श्री भक्तमाल कथा का आयोजन

श्री भक्तमाल कथा (दिनांक 10 से 16 सितम्बर, 2017)
नई दिल्ली। विश्व हिंदू परिषद के केन्द्रीय कार्यालय श्री संकट मोचन आश्रम (हनुमान मंदिर), आरकेपुरम में साप्ताहिक श्री भक्तमाल की कथा का आयोजन दिव्यता के साथ चल रहा है। पूज्या दीदी माँ साध्वी ऋतम्भरा जी की परम शिष्या साध्वी संपूर्णा जी अपनी सुमधुर वाणी में भारत के भक्तों की अनुपम भक्तिगाथा की संगीतमय प्रस्तुति कर रही हैं ।
कथा के पंचम दिवस पर पूज्या दीदी माँ साध्वी ऋतम्भरा जी कथा मंडप श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर पधारीं जहाँ उनका स्वागत विहिप के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री श्री चम्पतराय जी, संगठन महामंत्री श्री दिनेश जी, केन्द्रीय उपाध्यक्ष श्री जीवेश्वर जी मिश्र, श्री धर्मनारायण जी, श्री अशोक तिवारी जी, श्री कोटेश्वर जी द्वारा किया गया ।
साध्वी जी ने अपने प्रवचन में मानवीय संवेदना और संस्कारों पर बल देते हुये अनाथालय, नारी निकेतन और वृद्धाश्रम की व्यवस्थाओं पर कुठाराघात करते हुये सनातनी परम्पराओं और संस्कारों को पोषित करने का संदेश देते हुये कहा कि हम भारतीयों के बच्चे तुलसी के पौधे हंै जिन्हें वासनाओं की शराबों से नही वरन संस्कारों के गंगा जल से सींचा जाना चाहिये । उन्होंने विहिप के द्वारा चलाये जा रहे मातृशक्ति और दुर्गावाहिनी के संस्कार केंद्रों की भूरि- भूरि प्रशंसा करते हुये ब्रह्मलीन प्रेरणापुंज अशोक सिंहल जी को स्मरण करते हुये उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
माननीय अशोक जी द्वारा ही 12-14 वर्षो पूर्व पितृ पक्ष में कथा का नियमित आयोजन प्रारम्भ कराया गया था। राम को पाना है तो वन्दे, खुद को बदलना होगा। अत्यंत मार्मिक भजन के साथ उन्होंने सबको आशीष प्रदान किया। कथा 16 सितम्बर को पूर्ण होगी, 17 को हवन, कीर्तन और भंडारे के साथ इस दिव्य अनुष्ठान की पूर्णता होगी ।

Sri Bhaktamal Katha1

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