पालघर घटना में बलिदान हुए दोनों पूज्य संत और उनके चालक को श्रद्धांजलि

हम सब जानते हैं कि पालघर में पूज्य महंत श्री कल्पवृक्षगिरी जी महाराज, पूज्य संत श्री सुशील गिरी जी महाराज तथा उनके चालक श्री निलेश तेलगणे की निर्मम हत्या 16 अप्रैल को मध्यरात्रि में हुई थी। उनकी श्रद्धांजली का कार्यक्रम निम्नांकित पद्धति से करना है।

श्रद्धांजलि

▪ सत्संग में – 25 अप्रैल के सत्संग में (मातृशक्ति, दुर्गावाहिनी), 28 अप्रैल के साप्ताहिक मिलन में (बजरंग दल) तथा अपने प्रांत का पारिवारिक सत्संग जिस दिन निश्चित हुआ है उस सत्संग में दोनां पूज्य संतों को तथा उनके चालक को श्रद्धांजलि देकर उनकी आत्मा को शांति तथा सद्गति प्राप्त हो इसलिये प्रार्थना करनी है।

28 अप्रैल को आद्य शंकराचार्य जयंती, संत सूरदास जयंती, श्री रामानुजाचार्य जी की जयंती है।

(1) इस दिन सभी कार्यकर्ताओं ने अपने परिवार में पालघर (महाराष्ट्र) में बलिदान हुए दोनों पूज्य संत और उनके चालक को श्रद्धांजलि देकर उनकी आत्मा को शांति तथा सद्गति प्राप्त हो, ऐसी प्रार्थना करनी है।

(2) उस दिन शाम को एक समय का उपवास इस उपलक्ष्य में हम रख सकें तो अच्छा रहेगा।

(3) घर में उनको समर्पित एक दीपक भी जलाना है।

(4) अपने परिचित 5 परिवारों से संपर्क कर (फोन, सोशल मीडिया) इस श्रद्धांजलि के कार्यक्रम के लिए प्रेरित भी करना है।

ज्ञापन

▪ अपने राज्य की राजधानी के केन्द्र पर दो-तीन प्रमुख कार्यकर्ताओं द्वारा महामहिम राज्यपाल से समय लेकर पूज्य संतों की दर्दनाक हत्या के बारे में अपनी भावना को व्यक्त करते हुए महामहिम राष्ट्रपति के नाम उच्चस्तरीय जाँच, हत्यारों एवं षड्यंत्रकारियों को कड़ी सजा की माँग करते हुए ज्ञापन देना चाहिए।

▪ यही कार्यक्रम जिला स्तर पर डिएम से मिलकर करना चाहिए। मिलने का समय न मिलने पर ई-मेल से ज्ञापन भेजें। ज्ञापन देने का स्थानीय स्तर पर प्रचार करें।

अपने क्षेत्र के पूज्य संतों से सम्पर्क करके उनके आश्रमों में श्रद्धांजलि के कार्यक्रम भी आयोजित करें।

मिलिंद परांडे

महामंत्री, विश्व हिन्दू परिषद्

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