पूर्णिया के जिहादियों पर कठोर कार्यवाही कर पीड़ित महा-दलितों को मिले न्याय: विहिप

प्रेस वक्तव्य:

पूर्णिया के जिहादियों पर कठोर कार्यवाही कर पीड़ित महा-दलितों को मिले न्याय: विहिप

नई दिल्ली। मई 22, 2021. बिहार के पूर्णिया में इस्लामिक जिहादियों द्वारा हिंसक हमले पर चिंता व्यक्त करते हुए विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने पीड़ित माह-दलित परिवारों को शीघ्र न्याय की मांग की है। विहिप के केन्द्रीय महामंत्री श्री मिलिंद परांडे ने कहा है कि गत बुधवार आधी रात को सैंकड़ों मुसलमानों की हथियारों से लैस भीड़ ने हमला कर लगभग दो दर्जन घरों को आग के हवाले किया, श्री मेवा लाल राय नामक हिन्दू महा-दलित की नृशंस हत्या कर दी, गर्भवती महिला का सिर फोड़ दिया, अन्य बहिन-बेटियों, बच्चों व बुजुर्गों तक पर अमानवीय अत्याचार तथा धार-दार हथियारों से हमले किए। वस्ती से एक तीन वर्षीय वालक दीवाना घटना के दिन से अभी तक लापता है। कहा जा रहा है कि इन हमावरों में बांग्लादेशी व रोहींग्या मुस्लिम घुसपैठिए भी सामिल थे। घटना के तीन दिन बीतने पर भी ना तो अपराधी पकड़े गए और ना ही पीड़ितों की सुरक्षा, सहायता या पुनर्वास के विषय में कुछ हुआ। उन्होंने मांग की कि हमलावरों पर संगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर गिरफ़्तारी हो तथा पीड़ित परिवारों की सुरक्षा, आर्थिक सहायता व पुनर्वास हेतु स्थानीय प्रशासन द्वारा सार्थक कदम अबिलंब उठाए जाएं।

श्री मिलिंद परांडे ने कहा है कि पूर्णिया ज़िले के बायसी अनुमंडल के मंझवा गांव के खपरा पंचायत में 19 मई बुधवार को अर्ध रात्रि में मुस्लिम समुदाय के दुवारा महादलितों पर ढहाए गए महा-कहर ने बंगाल में इसी माह हुए क्रूर हिंसक हमलों को दोहरा कर, हिन्दू समाज के धैर्य की परीक्षा लेने का पुन: दुस्साहस किया है। हमले, मारपीट, लूटपाट, हिंसा व आगजनी की इन जघन्य घटनाओं पर स्थानीय पुलिस, प्रशासन व शासन की उदासीनता भी बेहद चिंतनीय है। लोगों के मन में यह शंका है कि स्थानीय जन-प्रतिनिधियों के दबाव के कारण ही ऐसा हो रहा है। उन्होंने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, राष्ट्रीय महिला आयोग, राष्ट्रीय बाल आयोग तथा राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग को भी मामले में स्वत: संज्ञान लेकर तत्काल उचित कार्यवाही करने की मांग की है।

विहिप महामंत्री ने यह भी कहा कि इस जघन्य हमले ने “मीम-भीम” के नारे की भी पुन: पोल खोल दी है। छुद्र राजनैतिक लाभ के लिए, ऐसे झूँठे नारों कि आड़ में ही हिन्दू समाज के इस पराक्रमी दलित समुदाय को हिंसा का शिकार बनाया जाता रहा है। हमारे अनुसूचित जाति व जन-जाति के बंधु-भगिनियों को इनसे भ्रमित ना होकर, अत्यंत सावधान रहने की आवश्यकता है। उन्होंने उन सभी सेक्युलरिस्ट व दलितों के कथित मसीहाओं को भी आड़े हाथों लेते हुए पूछा कि जिहादीयों द्वारा हमलों पर उनके मुंह में दही क्यों जाम जाता है।

विहिप ने यह भी कहा कि सभी पीड़ित महा-दलित परिवारों की सुरक्षा, क्षतिपूर्ति व पुनर्वास के साथ आक्रमणकारियों के विरुद्ध कठोरतम कार्यवाही सुनिश्चित होने तक हिन्दू समाज चुप नहीं बैठेगा।

जारी कर्ता:

विनोद बंसल, राष्ट्रीय प्रवक्ता, विश्व हिंदू परिषद

 

Press Statement:

VHP demands action on Purnia Jihadis & justice for victimized Maha-Dalits

New Delhi, May 22, 2021 – Expressing concern over the sadistic violent attacks perpetrated by Islamic Jihadists in Purnia, Bihar, the Vishva Hindu Parishad (VHP) has demanded fast justice for the victimized Maha-Dalit families. VHP’s Central Secretary General Sri Milind Parande said that on Wednesday midnight, an armed mob of Muslim louts in their hundreds, attacked and set fire to nearly two dozen houses, brutally killed a Hindu Maha-Dalit named Shri Mewa Lal Rai, broke out the head of a pregnant woman, committed inhuman atrocities on other members of the community including women, boys, girls, children, elderly and attacked them with weapons. A three year old boy Deewana is still missing from the locality. The word is in the air that Bangladeshi and Rohingya Muslim infiltrators were also part of these Jihadi mob-lynchers. Even after three days of the gruesome incident, neither have the culprits been caught as yet nor did anything happen about the safety, security, assistance or rehabilitation of the victims! The VHP Secretary General demanded that FIRs be registered forthwith against the aggressors under relevant sections of law and they be arrested without delay and meaningful steps taken right away by the local administration for the protection, financial assistance and rehabilitation of the victim families!

Sri Parande said that the immeasurable havoc wrecked on the Maha-Dalits by the Muslim community on May 19 Wednesday midnight in the Manjhwa village in Khapra Panchayat of Bayasi subdivision of Purnia district, was a replication of their Bengal experiment of brutal violent attacks committed this month, and it has once again dared to test the patience of the Hindu society! The apathy of the local police, administration and government on these heinous incidents of attacks, beatings, looting, violence and arson is also very worrying. There is a suspicion in the minds of the people that this is happening due to pulls and pressures from the local public representatives. He has also demanded that the National Human Rights Commission (NHRC), National Commission for Women (NCW), National Commission for Protection of Child Rights (NCPCR) and National Commission for Scheduled Castes (NCSC) take suo motu cognizance of this horrific episode and initiate appropriate action in the matter directly.

The VHP Secretary General also said that this heinous attack has also again exposed the “Meem-Bheem” slogan. Shady characters hiding behind such fake slogans for petty political gains have long been making this mighty Dalit community of Hindu society the victim of violence. Without getting confused by and trapped in such agenda-led strategies and tactics, our Scheduled Castes and the Scheduled Tribes brothers and sisters need to remain very much watchful and guarded. Also censuring and confronting the secularists and the so-called messiahs of Dalits on their wrong doings, he asked why do they set curd in their mouth, why does the cat get their tongue, why can they speak just nothing on attacks by the Ghazwa-e-Hind Jihadis?

The VHP also said that until and unless the protection, compensation and rehabilitation of all the aggrieved Maha-Dalit fa milies are ensured, and the most rigorous action taken against the thug aggressors, the Hindu society won’t sit silent!

Released by..

Vinod Bansal, National Spokesperson, Vishva Hindu Parishad