देश की कोरोना से रक्षा, अवैध मतांतरण पर रोक व मठ-मंदिरों की मुक्ति के संकल्प के साथ पूर्ण हुई विहिप की दो दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय बैठक

प्रेस विज्ञप्ति:
देश की कोरोना से रक्षा, अवैध मतांतरण पर रोक व मठ-मंदिरों की मुक्ति के संकल्प के साथ पूर्ण हुई विहिप की दो दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय बैठक

फरीदाबाद, 18 जुलाई 2021। कोरोना से रक्षा, अवैध मतांतरण पर रोक व मठ-मंदिरों की मुक्ति के संकल्प के साथ विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय प्रन्यासी मण्डल व प्रबंध समिति की दो दिवसीय बैठक आज मानव रचना विश्व-विद्यालय फरीदाबाद में संपन्न हो गयी। बैठक की विस्तृत जानकारी देते हुए विहिप कार्याध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता श्री आलोक कुमार ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर से रक्षा व उसके विरुद्ध युद्ध का आगाज इस बैठक में हुआ है। हम देशभर की हिन्दू शक्तियों के साथ मिलकर भारत के एक लाख से अधिक गावों एवं शहरी बस्तियों में व्यापक जन-जागरण कर न सिर्फ लोगों को इससे बचाव के प्रति जागरुक करेंगे अपितु, पीड़ित परिवारों की हर सम्भव मदद भी करेंगे। इस महामारी द्वारा इस बार बच्चों को विशेष निशाना बनाए जाने की सम्भावना को देखते हुए हम महिलाओं को विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था कर रहे हैं। संकट के समय पर अकेली सरकार ही नहीं, सम्पूर्ण समाज जुटता है,तभी उससे मुक्ति मिलती है।
उन्होंने कहा कि अवैध मतांतरण एक राष्ट्रीय अभिशाप है, जिससे मुक्ति मिलनी ही चाहिए। इस पर रोक हेतु 11 राज्यों में तो कानून हैं किन्तु समस्या व षड़यंत्र राष्ट्रव्यापी हैं। इसलिए हमारी इस अन्तर्राष्ट्रीय बैठक का सर्व-सम्मत मत है कि इसके लिए केन्द्रीय कानून बनना ही चाहिए। तभी इस अभिशाप से मुक्ति मिल सकती है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के कई निर्णयों व वर्तमान परिस्थितियों से भी यह स्पष्ट हो चुका है कि केन्द्र सरकार को इस बारे में और विलम्ब नहीं करना चाहिए। हमने हिन्दू समाज से भी आह्वान किया है कि मुल्ला-मिशनरियों के भारत विरोधी व हिन्दू द्रोही षड़यंत्रों पर सजग निगाहें रखकर सभी संविधान सम्मत उपायों के माध्यम से इन पर रोक लगाए।
श्री आलोक कुमार ने यह भी कहा कि बैठक में देशभर के मठ-मंदिरों पर सरकारी नियंत्रण से मुक्ति हेतु भी एक प्रस्ताव पारित किया गया। इस प्रस्ताव में कहा गया है कि मठ-मंदिर न केवल आस्था अपितु, चिरंजीवी शक्ति के केन्द्र व हिन्दू समाज की आत्मा हैं। इन्हें सरकारी नियंत्रण में नहीं रखा जा सकता। समाज को स्वयं इनकी देख-भाल व संचालन का दायित्व सौंपना चाहिए। चिदम्बरम् नटराज मंदिर मामले सहित कई बार माननीय न्यायपालिका ने भी कहा है कि सरकारों को मंदिरों के नियंत्रण का कोई अधिकार नहीं है इसलिए विश्व भर से जुड़े विहिप कार्यकर्ताओं ने एक स्वर से अपील करते हुए केन्द्र सरकार से कहा है कि इस हेतु भी एक केन्द्रीय कानून बनाकर मठ-मंदिरों व धार्मिक संस्थाओं को सरकार नियंत्रण से मुक्ति दिलाकर हिन्दू समाज को सौंपा जाए ताकि संत और भक्त इनकी धार्मिक व प्रशासनिक व्यवस्थायें वहां की समाजोन्मुखी व संस्कारक्षम परम्पराओं को पुनः स्थापित कर सकें।
बैठक में लगभग 50 केन्द्रीय व क्षेत्रीय पदाधिकारी कोरोना नियमों का पालन करते हुए व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहे तथा शेष लगभग 350 प्रांतीय अधिकारी व भारत के बाहर के पदाधिकारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े।

