सोनिया जी! क्या कांग्रेस के पापों के लिये आपको कभी शर्म आयेगी?

दिल्ली में कांग्रेस पार्टी के अधिवेशन में कांग्रेस अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी ने कहा कि,” ६ दिस. १९९२ को बाबरी मस्जिद को गिराना एक शर्मनाक घटना थी।” क्या उन्हें इस बात की तकलीफ है कि रामजन्म भूमि के ऍतिहासिक निर्णय के बाद मुस्लिम समाज शांत क्यों रहा? क्या वे अब उन्हें फिर भडकाना चाहती हैं? आजादी के बाद की कांग्रेसी राजनीति हमेशा मुस्लिम समाज को भडका कर दंगे कराने पर आधारित रही है। उनमें असुरक्षा की भावना भडका कर वे उनके वोटों पर अपना एकाधिकार जमाते रहे हैं। परन्तु इस बार उनकी प्रतिक्रिया अधिक संतुलित रही। शायद यह बात कांग्रेसी नेताओं को हजम नहीं हो रही है। इसीलिये वे उनको बार-बार भडकाने की कोशिश कर के एक देशघाती प्रयास कर रहे हैं। सोनिया जी, आपको तथा अन्य कांग्रेसी नेताओं को यह निर्णय पुनः पढना चाहिये। इस निर्णय में स्पष्ट शब्दों में कहा गया है कि बाबरी ढांचा एक मंदिर को तोड कर उसके अवशेषों से बनाया गया एक ऍसा ढांचा था जो इस्लामिक असूलों के अनुसार नहीं बनाया गया था। जब वह कानूनन मस्जिद था ही नहीं तो उसे बार-बार मस्जिद कह कर वे क्यों मुसलमानों को भडकाना चाहती हैं? ६ दिस.,१९९२ को भी मुस्लिम समाज ने तभी दंगे किये थे जब नरसिंह राव ने बार-बार उस ढांचे को मस्जिद कहा। क्या सोनिया जी १९९२ की तरह इस देश में फिर रक्तपात कराना चाहती हैं? क्या वे फिर मुम्बई बम्ब विस्फोटों का इतिहास दोहराना चाहती हैं? चंद वोटों की खातिर देश को आग में झोंकने की राजनीति अब बंद होनी चाहिये।

यदि आपको शर्म करनी ही है तो उसके लिये कांग्रेस के इतिहास के बहुत सारे काले पॄष्ट पर्याप्त हैं ः

-आपके नाना श्वसुर जवाहर लाल नेहरू जी देश को आश्वासन दिया था कि वे देश का विभाजन नहीं होने देंगे, परन्तु सत्ता प्राप्त करने की जल्दी में उन्होंने देश की जनता के साथ विश्वासघात कर देश का विभाजन स्वीकार किया था।

-शेख अब्दुल्ला का समर्थन कर उन्होनें काश्मीर के हिन्दुओं के कत्लेआम की नींव डाल दी थी जिसका दुष्परिणाम आज पूरा देश भुगत रहा है।

-भारत का विभाजन कर करोडों हिन्दुओं को बेघर एवं लाखों हिंदुओं का कत्लेआम कराने वाली मुस्लिम लीग के साथ कांग्रेस ने गठबंधन कर केरल में सरकार बनायी और उनके व्यक्ति को केन्द्र में मन्त्री बनाकर मुस्लिम लीग को पुनः प्रतिष्ठित करने का महापाप किया था।

-पंजाब में अपनी अंदरूनी राजनीति के चलते आपकी सासू जी ने ही भिंडरावाले को बढावा देकर पंजाब को आतंकवाद की आग में झोंक्ने का पाप किया था।

-सिमी और जेहादी आतंकवादियों के साथ कांग्रेसी नेताओं के संबंध आज जग जाहिर हैं। आपके कई नेता इनको खुला संरक्षण देने का महापाप कर रहे हैं। मदनी जैसे आतकी के साथ तो आपकी पार्टी खुलकर सामने आ चुकी है।

-३००० मासूम सिक्खों के खून के धब्बे अभी कांग्रेस के दामन से धुले नहीं हैं। इस हत्याकांड में आपके पतिदेव की भूमिका भी लोगों के सामने थी। शायद उनके दिवंगत होने के कारण लोग अब उनकी भूमिका पर चर्चा नहीं करते। परंतु आपको तो सब याद होगा?

-कांग्रेस भ्रष्टाचार की गंगोत्री बनकर आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी है। कामनवैल्थ खेलों में अरबों रूपये का घोटाला करके कांग्रेसियों ने देश की गर्दन पूरी दुनिया के सामने शर्म से झुका दी है। यह आपकी ही पार्टी की देन है कि भारत विश्व के सबसे भ्रष्टाचारी देशों मे शामिल हो गया है। सांसदों की खरीद से लेकर सैनिकों की जीवनरक्षक सामग्री तक सबमें आपके नेताओं ने देश के हितों की कुर्बानी कर दोनों हाथों से पैसा बटोरा है। अब कारगिल के शहीदों की विधवाओं के लिये बनाई गई आदर्श सोसाइटी में शहीदों की विधवाओं को भी आपके कांग्रेसी नेताओं ने नहीं छोडा और उनके अधिकारों पर बहुत ही बेशर्मी के साथ डाका डाला है।

ऐसे और पचासों उदाहरण दिये जा सकते हैं जिन पर पूरे देश को शर्म है। क्या आपको भी कभी आयेगी? अब बहुत हो चुका है। अब आपको नफरत और हिंसा की राजनीति बंद करनी चाहिये। आत्मनिरिक्षण कर अब कांग्रेस को ऐसी देशघाती नीतियों से तौबा करनी चाहिये और दूसरों को कोसने की जगह अपनी गिरेबान में झांकना चाहिये।