देश के अनेक प्रांतों में सेवा कार्यों में जुटे हैं कार्यकर्ता, और सघन होगा अभियान

प्रेस वक्तव्य:

देश के अनेक प्रांतों में सेवा कार्यों में जुटे हैं कार्यकर्ता, और सघन होगा अभियान, विहिप ने की कोरोना से युद्ध की देशव्यापी तैयारी

नई दिल्ली। अप्रैल 28, 2021. राम के साथ राष्ट्र सेवा को समर्पित विश्व हिन्दू परिषद(विहिप) ने कोरोना की वैश्विक महामारी से जूझते भारतीयों को सम्बल प्रदान करने हेतु एक व्यापक कार्य योजना बनाई है। हालांकि इसमें से अनेक कार्य विहिप कार्यकर्ता अपने-अपने स्तर पर पहले ही प्रारंभ कर चुके हैं किन्तु इन्हें अखिल भारतीय स्तर पर गति प्रदान करने हेतु विहिप के केन्द्रीय महामंत्री श्री मिलिंद परांडे ने कोरोना से युद्ध का शंखनाद करते हुए संगठन कार्यकर्ताओं को सभी मठ-मंदिरों, गुरुद्वारों, संतों, धर्माचार्यों व स्वयं-सेवी संस्थाओं को साथ लेकर पूरी तरह से जुटने का आह्वान किया है। यूं तो कोरोना की पहली लहर में भी विहिप कार्यकर्ता सम्पूर्ण देश में सेवार्थ जुटे ही थे किन्तु स्थिति की भीषणता को देखते हुए इस बार और अधिक सेवा का बीड़ा उठाया है।

विहिप ने अपने सेवा कार्यों को मुख्यतया चार भागों में बांटा है। एक रोग से बचाने के उपाय। दूसरा, रोगियों की सेवा तथा उन्हें बचाने के प्रयास। तीसरा, पीड़ित परिवारों को संबल व सहायता तथा चौथा, अंतिम यात्रा व मोक्ष के उपाय। हर स्तर पर विहिप ने अपनी ताकत झौंकने की तैयारी कर ली है।

कोरोना से बचाने के उपायों में विहिप कार्यकर्ता जगह-जगह लोगों को जागरूक कर टीकाकरण

अभियान से अधिकाधिक लोगों को शीघ्रता से सामिल कराने में जुटे हैं। सोशल मीडिया, फोन व व्यक्तिगत संपर्कों के माध्यम से कार्यकर्ता लोगों के मन में से टीका विरोधी भ्रमों का निवारण कर उन्हें टीकाकरण हेतु प्रेरित कर उन्हें सुविधा प्रदान कर रहे हैं। दो गज दूरी व मास्क जरूरी, के साथ, हाथ-मुंह की स्वच्छता के प्रति जागरूकता, मास्क व सेनेटाइजर, आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक व सिद्ध मेडिसिन के यथा योग्य वितरण, सामाजिक अनुशासन, धैर्य तथा मनोबल हेतु यौगिक क्रियाओं का संचालन तथा हेल्प लाइन नंबर के माध्यम से विषय विशेषज्ञों के साथ परामर्श व सहायता इत्यादि सामिल हैं।

दूसरे प्रकार की सेवा में चिकित्सकों व वैद्यों से परामर्श, रोगी वाहन(एम्बुलेंस), ऑक्सीजन सिलेंडर, दवाइयों, प्लाज्मा, रक्त, ऑक्सीजन कॉन्संट्रेटर यूनिट, दवाओं तथा ऑक्सीमीटर इत्यादि की उपलब्धता, पृथक आवास केन्द्र (Isolation Centres), मरीजों व परिजनों के भोजन, उनके अकेले परिजनों की घरों व अस्पतालों में सहायता तथा चिकित्सा कर्मियों का सहयोग इत्यादि प्रमुख हैं।

तीसरे प्रकार की सेवा में मजदूरों, व निम्न आय वर्ग के लोगों के अतिरिक्त पीड़ित परिवारों को भोजन-पानी दवाओं व राशन वितरण, अकेले बुजुर्गों, छात्र-छात्राओं व बच्चों की देखभाल, गोवंश एवं अन्य प्राणियों हेतु आहार, पलायन को मजबूर यात्रियों को भोजन-पानी व दवाई की व्यवस्था आदि प्रमुख हैं।

चौथे प्रकार की सेवा अत्यंत कठिन व चुनौती पूर्ण है। कोरोना के ग्रास बने शवों को अस्पताल से मोक्ष द्वार तक पहुंचाने हेतु शव वाहन, अंतिम संस्कार की व्यवस्था, उससे जुड़ी सामग्री की व्यवस्था जैसे कार्य सामिल हैं जिनके लिए कोरोना पीड़ित शवों के परिजन भी की कई बार राजी नहीं होते। साथ ही कोविड प्रोटोकॉल के हिसाव से भी गंभीर संक्रमण का खतरा सदैव मंडराता रहता है।

