Kasab Hanged; When Afzal & other Jehadis? Dr Pravin Togadia

Press Release

 Kasab Hanged; When Afzal & other Jehadis?   Dr. Pravin Togadia

New Delhi, November 21, 2012

Ajmal Aamir Kasab, a convict of November 26, 2008 Jehadi attack on Mumbai has been hanged to death today morning. Giving credit of such an accurate & speedy trial & punishment to Mumbai Police & especially to Advocate Ujjwal Nikam, Dr Pravin Togadia, International Working President of VHP said, “Hanging Kasab is a welcome beginning for war on terror that the Indian PM promises only on the foreign soils but back in Bharat, gets Hindus arrested & jailed. There is a long way to go in war against Jehadi Terror. The attacker of Bharat’s Parliament Afzal Guru & other hundreds of Jehadis are living gleefully in Indian jails like parasites eating up Indian taxpayers’ hard-earned money. They not only are a burden on Bharat but more importantly, they also pose a great danger of the Kandahar like incident which endangers Bharat’s safety & security immensely. Therefore, it is now essential that without any further delay in clearing Afzal Guru’s mercy petition, he should be hanged per the Hon. Supreme Court verdict & other Jehadis should be tried/hanged too. Mumbai blasts 1992 accused / convicts are still sitting in Indian jails & some are roaming free. Gujarat Sabarmati Train burning attack where Ram Bhakts were burnt alive, the main accused is ‘absconding’ yet & there are many such Jehadi attack cases. Union Govt & all state Govts should act on these cases faster & give justice to the victims & also save Bharat from Kandahar like tragedies.”

Dr. Togadia further demanded that all the attacks on the police, Army & paramilitary forces in Jammu & Kashmir be treated as Jehadi attacks & the culprits be hanged immediately as over 30,000 Indian police, Army / paramilitary personnel have been killed in past 10 years only in that region alone. Dr. Togadia demanded the same system for Assam & rest of North East & urged the Govt to treat the violence by the Bangla Deshi Muslim Infiltrators in North East as Jehadi attacks on Bharat.

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Contact: drtogadia@gmail.com

 

कसाब को तो फाँसी मिली; अफज़ल गुरु और बाकी जिहादियों को कब?  – डॉ. प्रवीण तोगड़िया का सवाल

दिल्ली, २१ नवम्बर, २०१२

२६ नवम्बर, २००८ को मुंबई पर हुए जिहादी हमले का गुनाहगार कसाब को आज सुबह फाँसी दी गयी. यह मुक़दमा जल्द निपटे, ठीक से तपास हो और कोई भी कानूनी दांव पेंच इसे उलझा न सकें, इसलिए मुंबई पोलिस और वकील एडवोकेट श्री उज्जवल निकम इन का अभिनंदन करते हुए विश्व हिंदू परिषद् के आंतरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने कहा, “कसाब को फाँसी हुई यह जिहादी आतंकवाद के विरुद्ध के युद्ध में पहला कदम है. परंतु अभी भी बहुत लंबा और कठीन सफ़र तय करना है. भारत के प्रधानमन्त्री विदेश जाकर आतंकवाद के विरुद्ध जंग की बड़ी बड़ी बातें करते रहते हैं, लेकिन भारत में हिन्दुओं को जेल भेजकर मुस्लिम तुष्टिकरण करते रहते हैं. २६ / ११ का एक गुनाहगार कसाब फाँसी चढ़ गया, लेकिन उसके पीछे के बड़े हाथ अभी भी पाकिस्तान में और अमरिका में बैठे हैं. इतना बड़ा कारनामा करने में उन्हें सहयोग करने वाले स्थानीय आतंकी भी सभी पकडे तक नहीं गए हैं. संसद हमले का गुनाहगार अफज़ल गुरु मानानीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी दिल्ली जेल में आराम फर्मा रहा है और भारतीयों ने कष्ट से कमायें और सरकारी तिजोरी में भरे टेक्स के पैसे से जी रहे है. वही नहीं; देश के अनेक कारागृहों में अनेक जिहादी हमलों के आरोपी / गुनाहगार बैठे हैं, जो मुक़दमा खड़ा होने की / अपील चलने की या दया अर्जी पर निर्णय होने की राह देख रहे हैं. १९९२ में मुंबई में हुए श्रेणीबद्ध विस्फोटों के लिए अभी तक एक भी गुनाहगार फाँसी नहीं चढ़ा, कुछ तो खुले आम घूम रहे हैं; गुजरात में साबरमती एक्सप्रेस में जिहादियों ने जलाए राम भक्तों के गुनाहगार अभी भी फाँसी नहीं चढ़े – उनका मुख्य सूत्रधार अभी तक गायब है, जब की उस के बाद के दंगों के लिए हिन्दुओं को ३६ से भी अधिक वर्षों की चाकरी सजा मिली है और राज्य सरकारने तो आजीवन कारावास मिले हिन्दुओं को फाँसी की सजा देने के लिए उच्च न्यायालय में अपील की है!! भारत के कारागृहों में बैठे अनेक जिहादी भारत पर केवल बोझ ही नहीं, अपितु, कंधार जैसी भीषण घटना का षड्यंत्र फिरसे कोई दुश्मन देश करें इसे आमंत्रण देना है, जिससे भारत की सुरक्षा को खतरा हो सकता है. इसलिए अब यह अहम् है कि अफज़ल गुरु की दया की अर्जी तुरंत खारिज कर उसे फाँसी दी जाय और देश के अन्य कारागृहों में बंद या बाहर घूमते हुए जिहादी आतंकियों को फाँसी दी जाय. भारत की केंद्र सरकार एवं सभी राज्य सरकारें मतों के लिए कोई समझौता किये बिना जिहादी आतंक का निपटारा करने में कदम उठायें. “

 

डॉ तोगड़िया ने आगे २ और मांगें की है कि जम्मू काश्मीर के पोलिस, सेना और अर्धसेना बलों के जवान इन सभी पर बार बार होनेवाले हमलें भी पाकिस्तान प्रेरित और स्थानीय अलगाववादियों द्वारा समर्थित जेहादी आतंकी हमले मानकर गत १० वर्षों में मारे गए ३०,००० से अधिक भारतीय जवानों को न्याय दिया जाय. आसाम सहित पूर्वोत्तर राज्यों में भी स्थानीय भारतीयोंपर, भारतीय सेना/ पोलिस एवं अर्धसेना बलों पर बांगला देशी मुस्लिम घुसपेटियों द्वारा हुए हमलों में हजारों मारे गए हैं. ये सभी हमले और उन के द्वारा फैलाए गए दंगे फसाद भी जेहादी हमले मानकर तुरंत कारवाही की जाय.

_________     संपर्क: drogadia @gmail .com

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