विश्व हिन्दू परिषद-स्वर्ण जयन्ती महोत्सव

भारत के पूज्य सन्तों एवं सामाजिक विद्वत्जनों की प्रेरणा से विश्व हिन्दू परिषद के गठन की घोषणा भाद्रपद कृष्ण अष्टमी संवत् 2014 तदनुसार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 29-30 अगस्त, 1964 को मुम्बई के सान्दीपनी साधनालय में हुई थी। इस वर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 16-17 अगस्त, 2014 को परिषद अपनी जीवन यात्रा के 50 वर्ष पूर्ण कर रहा है। आगामी वर्ष को परिषद भारतीय परम्परा के अनुरूप स्वर्ण जयन्ती वर्ष के रूप में मनाएगा। वर्षभर में हम 50 वर्षों के इस विकास यात्रा का सिंहावलोकन करेंगे, साथ ही साथ भविष्य में परिषद के कार्य को विश्व मानचित्र पर अपने उद्देश्यों की पूर्ति के लिए सबल बनाने का उपक्रम किया जाएगा।

वर्षभर चलने वाले कार्यक्रमों का संयोजन ‘‘विश्व हिन्दू परिषद-स्वर्ण जयन्ती महोत्सव समिति’’ के द्वारा किया जाएगा। स्वर्ण जयन्ती महोत्सव समिति के लिए भारत के सभी क्षेत्रों के मूर्धन्य महानुभावों ने अपना सक्रिय सहयोग प्रदान करने की सहमति दी है। स्वर्ण जयन्ती महोत्सव समिति के पदाधिकारियों की सूची परिषद के महामंत्री एवं महोत्सव समिति के मंत्री श्री चम्पतराय जी ने जारी की।

स्वर्ण जयन्ती वर्ष का शुभारम्भ पर 16 व 17 अगस्त, 2014 को मुम्बई स्थित सान्दीपनी साधनालय में ही एक चिन्तन गोष्ठी होगी। इस गोष्ठी में देश के प्रमुख धर्माचार्य, साधु-सन्त, विश्व हिन्दू परिषद के वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं सामाजिक क्षेत्रों के प्रतिष्ठित व्यक्ति उपस्थित रहेंगे। 17 अगस्त, 2014 को सायंकाल 5.00 बजे से मुम्बई स्थित षणमुखानन्द सभागार में सार्वजनिक सभा होगी। 17 व 18 अगस्त, 2014 को सम्पूर्ण भारत में 5000 स्थानों पर परिषद के कार्यकर्ता स्वर्ण जयन्ती वर्ष प्रारम्भ के उपलक्ष्य में शोभायात्राओं का आयोजन करेंगे।

पत्रकार वार्ता में उपस्थित अन्य महानुभाव- 1. श्री के. पी. एस. गिल – उपाध्यक्ष, स्वर्ण जयन्ती महोत्सव समिति 2. श्री ओमप्रकाश सिंहल – मुख्य कोषाध्यक्ष, स्वर्ण जयन्ती महोत्सव समिति 3. श्री विष्णुहरि डालमिया – सदस्य, स्वर्ण जयन्ती महोत्सव समिति 4. श्री सुभाष कपूर – सदस्य, स्वर्ण जयन्ती महोत्सव समिति 5. डाॅ0 रिखबचन्द जैन – सदस्य, स्वर्ण जयन्ती महोत्सव समिति

जारीकर्ता डॉ सुरेन्द्र कुमार जैन संयुक्त मंत्री, स्वर्ण जयन्ती महोत्सव समिति