विश्व हिन्दू परिषद केन्द्रीय मार्गदर्शक मण्डल बैठक, 10 – 11 नवम्बर, 2020

राममंदिर धन संग्रह हेतु 4 लाख गांवों के 11 करोड़ परिवारों के 50 करोड़ लोगों से 15 जनवरी से 27 फरवरी के मध्य संपर्क करेगी विहिप
दो दिवसीय केन्द्रीय मार्गदर्शक मण्डल में संतों ने धर्मांतरण, लव-जिहाद, संतों, बेटियों व परंपराओं पर सतत विधर्मी हमलों पर चिंता व्यक्त करते हुए कठोर कार्यवाही व कड़े कानूनों की मांग की।
नई दिल्ली। नवंबर 11, 2020. विश्व हिन्दू परिषद के दो दिन तक दिल्ली में चली केन्द्रीय मार्गदर्शक मण्डल की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इन निर्णयों की घोषणा करते हुए जूना अखाड़े के आचार्य महा-मंडलेश्वर, पूज्य स्वामी अवधेशानन्द गिरी जी महाराज ने आज कहा कि पूज्य संतों के आदेश पर विहिप कार्यकर्ता राममंदिर के लिए देश के 4 लाख गांवों के 11 करोड़ परिवारों के 50 करोड़ सदस्यों से आगामी 15 जनवरी से 27 फरवरी के मध्य संपर्क कर श्रीराम मंदिर से उन्हें सीधा जोड़कर उसके लिए धन संग्रह करेंगे. संत समाज भी इस अभियान में जुटेगा। पूज्य स्वामी परमात्मानंद जी महाराज, विहिप कार्याध्यक्ष एडवोकेट श्री आलोक कुमार तथा प्रचार-प्रसार प्रमुख श्री विजय शंकर तिवारी की उपस्थिति में उन्होंने कहा कि दो दिवसीय केन्द्रीय मार्गदर्शक मण्डल में संतों ने धर्मांतरण, लव-जिहाद, संतों, बेटियों व भारतीय परंपराओं पर हो रहे सतत विधर्मी हमलों पर भी गहरी चिंता व्यक्त करते हुए हमलावरों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही तथा कड़े कानूनों की मांग भी की।
उन्होंने बैठक में पारित दो प्रस्तावों को मीडिया को जारी करते हुए कहा कि हमें संतोष है कि विगत कुछ वर्षों से केन्द्रीय सत्ता में राष्ट्रीय हितों एवं भारतीय संस्कृति के प्रति सकारात्मक चिन्तन प्रारंभ हुआ है। श्रीराम जन्मभूमि पर गत 05 अगस्त को भूमि पूजन, धारा 370 व 35ए की समाप्ति, नागरिकता संशोधन विधेयक (CAA) का पारित होना, श्री काशी विश्वनाथ धाम कोरीडोर समेत देश के सभी प्रतिष्ठित तीर्थस्थलों के समग्र विकास, जीर्ण-शीर्ण तथा भग्न मन्दिरों के जीर्णोद्धार की योजना इत्यादि अनेक अविस्मरणीय व अप्रत्याशित कार्य हुए हैं।
पूज्य अवधेशानन्द जी ने कहा कि इन्हीं श्रेष्ठ कार्यों की प्रतिक्रिया स्वरूप राष्ट्र विरोधी तत्त्व भी तीव्रगति से सक्रिय हुए हैं। मजहबी आतंकवाद से प्रेरित ‘लव-जेहाद’, ईसाई मिशनरियों व जिहादियों द्वारा धर्मान्तरण, पूज्य संतों, परंपराओं, मठ-मंदिरों व परिवार व्यवस्था पर देश-विरोधियों, वाम-पंथियों एवं शहरी नक्सलियों के सुनियोजित हमले भी तीव्र हुए हैं।
अप्रैल 2020 में पालघर (महाराष्ट्र) में पुलिस की उपस्थिति में दो संन्यासियों और उनके चालक की नृशंस हत्या तथा उस के पीछे वहाँ सक्रिय चर्च व NGO के राजनैतिक गठजोड़ का वीभत्स स्वरूप देखने को मिला। दुर्भाग्य से महाराष्ट्र सरकार ने ना सिर्फ घटना पर पर्दा डालने का प्रयास किया अपितु, जिस व्यक्ति या संस्था ने आवाज उठाई, उसे निर्ममता से कुचलने का प्रयास तथा सरकार द्वारा CBI जाँच से भागते हुए जाँच के पूर्व ही मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री द्वारा घटना को भ्रम-जनित करार देना किसी बड़े षड्यंत्र का हिस्सा ही है। संतों की इस बैठक ने पालघर घटना की निष्पक्ष CBI जाँच की माँग की है।
बैठक में पारित प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि आज मजहबी आतंकवाद अनेक रूपों में हमारे देश में सक्रिय है। वर्तमान समय में लव जेहाद के रूप में हिन्दू बहन-बेटियों को झूठे प्रेमजाल में फँसाना ही नहीं अपितु बलात् अपहरण और हत्या की अनेक घटनाएं स्थान-स्थान पर सामने आ रही हैं। बल्लभगढ़ में धर्मान्तरण कर विवाह नहीं करने पर निकिता तोमर नामक बालिका की सरेआम सार्वजनिक स्थान पर हत्या ने इन जेहादियों के बढ़े हुए मनोबल का आभास करा दिया है। अनेक अपराधियों ने यह भी स्वीकारा है कि इस कार्य हेतु प्रशिक्षण एवं पर्याप्त धन उनको प्राप्त होता है। ऐसे मजहबी आतंकवादियों पर कठोर कार्यवाही तथा कड़े कानून की माँग करते हुए हिन्दू समाज को सावधान रहने के लिए भी संतों ने चेताया है।
काँग्रेस, वामपंथ एवं अर्बन नक्सली अपने नित नए षडयंत्रों के माध्यम से हिन्दू समाज के मध्य दरार पैदा करने में जुटे हैं। हाथरस की घटना के माध्यम से उत्तर प्रदेश को जातीय दंगों में झोंकने का असफल प्रयास किस प्रकार किया गया, हम सब ने देखा ही है। बेटी चाहे बल्लभगढ़ की हो या हाथरस की, आदिकाल से ही नारी सम्मान हिन्दू समाज की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। इतिहास के दो बड़े युद्ध रामायण और महाभारत नारी सम्मान हेतु ही लड़े गए थे।
पश्चिम बंगाल एवं केरल में एक ओर हिन्दुओं की हत्या व लूट-पाट की घटनाएं आम हैं वहीं हमारी परम्परा, रीति-रिवाज, मठ-मन्दिर एवं साधु-सन्तों को बदनाम करने के वामपंथी लेखकों, विचारकों या बुद्धिजीवियों के षडयन्त्र सुनियोजित ढंग से जारी हैं। हिन्दू समाज को इनके विरुद्ध न केवल जागृत रहने अपितु, प्रबल विरोध करने की भी आवश्यकता है।
बैठक में हिन्दू समाज से आह्वान किया गया कि वह सभी जातीय भेदभाव मिटाकर समरस समाज बना अपनी परिवार परम्पराओं को पुनः स्नेह और धर्म-पालन से मजबूत करे, जिससे बहन-बेटियों को किसी के बनावटी प्रेमजाल में पड़ने से बचाया जा सके। पूज्य संतों ने कुछ पीढ़ियों से मुसलमान या ईसाई बने बन्धुओं से अपने स्वधर्म में ससम्मान लौटने का आह्वान भी किया।
संतों ने विहिप को अपना आशीर्वाद देते हुए कहा कि उसने 492 वर्षों के कलंक को मिटाने के लिए सन्तों के आदेश से न्यायालय से लेकर ग्राम-ग्राम तक इस धर्मयुद्ध को लड़ा। अब वह विश्व के प्रत्येक हिन्दू से सम्पर्क कर श्रीराम मन्दिर निर्माण हेतु धन संग्रह के पुनीत कार्य में लगे। देश के सभी सन्त भी इस पुण्य कार्य में स्वयं लगेंगे। संतों ने विश्व के रामभक्तों से मन्दिर निर्माण हेतु उदारतापूर्वक दान देने का आह्वान भी किया।