विहिप की युवा इकाई बजरंग दल व दुर्गा वाहिनी इन सेवा कार्यों में अपनी जान हथेली पर रख कर तन-मन-धन से लगी हैं। श्री परांडे ने कॉर्पोरेट जगत से भी इन सेवा कार्यों में बढ़ चढ़ कर भाग लेने का आह्वान किया है। मीडिया के एक वर्ग द्वारा जाने अनजाने में लगातार नकारात्मक वातावरण का निर्माण कर समाज का मनोवल तोड़ने का प्रयास हो रहा है। इस पर उन्होंने चिंता व्यक्त की है। अच्छी बातों को प्रोत्साहित कर विहिप कार्यकर्ता सकारात्मक वातावरण बनाने में अपना योगदान कर रहे हैं।

जारी कर्ता:

विनोद बंसल, राष्ट्रीय प्रवक्ता, विश्व हिंदू परिषद।

मो- 9810949109

Press Statement:

Karyakartas are engaged in service work in many provinces of the country; the campaign is being made more intensive and extensive, VHP prepares for nationwide war against Corona pandemic

New Delhi, April 28, 2021 – The Vishva Hindu Parishad (VHP), dedicated to the service of Ram and his extended personality – the Nation, has prepared a comprehensive action plan to serve the Bharatiyas under attack by the global pandemic of COVID-19 Corona virus. Anyway, many of these works have already been started by VHP Karyakartas at their respective levels, but to give it momentum at the pan-Bharat level, the Central Secretary General of VHP, Sri Milind Parande, while declaring a war on Corona, called upon the Karyakartas to mobilize with full steam and join forces with all the monasteries and temples, Gurudwaras, Sant fraternity, Dharmacharyas and voluntary organizations to wage war against this pandemic. Nevertheless, during the first wave of Corona in 2020, VHP Karyakartas offered Seva to the Corona-affected needy people in the whole country, but in view of the more dangerous magnitude of the situation this time, they have soared up the service activities to a higher gear.

The VHP has spiraled its Seva strategy and tactics into four fronts. The first is obviously “Prevention is better than cure”. The second is to serve the infected and make all possible efforts to save their lives. The third is to provide support and assistance to the affected families. And the fourth is to arrange for the last journey of the Corona victims and measures for their liberation. In order to handle all the four fronts, the VHP has prepared to deploy its cadre and organizational strength.

The VHP Karyakartas, under the banner of preventive measures, would ensure that all eligible people take advantage of the vaccination programme of the Government. The Karyakartas, through social media, phone calls and personal contacts, have been removing the anti-vaccine propaganda and confusions and motivating people and facilitating their vaccination. They have been sensitizing people about the indispensability of the present norms of Two-Guz (5.9 ft.) personal distancing, use of face-masks, hand & face sanitization and other protocols of hygiene, etc. Also they are distributing Ayurvedic, Homeopathic and Siddha Medicines as necessary; running Yoga sessions to promote the virtues of social discipline, patience and boost morale; and through helpline numbers, arranging consultations with and assistance from experts in the respective fields.

The services pertaining to the second front include consultations with physicians and Vaidyas, arranging for ambulances, provisions for oxygen cylinders, plasma, blood, oxygen concentrator units, medicines and oximeters, etc. It also includes isolation/quarantine centers, meals for patients and their family members, assistance to lone family members in homes and hospitals, and support to and cooperation with medical personnel, etc.

Services pertaining to the third front include distribution of food & water, medicines and ration to the affected families and the labourers, other low-income group people; care for the home-alone elderly, students and children; fodder/food & water for the cow progeny and other animals; food, water and medicines for the travelling people forced to flee to their native places.

Service pertaining to the fourth front is extremely difficult and challenging. Such tasks as arranging for hearse/mortuary vans to transport Corona victims from the hospitals/homes to the doors of liberation, arrangements for their funeral services and cremation, arrangements for related materials, are easier said than done, and for which sometimes it is difficult to persuade even the family members of the corona victims. Also always, self-protection of Karyakartas engaged in these services from droplet or contact or airborne transmissions of the Corona-virus is a critical challenge.

Bajrang Dal and Durga Vahini – the youth wings of the VHP – taking all risks whatsoever, are wholeheartedly engaged physically, mentally and resource-wise in these service activities. Sri Parande also called upon the corporate world to vigorously join forces and resources with these service activities. An attempt has been being made by a section of the media intentionally or inadvertently to create a negative atmosphere by weakening the morale of the society. He expressed concern over this. VHP Karyakartas are contributing towards creating a positive atmosphere by themselves engaging in and also encouraging good works and efforts.

Released by..

Vinod Bansal, National Spokesperson, Vishva Hindu Parishad

M-9810949109