देश सहन नहीं करेगा जम्मू कश्मीर के विरुद्ध अलगाववादी सुर: आलोक कुमार

देश सहन नहीं करेगा जम्मू कश्मीर के विरुद्ध अलगाववादी सुर: आलोक कुमार

 

नई दिल्ली, 25 अगस्त, 2020 – देश के कुछ राजनैतिक दलों द्वारा जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के विरुद्ध संयुक्त घोषणा पत्र जारी किए जाने को गंभीरता से लेते हुए विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के केन्द्रीय कार्याध्यक्ष एडवोकेट श्री आलोक कुमार ने आज कहा कि विभिन्न राजनैतिक दलों द्वारा संविधान के अनुच्छेद 370 के सम्बन्ध में राज्य की पूर्व स्थिति बहाल करने की मांग ना सिर्फ देश की जनभावनाओं के विरुद्ध है अपितु भारत के संविधान, न्याय व्यवस्था तथा संसद की अवमानना के साथ-साथ देश विरोध की भी पराकाष्ठा है. उन्होंने कहा कि 6 राजनैतिक दलों के इस संयुक्त घोषणा पत्र पर अपनी सहमति व समर्थन जताते हुए कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम की तालियों ने कांग्रेस के देश विरोधी चरित्र को भी एक बार पुन: सार्वजनिक कर दिया है. साथ ही राज्य के एक पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा यह कहा जाना कि ‘इससे तो अच्छा होता कि मैं आतंकवादी बन जाता..’, बेहद शर्मनाक तथा घाटी के लोगों को आतंक की राह पर पुन: धकेलने हेतु उकसाने वाला वयान है. जम्मू कश्मीर सहित सम्पूर्ण भारत की जनता ऐसे लोगों को कभी क्षमा नहीं करेगी.
विहिप कार्याध्यक्ष ने कहा कि सम्पूर्ण जम्मू-कश्मीर (पाकिस्तान व चीन द्वारा अनाधिकृत रूप से कब्जाए गए सम्पूर्ण क्षेत्र के साथ) भारत का अभिन्न अंग है तथा उसके विषय में हर प्रकार का निर्णय लेने में संसद स्वतंत्र है. अनुच्छेद 370 के हटाने के बाद भारत के मुकुट जम्मू-कश्मीर व लद्दाख में स्थितियाँ जैसे जैसे सामान्य हो रही हैं, आम जन-जीवन पटरी पर आया है और क्षेत्र का विकास गति पकड़ने लगा है, लगता है इन अलगाव वादी विपक्षी दलों को रास नहीं आ आ रहा है.
श्री आलोक कुमार ने यह भी कहा कि दशकों से अलगाववाद व आतंकवाद के दंश को झेलते हुए देशवासी तंग आ चुके थे. 5 अगस्त 2019 के बाद से राष्ट्र-विरोधी तत्वों पर लगे अंकुश से देश कुछ राहत अनुभव कर रहा था कि अचानक एक बार पुन: इस अलगाववादी सोच ने देशवासियों को स्तब्ध व आक्रोशित कर दिया है.
विश्व हिन्दू परिषद् ने कहा है कि हालांकि ये सभी दल, अपनी ऐसी ही करतूतों के कारण, देश में पहले से ही अप्रासंगिक हो चुके हैं तथापि, असंख्य लोगों के बलिदान व सम्पूर्ण देश के 70 वर्षों के संघर्ष के बाद धारा 370 से मिली इस अभूतपूर्व स्वतंत्रता के विरोधी, इन अलगाववादी नेताओं को देश की राष्ट्रभक्त जनता समय पर समुचित जबाव भी देगी।
जारीकर्ता
विनोद बंसल
राष्ट्रीय प्रवक्ता, विश्व हिंदू परिषद
अणु डाक: vinodbansal01@gmail.com
मो।: 9810949109
@vinod_bansal

 


Separatist tune against Jammu & Kashmir is intolerable: Alok Kumar

New Delhi, 25 August 2020 – Taking gravely the issuance of the joint declaration by some political parties against the revocation of Article 370 from Jammu and Kashmir, the Central Working President of Vishva Hindu Parishad (VHP) Advocate Shri Alok Kumar today said that the demand by different political parties to restore status quo ante in relation to J&K and Article 370 of the Constitution is not only against the national public sentiment but also a contempt of the Constitution, the judiciary and the Parliament as well as the height of opposition to the country. He said that while expressing his agreement and support on this joint declaration of 6 political parties, the applause of Congress leader and former Union Minister P. Chidambaram has once again exposed the anti-national character of the Congress. Also, the avowal by a former Chief Minister of the state of J&K that ‘I wonder whether I would have been better off as a terrorist…’, is a very reprehensible and provocative statement to push the people of the valley back to the path of terror. People of Bharat (including Jammu & Kashmir), shall never let off such people.
The VHP Working President said that the whole of Jammu & Kashmir (including the territories illegally occupied by Pakistan and China) is an integral part of India and the Parliament of India is free to take all kinds of decisions about it. After the revocation of Article 370, as the situation in J&K and Ladakh – the crown of Maa Bhaarati – is getting normal, with regular life coming on track, and the development of the region picking up pace, it seems that these opposition parties standing for separatists do not like these positive developments.
Shri Alok Kumar also said that the people of the country were fed up with the brunt of separatism and terrorism for decades. From August 5, 2019, the country was feeling some relief with curbs on the anti-national elements, but as suddenly this separatist thinking has once again shown its head, it has shocked and angered the people of the country.
The Vishva Hindu Parishad said that although all these parties, due to their similar acts and handiworks, have already become irrelevant & neglected in the country, however, after the sacrifice of innumerable patriotic lives and 70 years of struggle of the entire country, the earning of this unprecedented freedom from 370 must be celebrated, and so the nationalist people of the country will give befitting reply in time to these supporters of 370 and separatist leaders!
Issued by
Vinod Bansal
National Spokesperson,
Vishva Hindu Parishad
E-Mail: vinodbansal01@gmail.com
M: 9810949109
@vinod_bansal