विहिप कार्याध्यक्ष एडवोकेट श्री अलोक कुमार का प्रेस वक्तव्य

मंगलुरू। दिसम्बर 29, 2019। मध्वाचार्य पेजावर पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी विश्वेशतीर्थ जी महाराज को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुये विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के अंतर्राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष एडवोकेट श्री अलोक कुमार ने आज कहा कि पूज्य स्वामी जी श्रीराम जन्मभूमि आन्दोलन के महानायक थे। उडुपी में हुई धर्मसंसद में उन्होंने ही ’हिन्दवः सोदराः सर्वे, न हिन्दू पतितो भवेत्‘ का मूल मंत्र दिया था। देश में जातिगत भेदभाव दूर कर समरस समाज के निर्माण के लिये उन्होंने जीवन भर परिश्रम किया। उडुपी की धर्मसंसद में ही पूज्य स्वामी जी ने संविधान के अनुच्छेद 29 व 30 में वर्णित अधिकारों का विस्तार सभी भारतीयों के लिये किये जाने की मांग भी रखी थी। हमें उनका आशीर्वाद व मार्गदर्शन सदैव मिलता रहा। विहिप उनके बताये हुए रास्ते पर आगे बढ़ेगी।
आगामी 25 मार्च को वर्ष प्रतिपदा अर्थात् नववर्ष, 2 अप्रैल को श्रीराम नवमी तथा 8 अप्रैल को हनुमान जयंती है। विश्व हिन्दू परिषद हर वर्ष सम्पूर्ण देश में इस दौरान श्रीरामोत्सव के कार्यक्रम करती है। मंदिर निर्माण की बधायें दूर हो चुकी हैं। रामजी चाहेंगे तो तब तक अयोध्या में जन्मभूमि पर भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण का कुछ कार्य प्रारंभ हो सकता है। हम दुनिया भर के हिन्दू समाज से आग्रह करते हैं कि इस बार श्रीरामोत्सव पूरे आनन्द के साथ प्रत्येक हिन्दू घर में, प्रत्येक मंदिर में व हर गांव में सामूहिक तौर पर मनाया जाए। जितने भी गांवों से पूजित शिलाएं अयोध्या गयीं थीं उन सभी में बड़े-बड़े समारोह होंगे।

यह श्रीराम मंदिर देश को राष्ट्र मंदिर की ओर ले चलेगा। विहिप इसके निर्माण के साथ-साथ :

01. जातिगत व अन्य भेदभाव मिटाकर भारत में समरस समाज की स्थापना के लिये काम करेगी।
02. सभी स्तरों पर भगवान श्रीराम के जीवन संस्कार व्यक्ति और परिवार अपनायें। सुगठित परिवार हों। शील व मर्यादा का पालन करें तथा उनके द्वारा महिलाओं के प्रति अपराध व अकेलेपन से उत्पन्न तनाव तथा लव जिहाद जैसी समस्यायें समाप्त होंगी।
03. सेवा के द्वारा समाज अपने वंचित बंधुओं को भोजन, कपड़ा, मकान, शिक्षा व रोजगार के अवसर प्रदान करे तथा आर्थिक व शैक्षणिक असमानतायें समाप्त हों।
इन उद्देश्यों की प्राप्ति के लिये विश्व हिन्दू परिषद निरंतर सक्रिय रहेगी।
हम लोगों ने दक्षिण भारत के तेलंगाणा व आन्ध्र प्रदेश में हिन्दू विरोधी सरकारी षड़यंत्रों के बारे में भी अपनी इस बैठक में आज एक प्रस्ताव पारित किया है। प्रस्ताव में दोनों राज्य सरकारों की हिन्दू विरोधी नीतियों के कतिपय उदाहरण देते हुए कहा गया है कि किस प्रकार ये सरकारें न सिर्फ हिन्दू मान बिन्दुओं, धर्मस्थलों, संतों व धर्मयात्राओं पर अनवरत रूप से प्रहार कर रहीं हैं बल्कि, अपनी ईसाई व मुस्लिम तुष्टिकरण की सभी हदें पार करते हुए असंवैधानिक व साम्प्रदायिक गतिविधियों को बढ़ावा भी दे रही हैं। विहिप की केन्द्रीय प्रन्यासी मंडल ने इन राज्य सरकारों को चेतावनी दी है कि वे शीघ्रातिशीघ्र इन हिन्दू विरोधी नीतियों को बंद करें अन्यथा हिन्दू समाज को जनान्दोलन के लिये विवश होना पड़ेगा। साथ ही हिन्दू समाज से भी आह्वान किया है कि वह निडर होकर इन नीतियों का प्रखर विरोध कर अपने मंदिरों, धर्म स्थलों, संस्कृति व स्वाभिमान की रक्षा करे।

 

जारीकर्ता
विजय शंकर तिवारी
प्रचार-प्रसार प्रमुख
विश्व हिन्दू परिषद

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