धर्मांतरण पर रोक हेतु बने केन्द्रीय कानून : विहिप

विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ सुरेन्द्र जैन का प्रेस वक्तव्य:

धर्मांतरण पर रोक हेतु बने केन्द्रीय कानून : विहिप

नई दिल्ली। जुन 22, 2021. दिल्ली के जामिया नगर से धर्मांतरण के षड्यंत्रकारियो के पकड़े जाने से आज पूरे देश को यह स्पष्ट हो गया है कि धर्मांतरण का जाल कितना गहरा, व्यापक, घिनौना और राष्ट्रव्यापी है। ये लोग अभी तक भोले और मासूमों को अपना शिकार बनाते थे। अब वे मूक-बधिर बालकों को भी निशाना बनाने का अमानवीय अपराध कर रहे हैं। कई बच्चे लापता हैं। इनको आतंकी गतिविधियों में शामिल किए जाने की आशंका है।

इनको विदेशों से भी पैसा मिल रहा है तथा मुस्लिम समाज का एक वर्ग इनका समर्थन भी कर रहा है। इसीलिए बिना तथ्यों के जाने एक मुस्लिम नेता ने इनको निरपराध घोषित कर दिया। हो सकता है इनके बचाव के लिए ये लोग बड़ी-बड़ी फीसें देकर बड़े वकीलों की एक फौजी भी खड़ी कर दे जैसा ये पहले भी करते रहे हैं। इनका यह षड्यंत्र आज का नहीं है। इस्लाम के भारत में प्रवेश के साथ ही धर्मांतरण का कुचक्र शुरू हो गया था। इस षड्यंत्र का स्वरूप राष्ट्रव्यापी है तथा इसके कई रूप सामने आ चुके हैं। इसीलिए एक न्यायपालिका ने कहा था कि लव जिहाद धर्मांतरण का सबसे घिनौना रूप है।

कोरोना काल में पीड़ितों की सहायता के लिए संपूर्ण देश पूर्ण समर्पण के साथ जुटा है परंतु, जेहादी और मिशनरी अपने इस घिनौने एजेंडे को लागू करने में लगे हैं। उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण विरोधी कानून होने के कारण इनका यह गिरोह पकड़ा गया परंतु जहां यह कानून नहीं है, वहां तो, इनके लिए मैदान खुला है। टूल किट गैंग इनकी सहायता के लिए तत्पर रहता ही है।

विहिप का मत है कि अब धर्मांतरण के इस घिनौने स्वरूप की व्यापक जांच के लिए नियोगी कमीशन जैसा जांच आयोग बनाना चाहिए जिसका कार्यक्षेत्र संपूर्ण देश हो। नियोगी कमीशन और वेणु गोपाल कमीशन ने धर्मांतरण विरोधी केंद्रीय कानून बनाने की सिफारिश की थी। संविधान सभा के कई सदस्य भी इसी मत के थे। इसलिए केंद्र सरकार को अवैध धर्मांतरण रोकने के लिए एक कानून बनाने पर विचार करना चाहिए। धर्मांतरण के कारण देश विभाजन की एक त्रासदी झेल चुका है और जेहादी आतंकवाद की पीड़ा का सामना कर रहा है। अब भारत को इस मानवता विरोधी षड्यंत्र से मुक्त कराने का समय आ गया है।

जारी कर्ता:

विनोद बंसल, राष्ट्रीय प्रवक्ता,
विश्व हिंदू परिषद
@vinod_bansal


Press statement of Dr. Surendra Jain, Joint Gen.Sec.-VHP

VHP demands enactment of central law to stop illegal conversions

New Delhi, June 22, 2021 – With the arrest of the Conversion-Jihadists from Delhi’s Jamia Nagar, it has become unquestionably clear to the whole country as to how deep, widespread, disgusting, sickening and nationwide the trap-web of conversion is! Till now, these conversion-Jeevi elements used to target and victimize the general unsuspecting and innocent people. Now they are committing the inhuman cold-blooded crime of targeting even the deaf and dumb children! Many children are missing. They are suspected to have been engaged as canon fodders to be expended in terrorist activities.

The conversion-Jeevi elements have been getting money from abroad and also a section of the Muslim society supports them. That is why, without knowing the facts, a Muslim leader declared these Ghazwa-e-Hind Jihadists as innocent. May be, for their defence in the courts of law, these people can also line-up an army of big lawyers by paying huge fees, as they have been doing before. This conspiracy of theirs is not of today. With the entry of Islam in Bharat, the vicious cycle of conversion by force, fraud and allurement had begun. The trap-web of this conspiracy is nationwide and many more wicked, atrocious and monstrous varieties and types have come to the fore. That is why a court of law had said that “love jihad” is the most heinous form of conversion.

During the deadly times of Corona pandemic, the entire country is exercised and mobilized with full dedication to help the COVID-19 victims, but the agenda-led Jihadis and the missionaries are engaged in harvesting converts to swell up their respective folds to impress upon their foreign and domestic donors to rain on the Conversion-Jeevis more and more funds. Due to the anti-conversion law in force in Uttar Pradesh, this gang could be grabbed hold of, but where such law is non-existent, there the Conversion-Jeevis get an open terrain to creep around and convert. The Tool Kit Gang is always ready to help them.

The Vishva Hindu Parishad (VHP) is of the view that now for a comprehensive inquiry into such atrocious forms of conversion, a commission of inquiry on the lines of the Niyogi Commission should be formed and mandated with jurisdiction to cover the entire country. The Niyogi Commission and the Venu Gopal Commission had recommended the enactment of a central anti-conversion law. Many members of the Constituent Assembly were also of the same opinion. Therefore, the central government should consider enacting a law to stop illegal conversions. Bharat has suffered the tragedy of a partition due to horizontal religious conversion and has been facing the agony of Ghazwa-e-Hind Jihadi terrorism. It is about time Bharat was liberated from this anti-humanitarian conspiracy.

Released by..

Vinod Bansal, National Spokesperson
Vishva Hindu Parishad
New Delhi-65