गये। अब वे मुस्लिम समाज के मन में हिंदू समाज और हिंदू संगठनों के प्रति वही भाव भर रहे हैं जो जिन्ना के नेतृत्व में मुस्लिम लीग नें भरे थे। अब केवल हिंदू समाज के विरोध में सीधी कार्यवाही कर उनके कत्ले आम का आह्वान करने की कसर रह गई है ,जो दिग्विजय सिंह जैसा कोई भी कांग्रेसी नेता कर सकता है। उसके बाद देश के एक और विभाजन को रोकना आसान नहीं होगा।

कांग्रेस के युवराज, राहुल गांधी ने २७ जनवरी को उर्दू अखबारों के संपादकों को संबोधित करते हुए जो उदगार प्रकट किये ,वे उसी श्रेणी के थे जो १९४७ के पूर्व जिन्ना के हुआ करते थे। राहुल ने जो बात संघ के बारे में कही, जिन्ना वही बात कांग्रेस के बारे में कहा करते थे। मुस्लिम समाज की कथित दुरावस्था के लिये उस समय जिन्ना कांग्रेस को जिम्मेदार मानते थे। अब राहुल नें उनकी तथाकथित दुरावस्था के लिये संघ को जिम्मेदार घोषित किया है। इन दोनों ने पहले मुसलमानों को पिछडा घोषित करने के लिये तर्क गढे, फिर उसके लिये हिंदू समाज को जिम्मेदार ठहरा कर उसके प्रति नफरत के बीज बोये। जब जिन्ना और राहुल के तर्क समान हैं तो उनका परिणाम भी समान ही होगा। यह सभी जानते हैं कि जिन्ना भी इस खतरनाक कुतर्क का केवल राजनीतिक उपयोग करना चाहते थे। भारत का विभाजन होने पर उसने कहा था कि उसने यह तो नहीं मांगा था। यही बात राहुल और उसके चारण भाट कहेंगे। परन्तु इन दुष्टों नें मुस्लिम समाज के मन में अलगाव के जो बीज बो दिये हैं उसका परिणाम वही होगा जो जिन्ना के विषवमन का हुआ था।

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