संत रविदास मंदिर पुनर्निर्माण हेतु विहिप प्रतिनिधि मंडल हरदीप पुरी से मिला

विहिप कार्याध्यक्ष श्री आलोक कुमार के नेतृत्व जुटे अनेक मत-पन्थ सम्प्रदायों के प्रतिनिधि
नई दिल्ली. अक्टूबर 07, 2019. संत रविदास मंदिर के पुनर्निर्माण हेतु विश्व हिन्दू परिषद् (विहिप) के अंतर्राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष एडवोकेट श्री आलोक कुमार के नेतृत्व में विहिप का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधि मंडल आज सायं केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री श्री हरदीप पुरी से मिला. हिन्दू सिख जैन बौद्ध इत्यादि विभिन्न मत-पन्थ सम्प्रदायों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ मिले इस प्रतिनिधि मण्डल ने श्री पूरी को एक ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि संत रविदास मंदिर का पुन: निर्माण, उसमें पूजन की यथा-योग्य व्यवस्था, वहां के सरोवर को पुनर्जीवन तथा समाधियों को अबिलम्ब ठीक किया जाए. प्रतिनिधि मंडल ने भारत सरकार से कहा कि वह माननीय सर्वोच्च न्यायालय की सहमति के अनुसार अपने अटॉर्नी जनरल के माध्यम से उसे (सर्वोच्च न्यायालय को) संत शिरोमणि रवि दास जी के मंदिर के पुनर्निर्माण के सम्बन्ध में सूचित कर विश्व भर के हिन्दू जन-मानस की भावनाओं का आदर करे.
प्रतिनिधि मंडल ने शहरी विकास मंत्री को इस सम्बन्ध में एक ज्ञापन भी सौंपा जिसमें कहा गया है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर इस पुरातन मन्दिर के तोड़े जाने से छुब्द श्रद्धालुओं द्वारा विश्व भर में प्रतिक्रियाएं हुईं. लाखों हिन्दुओं ने पूज्य संतों के नेतृत्व में रोष-प्रदर्शन में भाग लिया. मुग़लों के कठिन समय में भी धर्म जागरण करने वाले संत शिरोमणि गुरु रविदास जी में सम्पूर्ण हिन्दू समाज की अटूट आस्था है.
ज्ञापन में मांग की गई है कि मंदिर का पुनर्निर्माण शीघ्र हो, पूजन की यथा-योग्य व्यवस्था हो तथा वहां के सरोवरों (तालाव/जोहड़) को पुनर्जीवित कर समाधियों को ठीक किया जाए. ज्ञापन में कहा गया है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय की सहमति के आधार पर सरकार  अटॉर्नी जनरल के माध्यम से मंदिर के पुनर्निर्माण हेतु अपनी स्वीकृति न्यायालय को देवे. हमें विश्वास है कि मंदिर का यह पुनर्निर्माण सम्पूर्ण भारतीय समाज में एक पुनर्जागरण का कार्य करेगा.
प्रतिनिधि मंडल में सनातन धर्म प्रतिनिधि सभा से महा-मंडलेश्वर पूज्य स्वामी अनुभूतानंद जी महाराज, जैनाचार्य डॉ लोकेश मुनि जी महाराज, वाल्मीकि समाज से स्वामी विवेकनाथ जी महाराज, संत रविदास विश्व महा पीठ के श्री सुरजीत जाटव, श्री मनोज कुमार व श्री धरमवीर, होशियार पुर से चरण छो गंगा तीर्थ के संत श्री सतविंदर सिंह हीरा, रंग पुर बुलंदशहर के स्वामी श्री वीर सिंह हितकारी, अखिल भारतीय र्विदाशिया धर्म संघटन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुखदेव वाघमारे, 108 फीट हनूमान मंदिर के महंत श्री ओम प्रकाश गेरा, जैन समाज से श्री रिखब चंद जैन, सिख समाज से विधायक सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा तथा आर्य समाज से दिल्ली आर्य प्रतिनिधि सभा के महामंत्री श्री विनय आर्य के अलावा विश्व हिन्दू परिषद् दिल्ली के अध्यक्ष श्री कपिल खन्ना, कार्याध्यक्ष श्री वागीश इस्सर व मंत्री श्री बच्चन सिंह सामिल थे.
विनोद बंसल, राष्ट्रीय प्रवक्ता, विश्व हिन्दू परिषद्
मो. 9810949109
VHP delegation met Hardeep Puri to rebuild Sant Ravidas temple
Representatives of several schools of religion were led by VHP Working President Sri Alok Kumar
New Delhi, October 07, 2019 – A high level delegation of Vishva Hindu Parishad (VHP) headed by the International Working President of VHP Advocate Alok Kumar met Hon’ble Union Minister for Urban Development Shri Hardeep Puri for the cause of reconstruction of Sant Ravidas Temple. The delegation, comprising of senior representatives from Hindu, Sikh, Jain, Buddhist schools of religion, through a memorandum to Shri Puri, demanded that immediate steps should be taken for the reconstruction of the Sant Ravidas temple, appropriate arrangements should be made for regular rituals and worship in it, its holy water bodies should be revived and rejuvenated, and the tombs fixed. The delegation asked the Government of India to inform the Hon’ble Supreme Court of India, through the GOI Attorney General, as per the consent of the SCI, about the reconstruction of the temple of Sant Shiromani Ravi Das Ji and thereby respect the feelings of the Hindus of the world who form 1/6th of the over 7 billion global population.
The memorandum stated that the demolition of this olden temple on the orders of the Hon’ble Supreme Court caused worldwide angst among the devotees and appreciative populace. Lakhs of Hindus participated in the rage under the leadership of revered saints. The entire Hindu society has unwavering faith in Guru Ravidas Ji – a jewel of the Sant Fraternity of Bharat – who mobilized and awakened indigenous Dharma even during the difficult Mughal times.
The memorandum demanded that the temple should be rebuilt soon, there should be a proper system of worship and the water bodies (Ponds/Johar) should be revived and the tombs restored. The memorandum states that on the basis of the consent of the Hon’ble Supreme Court, the government should give its approval to the court for reconstruction of the temple through the Attorney General. We believe that this reconstruction of the temple will act as a reference point for renaissance in the entire Indian society.

The members of the delegation also included Mahamandaleshwar Ven. Swami Anubhutanand Ji Maharaj of Sanatan Dharma Pratinidhi Sabha, Ven. Jainacharya Dr. Lokesh Muni Ji Maharaj, Ven. Swami Vivek Nath Ji Maharaj from Valmiki Samaj, Ven. Sri Surjit Jatav, Ven. Sri Manoj Kumar and Ven. Sri Dharamveer of Sant Ravidas Vishwa Maha Peeth, Ven. Sant Sri Satwinder Singh Heera from Charan Chho Ganga Tirtha Hoshiarpur, Ven. Swami Shri Veer Singh Hitkari from Rangpur Bulandshahar, Ven. Sri Sukhdev Waghmare, President of All India Vindashiya Dharma Sangathan, Ven. Mahant Shri Om Prakash Gera of 108 Feet Hanuman Temple, Ven. Shri Rikhab Chand Jain from Jain Samaj, Sikh Samaj representative Sardar Manjinder Singh Sirsa, MLA, and Arya Samaj representative Shri Vinay Arya, General Secretary, Delhi Arya Pratinidhi Sabha, and apart from this the delegation also included Indraprastha VHP President Shri Kapil Khanna, IVHP Working President Sri Vagish Issar and IVHP Secretary Sri Bachchan Singh.

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