10 व 11 नवंबर 2020 को दिल्ली के विश्व जागृति मिशन बक्करवाला में सम्पन्न हुए उपवेशन में देशभर के संत समाज से जुड़े विविध मत-पंथ-संप्रदाय, मठ, भाषा, व क्षेत्रों से पधारे लगभग 150 पूज्य संतों ने मार्गदर्शन किया। इसमें जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती जी महाराज, जूना अखाड़ा हरिद्वार के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि जी महाराज, जगतगुरु माधवाचार्य, पेजावर उड़प्पी के विश्व प्रसन्न तीर्थ, अयोध्या से जगतगुरु रामानुजाचार्य, वासुदेवानंद जी महाराज, महाराष्ट्र से स्वामी भास्करानंद जी महाराज, बेंगलुरु से निर्मलानंद नाथ जी महाराज, काशी से पूज्य स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती जी महाराज, जबलपुर से महामंडलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानंद जी महाराज, गुरुकुल प्रभात आश्रम मेरठ से स्वामी विवेकानंद जी महाराज तथा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंददेव गिरि जी महाराज, सहित अनेक संत उपस्थित थे।
पूज्य स्वामी अवधेशानंद गिरि जी महाराज की अध्यक्षता में सम्पन्न उद्घाटन सत्र को विहिप कार्याध्यक्ष एडवोकेट श्री आलोक कुमार के उदवोधन के साथ प्रारंभ किया गया। विहिप उपाध्यक्ष व श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री श्री चंपत राय, विहिप उपाध्यक्ष श्री ओमप्रकाश सिंहल, संगठन महामंत्री श्री विनायकराव देशपांडे, संयुक्त महामंत्री स्वामी विज्ञानानन्द, श्री राघवल्लू व श्री कोटेश्वर शर्मा तथा अखिल भारतीय धर्माचार्य संपर्क प्रमुख श्री अशोक तिवारी के अलावा विहिप के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे।

विश्व हिन्दू परिषद केन्द्रीय मार्गदर्शक मण्डल बैठक, 10 – 11 नवम्बर, 2020 में पारित प्रस्ताव