जारीकर्ता:
विजय शंकर तिवारी
अ0भा0 प्रचार-प्रसार प्रमुख

Press release –

*The two-day international meeting of VHP concluded with resolutions on protection from COVID-19 pandemic, prevention of illegal conversions and liberation of monasteries and temples.*

Faridabad, 18 July 2021 – The two-day meeting of the Central Board of Trustees and the Governing Council of Vishva Hindu Parishad (VHP) held at Faridabad, Haryana, concluded today with the resolutions for protection against Corona pandemic; prevention of illegal religious conversions and liberation of Mutt-Mandirs (monasteries and temples). Giving detailes of the meeting, the Working President of Vishva Hindu Parishad, Senior Advocate Shri Alok Kumar said that this meeting raised a war cry for protection against the Corona infections and against the possible third wave of this COVID-19 pandemic. “We, in association with all Hindu Shaktis, shall not only undertake mass awareness campaigns in more than 100,000 villages and urban settlements to make people aware of preventive measures, but also extend all possible help to the families of the victims”, he said. He further said, “In view of the possible third wave of the pandemic anticipated to make children a special target, we are arranging to give special training to women. During times of crisis, not the government alone, but now the entire society shall get together against Corona!”
He said, “Illegal religious conversion is a national curse and the nation must get liberated from it. In 11 States for its prevention there are laws, but the problem and conspiracy is nationwide. This international meeting is, therefore, of the unanimous view that a central law should be made against it, and only then there will be freedom from this curse.” “From some verdicts of the Hon’ble Supreme Court and also the present experiences and situations, the message goes absolutely clear that the central government should not delay the matter any more. We have also called upon the Hindu society to remain ever watchful about the anti-Bharat and anti-Hindu conspiracies of the Mullah-Missionaries, and prevent it by all constitutional methods”, he said.

Shri Alok Kumar also said that “a resolution was passed to liberate all Mutt-Mandirs (monasteries and temples) from the control of governments.” This resolution said that the Mutt-Mandirs constitute the nuclei of the belief, faith and worship of the national society of Bharat and the Tripod of Sant-Shaastra-Mandir constitutes the secret of the enduring nature of the Hindu Nation and the immortality of Mrityunjayi Bharat. Such ‘spirituo-cultural’ institutions acting as the umbilical cord, spinal cord and jugular vein to national life cannot be left to be controlled by the ‘secular’ governments and often irreverent and godless agencies. The responsibility of management and administration of these core institutions of national life should be handed over to the society. The Hon’ble Courts of Law have several times said, including in the case of the Chidambaram Nataraja temple in Tamil Nadu, that the governments have no right to control the temples. The VHP Karyakartas from across the world, therefore, unanimously appealed to the central government (GOI) to make a central law to free Mutt-Mandirs and the Dharmic institutions from control of governments and hand over the same to the Hindu society, so that the Sant Fraternity and the Devotees can refurbish, do up and arrange things to restore the pristine glory of the temples and put in place mechanisms for their proper running and contribute towards social development and Sanskars [inculcation of values of refinement, grace and dignity; training in character formation].

In the meeting, about 50 central and regional office-bearers were personally present following the Corona guidelines and the remaining about 350 provincial office-bearers and office-bearers from outside Bharat virtually (online) joined the meeting.

Issued by –

Vijay Shankar Tiwari
Akhil Bharatiya Prachar Prasar Pramukh
VHP